ईटानगर में एक युवा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के टी परणैके ने कहा कि बेहतर नेतृत्व क्षमता के लिए विद्यार्थियों को संवाद कौशल, अनुशासन, सत्यनिष्ठा और समस्याओं को सुलझाने की कला विकसित करनी चाहिए। राजभवन से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने पापुम पारे जिले के बालिजान में आयोजित एक राज्य स्तरीय युवा नेतृत्व शिविर में यह बात कही।
चार दिवसीय युवा शिविर की रूपरेखा
यह चार दिवसीय शिविर 'स्प्रेड योर विंग्स' नाम से 22 अक्टूबर को बालिजान के विवेकानंद केंद्र विद्यालय में शुरू हुआ था। इस आयोजन की जिम्मेदारी विवेकानंद केंद्र विद्यालय अरुणाचल प्रदेश ट्रस्ट ने उठाई थी, जिसके तहत राज्य भर के विभिन्न विद्यालयों से कुल 145 विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
पढ़ने-लिखने की आदत और मानसिक संतुलन
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए राज्यपाल ने नियमित तौर पर पढ़ने और लिखने की आदत डालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इन आदतों से ज्ञान का दायरा बढ़ता है, शब्दावली सुधरती है और विचारों को आत्मविश्वास के साथ व्यक्त करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, उन्होंने युवाओं को तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी शांत रहने और अपने लक्ष्यों पर डटे रहने की नसीहत दी।
समस्या समाधान और सत्यनिष्ठा का महत्व
नेतृत्व में समस्या निवारण की भूमिका पर जोर देते हुए राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाने और समय पर सही निर्णय लेने की जरूरत बताई। परणैके ने सत्यनिष्ठा, विश्वास, विनम्रता, साहस और प्रतिबद्धता जैसे मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि नेतृत्व का आधार विशेषाधिकारों का उपभोग नहीं बल्कि जिम्मेदारी और सेवाभाव होना चाहिए।
राष्ट्र निर्माण और प्रेरणा
राज्यपाल ने युवाओं को अपनी बुद्धिमत्ता के साथ अपने जुनून को भी आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। 'लव इंडिया' थीम पर आधारित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं की क्षमताओं को निखारना और उन्हें राष्ट्र कल्याण के लिए प्रेरित करना था। इस अवसर पर उन्होंने विवेकानंद केंद्र को युवाओं की आकांक्षाओं को सही दिशा देने वाला एक बेहतरीन मंच बताया।
अन्य प्रमुख गतिविधियां
इस कार्यक्रम से इतर, राज्य में अन्य सकारात्मक पहल भी की जा रही हैं। इस सिलसिले में भारतीय सेना और रन मॉंक्स ने अरुणाचल में अपनी तरह की पहली 'मेनचुका वेलोर रन' का आयोजन किया था। साथ ही, सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि रिपोर्टों में यह चेतावनी दी गई है कि चीन अरुणाचल प्रदेश से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास तिब्बतियों को फिर से बसा रहा है।



















