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बीकानेर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बाली के एएसपी चैन सिंह महेचा को सौंपा राष्ट्रपति पुलिस पदक, जाने उनकी उपलब्धियांराजस्थान
20 अग॰ 2026, 6:58 am (37 दिन पहले)· 1

बीकानेर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बाली के एएसपी चैन सिंह महेचा को सौंपा राष्ट्रपति पुलिस पदक, जाने उनकी उपलब्धियां

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान बीकानेर में बाली के एएसपी चैन सिंह महेचा को राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किया गया। 15 ब्लाइंड मर्डर सुलझाने और करोड़ों की जब्ती करने वाले महेचा अपने पिता के पदचिन्हों पर चलकर समाज सेवा भी कर रहे हैं।

राजस्थान पुलिस सेवा के अधिकारी और बाली के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) चैन सिंह महेचा को उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली और असाधारण सेवा रिकॉर्ड के सम्मानस्वरूप राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किया गया है। बीकानेर स्थित डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में आयोजित भव्य राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महेचा को इस पदक से अलंकृत किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्वारा प्रेषित प्रशस्ति पत्र भी उन्हें सौंपा।

पुलिस सेवा में उल्लेखनीय उपलब्धियां और ब्लाइंड मर्डर मामलों का खुलासा

एएसपी चैन सिंह महेचा का पुलिस करियर कई जटिल और चुनौतीपूर्ण मामलों को सफलता की मंजिल तक पहुंचाने के लिए जाना जाता है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने ऐसे कई संगीन अपराधों पर से पर्दा उठाया जिनमें शुरुआती तौर पर पुलिस के पास कोई सुराग मौजूद नहीं था। उनके कुशल नेतृत्व में रणनीति बनाकर कार्रवाई करते हुए कुल 15 अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) के मामलों की गुत्थी को सुलझाया गया। अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में उनकी इस कार्यशैली को काफी सराहा गया है।

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इसके अलावा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और गैरकानूनी गतिविधियों पर नकेल कसने के अभियान में भी उनकी टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। विभिन्न पुलिस कार्रवाइयों के दौरान उनकी अगुवाई में लगभग 1.74 करोड़ रुपये मूल्य का अवैध सामान जब्त किया गया। इस जब्ती में जाली भारतीय मुद्रा, नशीले व मादक पदार्थ और अवैध शराब का बड़ा जखीरा शामिल था। इन सफल कार्रवाइयों ने संगठित अपराध नेटवर्क की कमर तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पिता की प्रेरणा और पारिवारिक विरासत

चैन सिंह महेचा की सफलता की जड़ें उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि से जुड़ी हैं। उनके पिता जालम सिंह महेचा भी पुलिस विभाग में उपधीक्षक (डीएसपी) के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके थे। ग्रामीण अंचल से ताल्लुक रखने वाले जालम सिंह महेचा ने अपने पूरे सेवाकाल में पुलिस महकमे को केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज सुधार और राष्ट्र सेवा का जरिया बनाया। उनके इस समर्पण और हर स्तर पर किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें भी राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया था।

मारवाड़ क्षेत्र में जालम सिंह महेचा का व्यक्तित्व ग्रामीण युवाओं और आम जनमानस के लिए एक मिसाल बना रहा। उन्होंने न केवल कानून का पालन करवाया, बल्कि अनेक जरूरतमंद लोगों को रोजगार और दिशा प्रदान की। अपने पिता के इन्हीं उच्च आदर्शों को चैन सिंह महेचा ने अपनी प्रेरणा का स्रोत बनाया। उन्होंने बताया कि पिता द्वारा कमाए गए नाम और उनके द्वारा स्थापित जनसेवा के मानकों को आगे बढ़ाना ही उनके जीवन का मुख्य लक्ष्य रहा है, जिसकी परिणति इस राष्ट्रीय सम्मान के रूप में सामने आई है।

रक्तदान के माध्यम से समाज सेवा का संदेश

अपने पिता से मिले संस्कारों को व्यावहारिक जीवन में ढालते हुए एएसपी महेचा हर वर्ष उनकी स्मृति में बड़े पैमाने पर रक्तदान शिविर का आयोजन करते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों की मदद करना है। इस अभियान के जरिए एकत्रित रक्त थैलेसीमिया रोग से पीड़ित बच्चों और ट्रॉमा सेंटर में जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहे गंभीर मरीजों को समय पर उपलब्ध कराया जाता है।

रक्तदान के प्रति जनजागरूकता फैलाते हुए महेचा का मानना है कि मानव जीवन की रक्षा करने से बढ़कर कोई दूसरा धर्म नहीं है। रक्तदान को सबसे बड़ा दान बताते हुए वे कहते हैं कि रक्तदान करने से शरीर को किसी प्रकार का नुकसान या कमजोरी नहीं आती, क्योंकि हमारा शरीर खुद-ब-खुद नए रक्त का निर्माण कर लेता है। किसी का जीवन बचाने के लिए किया गया यह प्रयास ही समाज सेवा का सबसे पवित्र रूप है।

सवाल-जवाब

एएसपी चैन सिंह महेचा को कौन सा सम्मान मिला है?
उन्हें पुलिस सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन और उल्लेखनीय कार्यों के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।
यह पदक उन्हें किसने और कहां प्रदान किया?
बीकानेर के डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में आयोजित राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें यह पदक और प्रशस्ति पत्र सौंपा।
एएसपी चैन सिंह महेचा की मुख्य पेशेवर उपलब्धियां क्या हैं?
उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने 15 ब्लाइंड मर्डर मामलों को सुलझाया और लगभग 1.74 करोड़ रुपये की नकली मुद्रा, मादक पदार्थ तथा अवैध शराब जब्त की।
चैन सिंह महेचा के पिता कौन थे और उनका क्या योगदान था?
उनके पिता जालम सिंह महेचा पुलिस सेवा में उपधीक्षक रहे थे, जिन्हें राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया था। उन्होंने मारवाड़ में ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं को प्रेरित किया और रोजगार दिलाने में मदद की।
महेचा अपने पिता की याद में क्या सामाजिक कार्य करते हैं?
वह हर साल अपने पिता की स्मृति में एक बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर का आयोजन करते हैं ताकि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों और ट्रॉमा सेंटर के मरीजों को समय पर रक्त मिल सके।
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