नोएडा के सेक्टर में स्थित लगभग 100 करोड़ रुपये की विशाल लागत से निर्मित इंडोर स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रोजाना सैकड़ों खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की आवाजाही वाले इस आधुनिक परिसर के पास अग्निशमन विभाग का वैध नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (फायर NOC) मौजूद नहीं है। बिना सुरक्षा मंजूरी के स्टेडियम में विभिन्न खेल और व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन लगातार जारी रहने की सूचना मिलने के बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) प्रदीप कुमार चौबे ने फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर भेजकर विस्तृत जांच कराई। निरीक्षण के दौरान परिसर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अग्नि सुरक्षा उपकरणों के ठप पड़े होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।
निरीक्षण में उजागर हुईं सुरक्षा खामियां और अक्रियाशील उपकरण
फायर विभाग की टीम द्वारा किए गए स्थल निरीक्षण में यह पाया गया कि स्टेडियम के भीतर लगे अग्निशमन उपकरण क्रियाशील अवस्था में नहीं थे। आपातकालीन स्थिति में आग बुझाने के लिए लगाए गए वाटर पाइपलाइन, फायर एक्सटिंग्विशर और अलार्म सिस्टम बंद पड़े मिले। निरीक्षकों ने पाया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक बुनियादी मानक भी पूरे नहीं किए गए थे। सुरक्षा में इस बड़ी चूक के सामने आने के बाद फायर विभाग ने स्टेडियम का प्रबंधन और संचालन करने वाली निजी एजेंसी से जवाब तलब किया है। इसके अलावा, संपत्ति के मुख्य संरक्षक नोएडा प्राधिकरण को भी पत्र जारी कर मामले से अवगत कराया गया है और सुरक्षा व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
2023 में हुआ था उद्घाटन, रोजाना 1000 लोगों की आवाजाही
इस इंडोर स्टेडियम का निर्माण कार्य नोएडा प्राधिकरण द्वारा संपन्न कराया गया था और वर्ष 2023 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसका भव्य उद्घाटन किया गया था। वर्तमान में इस स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के संपूर्ण संचालन और देखरेख का कार्य सिक्योरिटी सॉल्यूशन नामक निजी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। स्टेडियम के भीतर बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, कराटे, बॉक्सिंग और आधुनिक सुविधाओं से लैस जिम जैसी विभिन्न खेल गतिविधियां संचालित होती हैं। रोजाना सुबह से शाम तक करीब 500 से 1000 खिलाड़ी, बच्चे और आम नागरिक अभ्यास के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में बिना फायर NOC के स्टेडियम का संचालन इतने सारे लोगों की जान को सीधे तौर पर खतरे में डाल रहा है।
प्रवेश द्वार पर कैफे किचन का संचालन और सुरक्षा की अनदेखी
सुरक्षा संकट को और अधिक गहरा बनाने वाली बात यह है कि इस इंडोर स्टेडियम के ग्राउंड फ्लोर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार पर कुछ समय पहले एक व्यावसायिक कैफे चालू किया गया है। इस कैफे में बाकायदा किचन का संचालन किया जा रहा है, जहां भोजन पकाने के लिए हीटिंग उपकरण और रसोई गैस का उपयोग होता है। खेल परिसर के एंट्री गेट पर बिना अग्नि सुरक्षा क्लीयरेंस के रसोई चलाना भारी लापरवाही को दर्शाता है। नोएडा में पूर्व में भी कई इमारतों में आग लगने की दर्दनाक घटनाएं हो चुकी हैं। हाल ही में ममूरा गांव की एक इमारत में भीषण आग लगी थी, जिसमें सुरक्षा मानकों और फायर NOC न होने को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बावजूद इतने बड़े सरकारी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
जवाबदेही और भावी प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
करोड़ों रुपये की लागत से बने इस प्रतिष्ठित इंडोर स्टेडियम में अगर किसी कार्यक्रम या अभ्यास सत्र के दौरान आगजनी जैसी अप्रिय घटना घटित होती है, तो उसकी सीधी जवाबदेही किसकी तय होगी, यह एक बड़ा प्रश्न बना हुआ है। क्या इसके लिए नोएडा प्राधिकरण के जिम्मेदार अधिकारी दोषी होंगे या फिर संचालन करने वाली एजेंसी सिक्योरिटी सॉल्यूशन? बिना NOC के इतने लंबे समय से नियमित रूप से खेल गतिविधियां और व्यावसायिक कार्यक्रम संचालित होने देना प्रशासनिक ढिलाई की ओर इशारा करता है। फिलहाल नोटिस जारी होने के बाद सभी की नजरें फायर विभाग और नोएडा प्राधिकरण द्वारा की जाने वाली आगामी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई पर टिकी हैं।



















