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बलिया में योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, बोले- यूपी में अब वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया नहीं बल्कि वन मेडिकल कॉलेज हैउत्तर प्रदेश
29 अग॰ 2026, 3:23 pm (14 दिन पहले)· 2

बलिया में योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान, बोले- यूपी में अब वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया नहीं बल्कि वन मेडिकल कॉलेज है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया में एक जनसभा के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में अब माफियाओं के दिन लद चुके हैं और हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में आए बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया जिले में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोला और कहा कि प्रदेश में अपराध और अराजकता का दौर अब पूरी तरह से पीछे छूट चुका है।

विकास परियोजनाओं की सौगात

अपने बलिया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने 305 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बलिया की धरती पर अब महर्षि भृगु के नाम पर एक नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी शुरू होने जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी।

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माफिया राज और सुरक्षा पर कड़े प्रहार

सीएम योगी ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की संस्कृति पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, और इसकी जगह अब वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज ने ले ली है। उन्होंने दावा किया कि आज के समय में अपराधी और माफिया या तो मिट्टी में मिल चुके हैं या फिर उनकी जगह जेल की सलाखों के पीछे या जहन्नूम में तय हो चुकी है। पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पहले गरीबों के हक पर डाका डाला जाता था और समाजवादी पार्टी के गुंडे बेटियों तथा व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाते थे।

जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र पर हमला

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सपा उसी कांग्रेस की पिछलग्गू बन चुकी है, जिसने कभी समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण के सपनों को चकनाचूर किया था। उन्होंने लखनऊ में बने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र का उदाहरण देते हुए बताया कि इस प्रोजेक्ट की मूल अनुमानित लागत केवल 200 करोड़ रुपये थी, लेकिन सपा सरकार के कार्यकाल में इस पर 864 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद इसे अधूरा छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के धन का इस्तेमाल पार्टी नेताओं के निजी ऐशो-आराम और लूट-खसोट के अड्डों के रूप में किया गया।

बीमारू राज्य से विकास की ओर सफर

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश में अपराधियों की समानांतर सरकार चलती थी और देश भर में राज्य को बीमारू राज्य या प्रश्न प्रदेश के रूप में देखा जाता था। लेकिन वर्तमान सरकार ने न केवल माफिया राज की कमर तोड़ी है, बल्कि पूर्वांचल और पूरे प्रदेश को इंसेफेलाइटिस जैसी घातक बीमारी से भी मुक्ति दिलाई है। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से पहले राज्य में न तो कानून का राज था, न विकास की गति थी और न ही गरीबों के लिए आवास, शौचालय, बिजली, रसोई गैस या पक्की सड़कें उपलब्ध थीं। उस दौर में शिक्षा व्यवस्था का हाल यह था कि परीक्षा केंद्र नकल के अड्डे बन चुके थे।

इंसेफेलाइटिस और पिछली सरकारों की नाकामी

संक्रामक बीमारियों के इतिहास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 जुलाई से 15 नवंबर के बीच का समय देवरिया, महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, संतकबीरनगर और बस्ती के लोगों के लिए दहशत लेकर आता था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल कोई साधारण बीमारी नहीं थी, बल्कि पिछली सरकारों की बीमार मानसिकता का परिणाम थी। उनके मुताबिक, पिछले 40 वर्षों में इस बीमारी के कारण 50 हजार से अधिक मासूम बच्चों की जान चली गई, लेकिन सपा या कांग्रेस का कोई भी शीर्ष नेतृत्व पीड़ितों की सुध लेने कभी नहीं पहुंचा।

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किस जिले में जनसभा को संबोधित किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया जिले में एक जनसभा को संबोधित किया।
बलिया में कितनी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया?
बलिया में 305 करोड़ रुपये से अधिक की 80 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।
बलिया में किस नाम से नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है?
बलिया में बाबा भृगु के नाम पर एक नए मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है।
लखनऊ में बने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र की मूल लागत कितनी थी?
जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र की मूल लागत मात्र 200 करोड़ रुपये थी, जो बाद में बढ़कर 864 करोड़ रुपये हो गई।
इंसेफेलाइटिस का प्रकोप उत्तर प्रदेश के किन जिलों में अधिक रहता था?
यह प्रकोप देवरिया, महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, संतकबीरनगर और बस्ती जिलों में भय पैदा करता था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·14 दिन पहले

बलिया में मुख्यमंत्री का यह बयान स्पष्ट करता है कि आगामी राजनीतिक रणनीति पूरी तरह से कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर के इर्द-गिर्द घूमेगी। पूर्वांचल में मेडिकल कॉलेजों का जाल बिछने से चुनावी मैदान में विपक्ष के लिए रोजगार और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर काउंटर करना और कठिन हो जाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 दिन पहले

अपराध नियंत्रण और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को जोड़कर पेश करने की यह रणनीति प्रशासनिक और चुनावी दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। जब सरकार माफिया नेटवर्क के सफाए के साथ बलिया जैसे जिलों में महर्षि भृगु के नाम पर मेडिकल कॉलेज जैसी बुनियादी संरचनाओं के विकास को सामने रखती है, तो यह सीधा संदेश देता है कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक विकास अब एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं। आने वाले समय में इस नीति का असर विपक्षी दलों के उस नैरेटिव पर पड़ेगा जो अक्सर प्रशासनिक और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की कमियों को लेकर मुखर रहता है।

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