देश के कई उत्तरी राज्यों से मानसूनी फुहारें थमने के बाद अब मौसमी हलचलें दक्षिण, पूर्व और पूर्वोत्तर के हिस्सों में केंद्रित हो गई हैं। पिछले चौबीस घंटों से अनेक राज्यों में लगातार मेघ बरस रहे हैं। शनिवार के ताजा अनुमान के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत के कर्नाटक व केरल, पश्चिमी तटवर्ती इलाकों, महाराष्ट्र, ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के विस्तृत क्षेत्रों में बादलों के सक्रिय रहने के प्रबल आसार हैं। इन क्षेत्रों में वर्षा के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज अंधड़ की स्थिति बन सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में सप्ताह भर की बरसात और तेज हवाओं का दौर
पूर्वोत्तर के सातों राज्यों, जिनमें असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा शामिल हैं, वहां दो से आठ अक्टूबर तक व्यापक पैमाने पर वर्षा जारी रहने का आकलन है। तीन अक्टूबर को विशेष रूप से असम और मेघालय से लेकर त्रिपुरा तक गरज-चमक के साथ जोरदार बौछारें पड़ने और आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है।
इस पूरे मौसमी तंत्र के असर से हवाओं का रुख बेहद आक्रामक हो सकता है। मैदानी व तटीय इलाकों में हवा की सामान्य रफ्तार चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहेगी, जो बढ़कर साठ किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर तक पहुंच सकती है। केरल के समुद्री और तटवर्ती इलाकों में भी तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके पचास किलोमीटर प्रति घंटे की तीव्रता को छू सकते हैं। आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के भूभागों में भी वज्रपात और गरज के साथ अंधड़ चलने का संकट बना हुआ है।
गंगा के मैदानी इलाकों से लेकर उत्तर भारत में आगे का अनुमान
सिक्किम, पश्चिम बंगाल के गंगा से सटे मैदानी क्षेत्रों तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना जताई गई है। इसके अतिरिक्त, छह से आठ अक्टूबर की समयसीमा में मौसमी गतिविधियों का दायरा पुनः विस्तृत होगा। इस अवधि में पंजाब, हरियाणा, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार तथा झारखंड के क्षेत्रों में वर्षा देखने को मिल सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद के इलाकों में भी वर्षा का दौर दर्ज किए जाने की उम्मीद है।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का हाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर के इलाकों में शनिवार को किसी भी तरह की प्रतिकूल मौसम की चेतावनी नहीं है। समूचे क्षेत्र में मौसम पूरी तरह सूखा रहने का अनुमान है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान छत्तीस डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो मौसमी सामान्य स्तर से 1.3 डिग्री अधिक रहा। राजधानी की वायु गुणवत्ता भी मध्यम दर्जे में दर्ज की गई। स्थानीय वेधशालाओं के अनुसार, लोधी रोड क्षेत्र में पारा सामान्य से तीन डिग्री चढ़कर छत्तीस डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं आया नगर केंद्र पर तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री ऊपर रहकर छत्तीस डिग्री सेल्सियस मापा गया।

















