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बारिश के बीच लखनऊ यूनिवर्सिटी के पास धंसी सड़क, पूर्व डिप्टी CM दिनेश शर्मा के घर के सामने गड्ढे में गिरे दो बाइक सवारउत्तर प्रदेश
2 सित॰ 2026, 12:00 pm (10 दिन पहले)· 5

बारिश के बीच लखनऊ यूनिवर्सिटी के पास धंसी सड़क, पूर्व डिप्टी CM दिनेश शर्मा के घर के सामने गड्ढे में गिरे दो बाइक सवार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आईटी चौराहे के पास भारी बारिश के कारण मुख्य सड़क धंस गई। सांसद दिनेश शर्मा के आवास के बाहर बने 10 फीट गहरे गड्ढे में बाइक सवार दो भाई गिरकर घायल हो गए।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मानसून की बारिश के बीच एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। शहर के बेहद व्यस्त और वीआईपी इलाके में शुमार आईटी चौराहे के पास अचानक मुख्य सड़क धंस गई। सड़क के धंसने से वहां 10 फीट से भी अधिक गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया। यह हादसा उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वर्तमान सांसद दिनेश शर्मा के आवास के ठीक सामने हुआ। देर रात बारिश के दौरान दृश्यता कम होने के कारण एक मोटरसाइकिल पर सवार दो भाई इस गहरे गड्ढे को नहीं देख पाए और सीधे उसमें जा गिरे। इस हादसे में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय नागरिकों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

रात के अंधेरे और पानी के कारण नहीं दिखा 10 फीट गहरा गड्ढा

हादसे के शिकार हुए युवकों की पहचान नितिन प्रजापति और उनके भाई के रूप में हुई है। पीड़ित नितिन प्रजापति ने आपबीती बताते हुए कहा कि वे बीती रात अपनी मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। सड़क पर लगातार तेज बारिश हो रही थी और जलभराव के कारण सड़क पर बना 10 फीट गहरा गड्ढा बिल्कुल दिखाई नहीं दे रहा था। जैसे ही उनकी बाइक आईटी क्रॉसिंग के पास पहुंची, वे अनजाने में सीधे गड्ढे में जा गिरे। बाइक गिरने के जोरदार झटके के कारण नितिन का भाई मौके पर ही बेहोश हो गया। आसपास मौजूद स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें किसी तरह गड्ढे से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने के लगभग 10 से 15 मिनट बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।

वीआईपी क्षेत्र में जलभराव और जर्जर अधोसंरचना की खुली पोल

सड़क धंसने का यह मामला लखनऊ के सबसे संवेदनशील और व्यस्त इलाकों में से एक में हुआ है। जिस स्थान पर यह गहरा गड्ढा बना, वह लखनऊ यूनिवर्सिटी के ठीक पास और कृषि निदेशक के कार्यालय मार्ग के दूसरी तरफ स्थित है। सांसद दिनेश शर्मा का आवास भी इस गड्ढे के बिल्कुल बगल में ही है। मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के वीआईपी इलाकों में नगर निगम के रखरखाव और अधोसंरचना की पोल खोल कर रख दी है। मुख्य मार्ग पर इतना बड़ा गड्ढा बनने से काफी देर तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आने जाने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। हालांकि घटना के बाद हरकत में आए नगर निगम के अमले ने आनन फानन में गड्ढे को भरने और मार्ग को समतल करने का काम पूरा किया।

कानपुर और सहारनपुर में भी सामने आ चुकी हैं सड़क धंसने की घटनाएं

उत्तर प्रदेश में बारिश के दौरान सड़क धंसने और मिट्टी धंसने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले कानपुर के जाजमऊ स्थित सरैया चौराहे पर भी अचानक मुख्य सड़क धंस गई थी। वहां सड़क के बीचोंबीच लगभग 18 फीट गहरा और 3 मीटर चौड़ा विशाल गड्ढा बन गया था। वह मार्ग जाजमऊ को सर्किट हाउस से जोड़ता है और कानपुर का एक प्रमुख वीआईपी रास्ता माना जाता है। उस समय पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से एक लेन पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी थी। स्थानीय निवासियों का आरोप था कि एक महीने पहले बने छोटे गड्ढे को बिना किसी तकनीकी जांच के जल्दबाजी में भर दिया गया था, जिसके कारण जमीन अंदर ही अंदर धंसती चली गई और 9 मकानों पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे थे। इसी तरह सहारनपुर के चिराऊ गांव में एक 30 फीट गहरे गड्ढे की मिट्टी अचानक धंस जाने से 12 साल के बच्चे और उसके चाचा की दबकर दर्दनाक मौत हो गई थी।

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सवाल-जवाब

लखनऊ में सड़क धंसने का हादसा कहाँ हुआ?
यह हादसा लखनऊ के आईटी चौराहे के पास, लखनऊ यूनिवर्सिटी के समीप और सांसद दिनेश शर्मा के घर के ठीक बाहर मुख्य मार्ग पर हुआ।
सड़क में बना गड्ढा कितना गहरा था?
सड़क धंसने के कारण वहां 10 फीट से भी अधिक गहरा गड्ढा बन गया था।
इस हादसे में कौन घायल हुआ?
मोटरसाइकिल पर सवार दो भाई, जिनमें से एक की पहचान नितिन प्रजापति के रूप में हुई, गड्ढे में गिरकर घायल हो गए।
क्या नगर निगम ने गड्ढे को ठीक कर दिया है?
हां, घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर निगम की टीम ने गड्ढे को मिट्टी और मलबे से पाट दिया है।
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