राजस्थान के अलग अलग हिस्सों से हाल ही में कई बड़ी गतिविधियां सामने आई हैं, जिनमें स्वास्थ्य केंद्र की सुरक्षा, कृषि संकट और प्रशासनिक दौरे से जुड़े मामले शामिल हैं। जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान में अचानक आग की लपटें उठने से हड़कंप मच गया, जबकि दूसरी तरफ टोंक जिले में रबी सीजन की तैयारी में जुटे किसानों को खाद के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा सीमावर्ती बीकानेर जिले में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक पद के अतिथि के आगमन को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर पूरी तैयारियां की गई हैं।
चंदवाजी स्थित निम्स अस्पताल में शॉर्ट सर्किट के बाद मची अफरा-तफरी
जयपुर ग्रामीण इलाके के अंतर्गत चंदवाजी में संचालित निम्स अस्पताल में देर रात अचानक आग लगने की घटना सामने आई। संस्थान के एक हिस्से में अचानक भड़की लपटों और तेजी से फैलते धुएं ने वहां मौजूद उपचाराधीन मरीजों, तीमारदारों और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के बीच भारी घबराहट पैदा कर दी। अस्पताल जैसे अति संवेदनशील स्थान पर आधी रात को हुए इस हादसे के कारण कुछ समय के लिए वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
हादसे की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस बल और अग्निशमन दल के वाहन फौरन घटनास्थल पर पहुंचे। दमकलकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए पानी की बौछारों से आग पर काबू पाने का काम शुरू किया, जबकि पुलिस कर्मियों ने परिसर में जुटी भीड़ को व्यवस्थित किया। काफी प्रयासों के बाद स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड के चलते किसी भी व्यक्ति को शारीरिक चोट नहीं पहुंची और न ही कोई जनहानि दर्ज हुई। प्राथमिक स्तर पर की गई पड़ताल में बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है।
टोंक में डीएपी खाद की भारी किल्लत, सड़कों पर जुटने को मजबूर किसान
उधर टोंक जिले से अन्नदाताओं की गंभीर परेशानियों को दर्शाने वाला परिदृश्य सामने आया है। जिले में डीएपी खाद की आपूर्ति बाधित होने के चलते काश्तकारों के सामने संकट खड़ा हो गया है। हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि किसान कड़ाके की ठंड की परवाह किए बिना तड़के 4 बजे से ही देवली रोड स्थित इफको केंद्र के सामने जमा हो रहे हैं। कतारों में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में महिला किसान भी अपनी बारी की प्रतीक्षा करती दिखाई दे रही हैं।
बुआई के व्यस्त समय में खेतों की देखभाल छोड़कर सड़कों पर समय बिताने को विवश किसानों का कहना है कि उन्हें भूमि की जोत के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही वितरण प्रणाली को डिजिटल बनाने के लिए शुरू की गई ऑनलाइन व्यवस्था भी बार-बार सर्वर ठप होने और तकनीकी रुकावटों के कारण प्रभावित हो रही है, जिससे काउंटर पर काम की गति बेहद धीमी हो गई है और लोगों का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का दो दिवसीय बीकानेर कार्यक्रम
प्रशासनिक मोर्चे पर, पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के बीकानेर आगमन को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं। वे 27 और 28 सितंबर को जिले के दो दिवसीय प्रवास पर पहुंच रहे हैं। निर्धारित समय सारिणी के मुताबिक वे 27 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजकर 25 मिनट पर नाल हवाई अड्डे पर उतरेंगे, जहां जिले के प्रशासनिक अधिकारी उनकी अगवानी करेंगे।
अपने इस दौरे में वे विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक आयोजनों और प्रशासनिक बैठकों में सहभागिता करेंगे। प्रथम दिन के कार्यक्रमों के समापन पश्चात वे बीकानेर सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन यानी 28 सितंबर को उनका दिल्ली रवाना होने का कार्यक्रम तय है। गणमान्य अतिथि के आगमन को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।



















