अक्सर चेहरा धोने के बाद त्वचा में खिंचाव महसूस होने लगता है और प्राकृतिक चमक गायब हो जाती है। मौसम में बदलाव या गलत उत्पादों के इस्तेमाल से त्वचा का रूखा और बेजान होना एक आम समस्या है। इस परेशानी से राहत पाने के लिए महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर निर्भर रहने के बजाय किचन में मौजूद साधारण चावल का इस्तेमाल किया जा सकता है। जापान में सदियों से पारंपरिक रूप से चावल के पानी का इस्तेमाल त्वचा और बालों की खूबसूरती निखारने के लिए किया जाता रहा है। यह बेहद सस्ता और पूरी तरह से प्राकृतिक घरेलू उपाय है जिसे बिना किसी झंझट के घर पर बनाया जा सकता है।
त्वचा के लिए क्यों फायदेमंद माना जाता है चावल का पानी
जब चावल को पानी में कुछ देर के लिए भिगोया जाता है, तो उसके भीतर मौजूद कई घुलनशील पोषक तत्व पानी में मिल जाते हैं। इस तैयार घोल में भरपूर मात्रा में स्टार्च, अमीनो एसिड, विटामिन बी और विटामिन ई के घटक मौजूद होते हैं। इसके साथ ही इसमें एंटीऑक्सिडेंट गुण भी पाए जाते हैं जो त्वचा की बाहरी परत को सुरक्षित रखने और उसकी खोई हुई नमी को वापस लाने में मदद करते हैं।
चावल का पानी त्वचा के रूखेपन को कम करके उसे प्राकृतिक कोमलता प्रदान करता है। कुछ शुरुआती वैज्ञानिक अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि चावल से मिलने वाले तत्व जलन या खिंचाव महसूस कर रही त्वचा को शांत रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि यह समझना जरूरी है कि यह कोई जादुई इलाज नहीं है, बल्कि नियमित देखभाल का एक सरल सहायक तरीका है।
घर पर सादा चावल का पानी तैयार करने की विधि
इस जापानी घरेलू नुस्खे को तैयार करने की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसमें बहुत कम समय लगता है। इसे बनाने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें
- चावल की सफाई: सबसे पहले आधा कप किसी भी किस्म का साफ चावल लें। इसे सामान्य पानी से एक या दो बार अच्छी तरह धो लें ताकि उसकी सतह पर लगी धूल और अवांछित गंदगी पूरी तरह निकल जाए।
- भिगोने की प्रक्रिया: धुले हुए चावल को एक बर्तन में रखें और उसमें लगभग एक कप साफ पीने का पानी डालें। इसे करीब 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें ताकि चावल के पोषक तत्व पानी में घुल सकें।
- हल्का मसलना और छानना: आधे घंटे बाद साफ हाथों से चावल को पानी के अंदर ही हल्के से मसलें। इससे पानी का रंग हल्का दूधिया हो जाएगा। अब इस पानी को किसी महीन छलनी से छानकर एक साफ कांच के जार या बोतल में भर लें।
- पैच टेस्ट करना: तैयार पानी को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले अपनी बांह या गर्दन के छोटे से हिस्से पर लगाकर जरूर देखें ताकि यह पक्का हो सके कि आपकी त्वचा पर कोई एलर्जी या जलन तो नहीं हो रही है।
किण्वित चावल के पानी का इस्तेमाल
सादे चावल के पानी के अलावा कई लोग फर्मेंटेड यानी किण्वित चावल के पानी को ज्यादा असरदार मानते हैं। किण्वन की प्रक्रिया के दौरान इसके पोषक तत्वों की सांद्रता और प्रभावशीलता बढ़ जाती है।
किण्वित घोल बनाने के लिए छाने हुए चावल के पानी को एक साफ जार में बंद करके कमरे के सामान्य तापमान पर 24 से 48 घंटे के लिए रख दें। इस समयावधि में घोल में हल्का खट्टापन और हल्की गंध आने लगेगी जो किण्वन पूरा होने का संकेत है। इसके बाद इस पानी को तुरंत फ्रिज में रख देना चाहिए। घर पर बने इस किण्वित घोल को अधिकतम सात दिनों के भीतर इस्तेमाल कर लेना चाहिए और उसके बाद नया बैच बनाना चाहिए।
चेहरे पर लगाने का सही तरीका और सावधानियां
चावल के पानी का उपयोग करने से पहले चेहरे को किसी सौम्य क्लींजर से अच्छी तरह साफ कर लें। इसके बाद कॉटन पैड की मदद से चावल के पानी को पूरे चेहरे और गर्दन पर थपथपाते हुए लगाएं। कुछ लोग इसे चेहरे पर 15 से 20 मिनट सूखने देने के बाद सादे पानी से धो लेते हैं, जबकि कुछ लोग इसे टोनर की तरह लगाकर छोड़ देते हैं।
यदि आपकी त्वचा इसे लगाने के बाद सहज महसूस करती है, तो इसे अपने दैनिक स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि चावल का पानी चेहरे के गंभीर मुहांसों, पुरानी झाइयों या बढ़ती उम्र की झुर्रियों को पूरी तरह खत्म करने की कोई पक्की दवा नहीं है। यदि इसे लगाने के बाद त्वचा पर खुजली, लालिमा, दाने या किसी भी तरह की जलन महसूस हो, तो इसका उपयोग तुरंत बंद कर दें।
स्वच्छता और भंडारण से जुड़े नियम
घरेलू नुस्खों में स्वच्छता का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है। चावल के पानी को हमेशा अच्छी तरह धुले और सूखे कांच के कंटेनर में ही स्टोर करें। उपयोग करते समय कभी भी गीले या गंदे हाथ कंटेनर के अंदर न डालें। यदि रखे हुए पानी का रंग बदलने लगे, उसमें से तेज दुर्गंध आने लगे या उसकी बनावट चिपचिपी हो जाए, तो उसे तुरंत फेंक दें और नया घोल तैयार करें।



















