अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले में प्रस्तावित सियांग बांध परियोजना के विरोध में भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने कुल 26 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में पांच नाबालिग भी शामिल हैं। यह कार्रवाई 23 अक्टूबर को पासीघाट में हुए उपद्रव के सिलसिले में की गई है। इस घटना के बाद से इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस प्रशासन पूरी मुस्तैदी से हालात पर नजर बनाए हुए है।
हिरासत और दर्ज मामले
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस हिंसा से जुड़े मामलों में छह अन्य व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पूर्वी सियांग के पुलिस अधीक्षक पंकज लांबा द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस पूरी घटना के सिलसिले में कुल आठ मामले दर्ज किए गए हैं। ये सभी मामले भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन सभी आठ मामलों की जांच अभी जारी है। हालांकि गोपनीयता और नियमों का हवाला देते हुए पकड़े गए पांचों नाबालिगों की पहचान, उनके माता-पिता के नाम और पतों का खुलासा नहीं किया गया है।
कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल
इस बीच सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट को लेकर बढ़ते विरोध के बीच दो प्रमुख कार्यकर्ता पुलिस हिरासत में भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। जाने-माने बांध विरोधी कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता एबो मिलि और उनके साथी कार्यकर्ता ओतुल जेरांग इस समय पासीघाट पुलिस की हिरासत में हैं। इन दोनों कार्यकर्ताओं ने सोमवार सुबह से ही अपनी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। सियांग क्षेत्र में इस मेगा बांध परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन काफी तेज हो गया था, जिसके बाद शनिवार रात को हुई हिंसा के सिलसिले में एबो मिलि और ओतुल जेरांग ने खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
पुलिस की शांति की अपील
पूर्वी सियांग पुलिस ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया है कि वे जांच के इस दौर में किसी भी प्रकार की असत्यापित जानकारी को साझा करने से बचें। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि क्षेत्र मेंF शांति और सद्भाव कायम रह सके।



















