राजस्थान की राजधानी जयपुर के सेंट्रल पार्क इलाके से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के सनसनीखेज तरीके से अपहरण की कोशिश का मामला सामने आया है। कार में सवार दो अज्ञात बदमाशों ने नकली पिस्टल और धारदार चाकू दिखाकर सीए को खौफजदा किया और उसे कार में ही बंधक बनाने का प्रयास किया। हालांकि, आमेर क्षेत्र के पास दिल्ली रोड पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण अपहरणकर्ताओं के मंसूबे पूरी तरह नाकाम हो गए और उन्हें पुलिस तथा स्थानीय लोगों के डर से मौके से भागना पड़ा।
घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित सीए अपनी मर्सिडीज कार खुद चला रहा था। सेंट्रल पार्क क्षेत्र में हथियारों के बल पर कार में घुसे बदमाशों ने उसे गाड़ी आगे बढ़ाने पर मजबूर किया। खतरे के साए में कार चला रहा पीड़ित आमेर क्षेत्र में दिल्ली मार्ग की ओर बढ़ा। इसी दौरान घबराहट और हड़बड़ाहट के कारण उसकी मर्सिडीज कार एक मोटरसाइकिल से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि लग्जरी कार वहीं रुक गई। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों के जुटने की आशंका और पकड़े जाने के डर से दोनों आरोपी कार छोड़कर तुरंत फरार हो गए।
आमेर में कार दुर्घटना के बाद बदमाशों का पलायन
सड़क हादसे के बाद पीड़ित सीए किसी तरह सुरक्षित बचा और उसने तुरंत मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद पीड़ित अपने साथ हुई इस गंभीर वारदात की आधिकारिक शिकायत दर्ज कराने के लिए जयपुर के अशोक नगर पुलिस थाने पहुंचा। पीड़ित ने पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई और घटनाक्रम के संबंध में आवश्यक ब्योरा प्रदान किया, जिसके आधार पर मामले की प्राथमिक जांच शुरू की गई।
पुलिस जांच और मर्सिडीज से साक्ष्य की बरामदगी
अपहरण की कोशिश और सड़क हादसे की खबर मिलते ही आमेर थाना पुलिस की टीम तुरंत हरकत में आई। आमेर थाने के एसएचओ राजेंद्र गोदारा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस टीम ने जब दुर्घटनाग्रस्त मर्सिडीज कार की गहन तलाशी ली, तो गाड़ी के अंदर से एक नकली पिस्टल और एक चाकू बरामद हुआ। पुलिस ने इन दोनों हथियारों और दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में लेकर जांच का हिस्सा बना लिया है।
आमेर थाना पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि क्या यह वास्तव में अपहरण की साजिश थी, किसी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा था, या फिर किसी तरह का कोई खतरनाक मजाक था। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि भाग निकले बदमाशों की पहचान की जा सके और उनके सटीक मार्ग का पता लगाया जा सके।
जयपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर पूर्व में उठे सवाल
जयपुर में पुलिस कार्रवाई से जुड़ा यह कोई पहला मामला नहीं है जिसने ध्यान आकर्षित किया है। इससे पहले जयपुर के गुर्जर की थड़ी स्थित शांति नगर इलाके से वाहन चोरी की बरामदगी की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हुए थे। 2 सितंबर को एक चोरी की घटना की जांच के सिलसिले में पुलिस टीम दो संदिग्धों को पकड़ने के बाद शांति नगर पहुंची थी।
आरोप है कि पुलिसकर्मी रात के समय एक लोडिंग टेम्पो लेकर राजेंद्र शर्मा नाम के व्यक्ति के घर पहुंचे थे। वहां घर के बाहर खड़ी एक मोटरसाइकिल को पुलिसकर्मियों ने उठा लिया और उसे अपने साथ ले गए। बाद में इसी बाइक को पुलिस द्वारा झाड़ियों से बरामद दिखाया गया, जिससे पूरी कार्रवाई की निष्पक्षता और प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे थे। फिलहाल, आमेर पुलिस मर्सिडीज मामले के दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।



















