दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों से विदाई ले चुका है, जिसमें उत्तर भारत के शेष क्षेत्र, समूचा गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई इलाके शामिल हैं। मानसून की इस वापसी के बावजूद मौसम संबंधी हलचलें पूरी तरह थमी नहीं हैं। कई राज्यों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और झोंकेदार हवाओं का सिलसिला देखने को मिल सकता है। मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई गई है।
दक्षिणी राज्यों और पूर्वोत्तर में तेज हवाओं का प्रकोप
चार अक्टूबर रविवार के दिन केरल, तमिलनाडु, कराइकल, पुडुचेरी और माहे के क्षेत्रों में भारी बारिश को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन तटीय और प्रायद्वीपीय इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण भारत के विस्तृत हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने और अचानक तेज आंधी का असर बना रह सकता है। इसके अलावा 5 अक्टूबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में छिटपुट जगहों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ आंध्र प्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ पानी बरसने की संभावना जताई गई है।
पहाड़ी इलाकों में नया दौर और मध्य भारत में हलचल
उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच वर्षा का एक ताजा दौर शुरू होने का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों की बात करें तो 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों पर वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही 6 से 8 अक्टूबर के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद के इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मध्य भारत के क्षेत्रों में 6 और 7 अक्टूबर को मौसम अचानक करवट ले सकता है, जहां छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। इस दौरान सामान्य तौर पर 40 से 50 किमी/घंटा और कुछ चुनिंदा स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और आसपास के मैदानी इलाकों का हाल
उत्तर भारत के मैदानी भागों में फिलहाल मौसम काफी हद तक साफ बना हुआ है। दिल्ली में धूप खिली रहने और मौसम के शुष्क बने रहने की संभावना है, जहां हवा की रफ्तार 20 से 22 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश में भी परिस्थितियां स्थिर हैं और राज्य भर में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। 4 से 9 अक्टूबर की अवधि के लिए पूर्वी या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी भी प्रकार की मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद, 6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी।















