15 अगस्त की सुबह देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम का एक बेहद अजीब रूप देखने को मिला। अमूमन अक्टूबर के महीने में दिखने वाली धुंध की मोटी परत ने स्वतंत्रता दिवस की सुबह दिल्ली-NCR के आसमान को पूरी तरह अपनी आगोश में ले लिया। कम रोशनी और धुंधले माहौल के बीच हवा में घुली भारी नमी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। एक तरफ आसमान में धुंध का पहरा था, तो दूसरी तरफ बाहर निकलते ही पसीने छुड़ाने वाली उमस ने शरीर को भाप की भट्टी जैसा महसूस कराया। मौसम का यह दोहरा मिजाज न सिर्फ असुविधाजनक है, बल्कि मानसून के इस दौर में आ रहे अप्रत्याशित बदलाव की ओर भी इशारा करता है। देश के विभिन्न हिस्सों में आज इंद्रदेव के रौद्र रूप का अंदेशा है और मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश की सख्त चेतावनी जारी की है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिन भर छाए रहेंगे बादल, हल्की से मध्यम बारिश के आसार
दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के दिन मौसम का रुख काफी संवेदनशील बना हुआ है। दिन भर आसमान में बादलों का डेरा जमा रहने की पूरी संभावना है। सुबह के समय हल्की फुहारों के कई दौर दर्ज किए जा सकते हैं, जबकि शाम ढलने तक भी रह-रहकर बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राजधानी में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की जा सकती है। तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, दर्ज किए जाने वाले तापमान की तुलना में हवा में मौजूद नमी और उमस की अधिकता लोगों को ज्यादा परेशान करेगी। सुबह के समय छाई धुंध के बाद चलने वाली गर्म हवाएं दिन भर चिपचिपाहट का अहसास कराती रहेंगी।
उत्तर प्रदेश के दोनों हिस्सों में बारिश का प्रकोप, दर्जनों जिलों में चेतावनी
उत्तर प्रदेश में 15 अगस्त का दिन मौसम के लिहाज से काफी उथल-पुथल भरा रहने वाला है। राज्य के पश्चिमी और पूर्वी, दोनों ही अंचलों में मूसलाधार बारिश की प्रबल आशंका व्यक्त की गई है। राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, गोरखपुर, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर जैसे प्रमुख शहरों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। इन इलाकों में बादलों की तेज गर्जना और बिजली की कड़क के साथ जोरदार बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। प्रादेशिक राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिल्ली की सीमा से लगे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मानसूनी गतिविधियों का सीधा असर देखने को मिलेगा, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
बिहार में 19 अगस्त तक बना रहेगा मानसून का असर, कई जिलों में भारी वर्षा का अनुमान
पूर्वी भारत के प्रमुख राज्य बिहार में भी मौसम ने करवट बदल ली है। 15 अगस्त से लेकर 19 अगस्त के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है। प्रादेशिक राजधानी पटना सहित नालंदा, दरभंगा, पूर्णिया, मुंगेर, गया, औरंगाबाद, बेगूसराय, समस्तीपुर, सहरसा और किशनगंज जिलों में बारिश की तेज गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। राजधानी पटना में अधिकतम पारा 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की उम्मीद है। बारिश के बीच लगातार बनी रहने वाली उमस से आम नागरिकों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
झारखंड में तेज हवाओं और गर्जना के साथ बारिश, 18 अगस्त तक अलर्ट जारी
झारखंड राज्य में 15 से 18 अगस्त के बीच मानसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय रहने वाली हैं। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं के थपेड़ों और बादलों की गर्जना के साथ बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। राजधानी रांची के अतिरिक्त जमशेदपुर, रामगढ़, चतरा, गुमला, पलामू, खूंटी, सरायकेला, दुमका और साहिबगंज जिलों में मौसम की स्थिति काफी नाजुक बनी रह सकती है। रांची में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। लगातार होने वाली वर्षा के कारण निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जिससे यातायात और दैनिक कार्यों में बाधा आ सकती है।
ओडिशा में उफान पर नदियां, 5 जिलों में बाढ़ का संकट और हजारों लोग विस्थापित
ओडिशा में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है, जिससे राज्य के कई जिलों में बाढ़ के हालात एक बार फिर से पैदा हो गए हैं। बालासोर, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर और क्योंझर जिले वर्तमान में बाढ़ की सबसे गंभीर चपेट में हैं। नदियों के बढ़ते जलस्तर ने स्थिति को और अधिक चिंताजनक बना दिया है। क्योंझर इलाके में बैतरणी नदी का पानी उफान मार रहा है, जिससे आसपास के रिहायशी क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। इसके अलावा, आनंदपुर रिंग तटबंध में अचानक दरार आ जाने के कारण बाढ़ी पानी तेजी से बस्तियों में प्रवेश कर गया। उधर बुधबलंग नदी भी अपने चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासनिक टीमों ने संवेदनशील क्षेत्रों से लगभग 3,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया है। मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, बरगढ़, संबलपुर और झारसुगुड़ा जिलों के लिए भारी से अति भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है।
मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में भारी बारिश का अंदेशा, मछुअरों के लिए चेतावनी
मध्य प्रदेश में भी आज मानसून का रूप बेहद आक्रामक रहने की संभावना है। राज्य के पूर्वी हिस्सों में बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे नदी-नाले उफान पर आ सकते हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और गुजरात के विभिन्न अंचलों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, समुद्र तटीय इलाकों में तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण मौसम प्रतिकूल बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी से सटे तटीय क्षेत्रों में मछुअरों को समुद्र में न जाने और विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है।



















