उड़ता तीर रिव्यू (2025): आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की फिल्म ने चौथे दिन की इतनी कमाईरामायण की एडवांस बुकिंग ने तोड़े रिकॉर्ड, पहले दिन 200 करोड़ की कमाई का अनुमानगूगल क्रोम के 353 सुरक्षा दोष दूर, डेस्कटॉप यूज़र्स को तुरंत नया वर्ज़न इंस्टॉल करने की सलाहलाइकिन रिव्यू (2026): एक मशरूम गार्डन जो किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा दिखता हैईशा देओल ने किसे माना बॉलीवुड का परफेक्ट हसबैंड, फिल्म प्रताप और पर्सनल लाइफ पर की खुलकर बातकिया努 रीव्स बने नेटफ्लिक्स की एक्शन थ्रिलर 'मेलस्ट्रॉम' का हिस्सा, एलन रिचसन की जगह संभालेंगे कमाननाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तअलीबाबा के नए ओपन एआई मॉडल ने बीजिंग के सर्वर पर डेटा भेजने की कोशिश की, सुरक्षा जांच में हुआ खुलासाजालंधर की गलियों से मायानगरी तक का सफर, चाय बेचने और थप्पड़ खाने से लेकर टीवी के कॉमेडी सम्राट बनने की कहानीहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्त
अरुणाचल प्रदेश के विकास और बुनियादी ढांचे पर राज्यपाल और नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठकअरुणाचल प्रदेश
18 सित॰ 2026, 9:18 pm (39 दिन पहले)· 1

अरुणाचल प्रदेश के विकास और बुनियादी ढांचे पर राज्यपाल और नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परनाइक और नीति आयोग की सदस्य जोरम अनिया ने ईटानगर के लोक भवन में मुलाकात कर राज्य में परिवहन, डिजिटल नेटवर्क और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर चर्चा की।

नीति आयोग की सदस्य जोरम अनिया ने शुक्रवार को ईटानगर स्थित लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परनाइक से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाना और सतत विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना था। दोनों पक्षों के बीच हुई इस चर्चा में राज्य की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखते हुए कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर विशेष जोर

आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बैठक में सड़क और परिवहन नेटवर्क को सुधारने, डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करते समय राज्य की प्राकृतिक पर्यावरण और सांस्कृतिक पहचान की पूरी रक्षा की जानी चाहिए।

ये भी पढ़ें

विशिष्ट भूगोल और रणनीतिक महत्व के अनुकूल विकास

मुलाकात के दौरान राज्यपाल के टी परनाइक ने एक ऐसे विकास मॉडल की आवश्यकता पर बल दिया जो अरुणाचल प्रदेश के अनूठे भूगोल, समृद्ध आदिवासी विरासत और एक सीमावर्ती राज्य के तौर पर इसके रणनीतिक महत्व को भली-भांति प्रतिबिंबित करे। उन्होंने कहा कि नीति आयोग डेटा-आधारित नीतिगत इनपुट, दीर्घकालिक योजना और मंत्रियों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से 'विकसित अरुणाचल' और 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्यों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग और प्राकृतिक क्षमताएं

राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में राज्य सरकार और लोक भवन द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र किया और राष्ट्रीय मंच पर राज्य की क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए नीति आयोग से समर्थन मांगा। उन्होंने जलविद्युत, बागवानी, जैविक खेती, बांस, औषधीय पौधों और हरित अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों का विशेष रूप से उल्लेख किया जहां राज्य को प्राकृतिक लाभ प्राप्त है। साथ ही, उन्होंने पारिस्थितिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ तालमेल बिठाते हुए नवाचार, कौशल विकास, महिला-नेतृत्व वाले विकास और युवा सशक्तिकरण पर अधिक जोर देने का आह्वान किया।

सवाल-जवाब

नीति आयोग की सदस्य जोरम अनिया ने किससे मुलाकात की?
उन्होंने ईटानगर के लोक भवन में अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परनाइक से मुलाकात की।
इस बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था?
बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और सतत विकास को मजबूत करना था।
बैठक में किन क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया गया?
सड़क परिवहन, डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर जोर दिया गया।
राज्यपाल ने नीति आयोग से किस प्रकार के सहयोग की अपेक्षा जताई?
राज्यपाल ने डेटा-आधारित नीतिगत इनपुट, दीर्घकालिक योजना और संसाधनों के जुटाव में सहायता की मांग की।
अरुणाचल प्रदेश के पास किन प्राकृतिक क्षेत्रों में लाभ है?
राज्य के पास जलविद्युत, बागवानी, जैविक खेती, बांस, औषधीय पौधों और हरित अर्थव्यवस्था में प्राकृतिक लाभ है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·38 दिन पहले

अरुणाचल प्रदेश में सीमावर्ती बुनियादी ढांचे और हरित अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए राज्यपाल और नीति आयोग की यह उच्चस्तरीय बैठक बेहद रणनीतिक कदम है। जलविद्युत, जैविक खेती और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में डेटा-आधारित नीतियों और मजबूत समन्वय के जरिए यह पहल 'विकसित भारत@2047' के राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ सीधे जुड़ती है। इस क्षेत्रीय विकास मॉडल से पूर्वोत्तर भारत के भू-राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ेंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·38 दिन पहले

अरुणाचल प्रदेश जैसे सामरिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती राज्य में बुनियादी ढांचे और डिजिटल नेटवर्क का विस्तार केवल क्षेत्रीय विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक एकीकरण का भी एक अहम हिस्सा है। जिस तरह से राज्यपाल ने जलविद्युत, हरित अर्थव्यवस्था और जैविक कृषि जैसे क्षेत्रों में प्राकृतिक लाभों को रेखांकित किया है, उससे स्पष्ट है कि राज्य में निवेश और सतत विकास की असीम संभावनाएं हैं। नीति आयोग के डेटा-आधारित हस्तक्षेप से इस पहाड़ी राज्य में आवंटन और निष्पादन की गति तेज होगी, जिससे 'विकसित भारत@2047' के विजन को धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी।

Priya Sharma@priya-sharma·38 दिन पहले

रविकेश जी के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस विकास मॉडल का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू सांस्कृतिक और पारिस्थितिक पर्यटन है। अरुणाचल की समृद्ध आदिवासी विरासत और अद्वितीय भूगोल को यदि आधुनिक डिजिटल कनेक्टिविटी और उन्नत बुनियादी ढांचे का साथ मिले, तो यह क्षेत्र देश के सांस्कृतिक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है। राज्यपाल द्वारा पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा पर दिया गया जोर यह सुनिश्चित करता है कि यहाँ का सतत विकास आधुनिकता और परंपरा का एक बेहतरीन संतुलन बने, जिससे स्थानीय युवाओं को कौशल विकास और महिला-नेतृत्व वाले विकास के माध्यम से सशक्त करने के नए अवसर मिलेंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·38 दिन पहले

अरुणाचल प्रदेश जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील सीमावर्ती राज्य में बुनियादी ढांचे और डिजिटल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नीति आयोग और राजभवन के बीच यह उच्चस्तरीय समन्वय बेहद अहम है। सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और हरित अर्थव्यवस्था व जलविद्युत जैसे प्राकृतिक लाभों का सही उपयोग करने से 'विकसित भारत@2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी। हालांकि, असली चुनौती दुर्गम भूगोल के बीच पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हुए इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की होगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·38 दिन पहले

यह उच्चस्तरीय बैठक इस बात का स्पष्ट संकेत है कि रणनीतिक क्षेत्रों में सुरक्षा और सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। पर्वतीय राज्यों में डिजिटल विस्तार और सड़क नेटवर्क का सुदृढ़ीकरण न केवल सामरिक दृष्टि से आवश्यक है, बल्कि यह सीमावर्ती बस्तियों से पलायन रोकने और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने में भी मील का पत्थर साबित होगा। केंद्र और राज्य स्तर पर डेटा-आधारित नीतियों का यह अभिसरण क्षेत्रीय असमानताओं को पाटने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp