अंडरवर्ल्ड के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई में दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़े एक बड़े मोहरे को देश वापस लाया गया है। अख्तर कासिमअली मर्चेंट नामक इस कुख्यात अपराधी को डिपोर्ट करने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते ही दबोच लिया गया। केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ महाराष्ट्र पुलिस इस वांछित शख्स की तलाश लंबे समय से कर रही थी, जो विदेश की धरती से अवैध गतिविधियों का संचालन कर रहा था।
मुंबई के रहने वाले 60 वर्षीय अख्तर मर्चेंट पर शिकंजा कसने के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी थी। मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस कमिश्नरेट के काशीमीरा थाने में उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, रंगदारी वसूलने, आपराधिक साजिश रचने और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। इन गंभीर आरोपों के अलावा उस पर संगठित अपराध से निपटने वाला सख्त कानून मकोका भी लगाया गया है, जिससे उसकी आपराधिक गतिविधियों के दायरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।
कानूनी शिकंजा कसने के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने 17 दिसंबर 2025 को उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस का प्रस्ताव भेजा था। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 1 अगस्त 2026 को इंटरपोल ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई और अख्तर के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया गया, जिसके बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके रास्ते बंद होने लगे थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह अपराधी लंबे समय से देश से बाहर रहकर दाऊद इब्राहिम के आपराधिक साम्राज्य को मजबूत कर रहा था। उसकी मुख्य भूमिका हथियारों की अवैध तस्करी और मादक पदार्थों के काले कारोबार को संभालने में थी। इसके अलावा वह भारत में सक्रिय संगठित आपराधिक सिंडिकेट को आर्थिक मदद और साजो-सामान मुहैया कराने का काम करता था।
दिल्ली के हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए जाने के बाद अब केंद्रीय एजेंसियों के साथ महाराष्ट्र की टीम उससे गहन पूछताछ कर रही है। काशीमीरा थाने की पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है, जहां उसे अदालत में पेश करके पुलिस हिरासत की मांग की जाएगी। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी के बाद विदेश में छिपे अंडरवर्ल्ड के अन्य चेहरों और हथियारों की सप्लाई चेन से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।



















