आजकल किशोरों और युवाओं में समय से पहले बाल और दाढ़ी के सफेद होने की समस्या काफी तेजी से बढ़ रही है। इस समस्या से परेशान होकर युवा अक्सर बाल और दाढ़ी को दोबारा काला करने के लिए बाजार में मिलने वाले विभिन्न प्रकार के रसायनों, तेलों, दवाइयों और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले घरेलू नुस्खों का सहारा लेने लगते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बाहरी उपचारों के पीछे भागने से पहले इस बात को गहराई से समझना बेहद जरूरी है कि आखिर यह समस्या पैदा क्यों हो रही है। बिना मूल कारण को जाने किया गया कोई भी इलाज स्थाई समाधान नहीं दे सकता।
खराब दिनचर्या और नींद की कमी का बुरा असर
कोडरमा जिले के जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रभात कुमार ने इस समस्या के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। उन्होंने बताया कि अगर हमें अपने बालों और त्वचा को स्वस्थ रखना है, तो सबसे पहले हमें अपनी जीवनशैली और खान-पान में सकारात्मक सुधार करना होगा। जब शरीर अंदर से पूरी तरह से स्वस्थ रहेगा, तभी उसका असर बाहर भी दिखाई देगा। डॉ. प्रभात कुमार के अनुसार, आजकल लोगों की दिनचर्या बेहद अनियमित हो चुकी है और खान-पान में संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है, जिसका सीधा असर हमारे पूरे शरीर पर पड़ता है।
आजकल के दौर में बड़ी संख्या में युवा देर रात तक जागते रहते हैं और फिर सुबह बहुत देर से सोकर उठते हैं। इसका एक मुख्य कारण देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल करना या अन्य कामों में व्यस्त रहना है। इस अनियंत्रित आदत की वजह से लोगों की नींद का चक्र पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सलाह दी है कि लोगों को हर दिन समय पर और पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। इसके साथ ही अपनी पूरी दिनचर्या को व्यवस्थित रखना चाहिए ताकि शरीर की प्राकृतिक कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चल सके।
खान-पान में बदलाव और हानिकारक आदतें
चिकित्सक ने सुबह उठते ही चाय, तंबाकू या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने की आदत पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है। बहुत से लोगों को सुबह जागते ही इन चीजों की लत होती है और वे इसके बिना खुद को अधूरा महसूस करते हैं। डॉ. प्रभात कुमार ने चेतावनी दी है कि इस तरह की निर्भरता से हर हाल में बचना चाहिए, क्योंकि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और यह शरीर के पोषक तत्वों को नष्ट करता है। इसके बजाय सुबह की शुरुआत स्वस्थ और प्राकृतिक आदतों से की जानी चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने खान-पान में आ रहे बदलावों को भी इसका एक बड़ा कारण बताया है। आज की आधुनिक जीवनशैली में अधिकांश युवा हरी पत्तेदार सब्जियों और पारंपरिक रूप से खाए जाने वाले पौष्टिक भोजन से दूरी बना रहे हैं। इसकी जगह वे अधिक तला-भुना, मसालेदार और अत्यधिक नॉनवेज भोजन पसंद कर रहे हैं। डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि शरीर को पर्याप्त पोषण देने के लिए भोजन में हरी सब्जियों, ताजे फलों और अन्य आवश्यक पौष्टिक तत्वों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए ताकि बालों की जड़ों को जरूरी पोषण मिल सके।
विज्ञापनों के झांसे में न आएं, डॉक्टरी सलाह लें
बालों को असमय सफेद होने से बचाने के लिए डॉ. प्रभात कुमार ने नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करने, संतुलित और पौष्टिक आहार लेने तथा भरपूर नींद लेने को स्वस्थ जीवनशैली का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। उन्होंने बाजार में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के तेलों, एंटी-ग्रेइंग शैंपू और सप्लीमेंट्स के दावों को लेकर भी युवाओं को सचेत किया है। उन्होंने कहा कि बाजार में ऐसे कई उत्पाद बेचे जा रहे हैं जो आकर्षक विज्ञापनों के जरिए चमत्कारिक परिणाम देने का दावा करते हैं, लेकिन बिना सही जानकारी के इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी युवा के बाल या दाढ़ी कम उम्र में ही बहुत तेजी से सफेद हो रहे हों, या इसके साथ ही शरीर में अन्य लक्षण या कमजोरी दिखाई दे रही हो, तो खुद से इलाज करने के बजाय किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना ही सबसे सुरक्षित और सही तरीका है। केवल एक डॉक्टर ही जांच के बाद यह बता सकता है कि शरीर में किस विटामिन या तत्व की कमी है और उसके अनुसार सही उपचार प्रदान कर सकता है।
















