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ओडिशा के सरकारी अस्पताल में अमेरिकी नागरिक का हुआ मुफ्त इलाज, स्वास्थ्य सेवाओं की जमकर की तारीफओडिशा
17 अग॰ 2026, 7:42 pm (1 घंटे पहले)· 1

ओडिशा के सरकारी अस्पताल में अमेरिकी नागरिक का हुआ मुफ्त इलाज, स्वास्थ्य सेवाओं की जमकर की तारीफ

ओडिशा के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अचानक बीमार पड़े अमेरिकी नागरिक को मुफ्त और बेहतरीन इलाज मिला। उन्होंने सरकारी व्यवस्था और स्टाफ के व्यवहार की सराहना की है।

ओडिशा के नबरंगपुर जिले के भीतर स्थित पुजारीगुड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सा व्यवस्था और वहां के कर्मचारियों के मददगार रवैये ने एक विदेशी सैलानी का दिल जीत लिया है। अमेरिका के रहने वाले माइक नून पिछले एक हफ्ते से इसी इलाके में ठहरे हुए थे, जब अचानक 8 अगस्त की सुबह करीब 9:45 बजे उनकी तबियत तेजी से बिगड़ गई। उन्हें अचानक सीने में जलन, गंभीर गैस्ट्राइटिस, लगातार उल्टियां होने और शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बिना किसी देरी के तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत मोर्चा संभाला।

अस्पताल पहुंचते ही वहां तैनात चिकित्सकों ने बिना किसी विलंब के उनकी जांच की और उन्हें तुरंत ड्रिप के साथ-साथ जरूरी इंजेक्टेबल दवाएं दीं। उनकी गंभीर स्थिति को भांपते हुए उन्हें इंडोर वार्ड में भर्ती किया गया और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में लगभग डेढ़ घंटे तक रखा गया। जब उनकी सेहत में स्पष्ट सुधार देखा गया, तो उनकी अपनी इच्छा के अनुसार उन्हें जरूरी ओरल दवाएं दी गईं और अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। माइक नून ने ओडिशा सरकार की निरामया (NIRAMAYA) योजना के तहत मिली इस पूरी तरह से मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा पर गहरी संतुष्टि और खुशी व्यक्त की।

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अस्पताल से पूरी तरह स्वस्थ होकर बाहर निकलने के बाद माइक नून ने वहां के सभी डॉक्टरों, चिकित्सा कर्मियों और स्टाफ के सहयोगात्मक व्यवहार के प्रति आभार जताया। उन्होंने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उन्हें भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल के कर्मचारियों का दोस्ताना और पेशेवर रवैया बेहद पसंद आया। उनका इलाज बेहद अच्छी देखभाल के साथ किया गया और वे यहां से पूरी तरह संतुष्ट एवं खुश होकर विदा ले रहे हैं। अमेरिकी नागरिक ने अपने इस बेहतरीन अनुभव को सोशल मीडिया पर Mike Noone Visuals के हैंडल के जरिए भी साझा किया है, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।

ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ ढांचा

यह घटना इस बात का पुख्ता प्रमाण देती है कि किस तरह देश के सुदूर ग्रामीण अंचलों में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतरीन सेवाएं देने में सक्षम हैं। नबरंगपुर जैसे आदिवासी बहुल और पिछड़े माने जाने वाले जिले में एक विदेशी नागरिक को बिना किसी परेशानी के मुफ्त इलाज मिलना सरकारी स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती को दर्शाता है। आमतौर पर विदेशी नागरिक ऐसी आपात स्थितियों में निजी और महंगे अस्पतालों का रुख करते हैं, लेकिन पुजारीगुड़ा के इस केंद्र ने यह साबित कर दिखाया कि सरकारी चिकित्सा इकाइयां भी कितनी मुस्तैदी से काम कर सकती हैं।

निशुल्क योजनाओं की महत्ता

इस पूरे मामले में ओडिशा सरकार की निरामया योजना ने एक बार फिर अपनी प्रासंगिकता साबित की है, जिसके माध्यम से जरूरतमंदों को बिना किसी आर्थिक बोझ के दवाएं और उपचार मिल जाता है। माइक नून को न सिर्फ त्वरित चिकित्सा परामर्श मिला, बल्कि ड्रिप, इंजेक्शन और डिस्चार्ज के वक्त मिलने वाली ओरल दवाइयां भी पूरी तरह से मुफ्त उपलब्ध कराई गईं। बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई या लंबी कतारों के एक विदेशी सैलानी को इस तरह की सहज चिकित्सा मिलना प्रशासनिक मुस्तैदी का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि देश-विदेश के लोगों में भी सरकारी व्यवस्था के प्रति भरोसा मजबूत करता है।

सवाल-जवाब

अमेरिकी नागरिक माइक नून ओडिशा के किस जिले के अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे थे?
अमेरिकी नागरिक माइक नून ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पुजारीगुड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना इलाज कराने पहुंचे थे।
माइक नून को क्या स्वास्थ्य समस्याएं थीं, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा?
उन्हें सीने में जलन, गंभीर गैस्ट्राइटिस, बार-बार उल्टी होने और हल्के डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी की शिकायत थी।
ओडिशा सरकार की किस योजना के तहत अमेरिकी नागरिक का अस्पताल में मुफ्त इलाज किया गया?
ओडिशा सरकार की निरामया योजना के तहत अमेरिकी नागरिक का अस्पताल में पूरी तरह से मुफ्त और त्वरित इलाज किया गया।
इलाज के बाद अमेरिकी नागरिक माइक नून ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर क्या प्रतिक्रिया दी?
उन्होंने भारत की स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल कर्मचारियों के व्यवहार की सराहना की और कहा कि उनका बहुत अच्छा इलाज हुआ, जिससे वे बेहद खुश होकर जा रहे हैं।
अस्पताल से डिस्चार्ज होने से पहले माइक नून को क्या दवाएं और निर्देश दिए गए?
करीब डेढ़ घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखने और तबीयत में सुधार होने के बाद, उन्हें आगे के लिए जरूरी ओरल दवाएं देकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
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