मणिपुर के विभिन्न इलाकों में सुरक्षा बलों ने एक गुप्त सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े नौ सदस्यों को धर दबोचा है। इस बड़ी संयुक्त कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों के हाथ भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री भी लगी है। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है कि यह पूरा अभियान राज्य के तीन अलग-अलग जिलों में एक साथ चलाया गया था, ताकि उग्रवादी नेटवर्क की कमर तोड़ी जा सके।
तीन जिलों में चलाया गया संयुक्त अभियान
राज्य के थौबल, काकचिंग और चुराचांदपुर जिलों को निशाना बनाते हुए यह समन्वित अभियान अमल में लाया गया। इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और राज्य के कमांडो दस्तों ने आपस में मिलकर संयुक्त टीमें बनाई थीं। रक्षा प्रवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार, असम राइफल्स के कुल छह कॉलम इस मिशन में शामिल रहे, जिन्हें स्थानीय पुलिस और कमांडो इकाइयों का पूरा समर्थन प्राप्त था। इन टीमों ने मिलकर उन संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी, जहां प्रतिबंधित संगठनों के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही थी।
प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं गिरफ्तार उग्रवादी
पकड़े गए संदिग्ध कैडरों के तार पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA और उसके राजनीतिक विंग यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी ऑफ कांगलीपाक (UPPK) के अलावा यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) से जुड़े बताए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन छापों और गिरफ्तारियों से सुरक्षा बलों को उग्रवादियों द्वारा चलाए जा रहे जबरन वसूली रैकेट, सुरक्षा निगरानी तंत्र और अवैध वित्तीय लेनदेन के चैनलों के बारे में भी महत्वपूर्ण खुफिया जानकारियां हाथ लगी हैं।
भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
तलाशी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में मारक हथियार और अन्य सैन्य साजो-सामान जब्त किया है। बरामद की गई सामग्री में एक एके-47 राइफल, एक अतिरिक्त बैरल के साथ.303 लाइट मशीन गन, तीन इंसास राइफलें, चार सिंगल-बैरल हथियार और दो 9 एमएम की पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न कैलिबर के 2,156 राउंड जिंदा कारतूस, 29 मैगजीन, 157 खाली खोखे, 1.5 किलोग्राम कमर्शियल प्लास्टिक विस्फोटक, 14 डेटोनेटर और कई आधुनिक संचार उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस को सौंपे गए आरोपी और जखीरा
कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी गिरफ्तार उग्रवादियों और बरामद किए गए हथियारों तथा विस्फोटकों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय थानों के हवाले कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक इन सभी को काकचिंग, सुग्नू, थौबल, वाइखोंग, हियांगलाम, वांगू और आरोंग के पुलिस स्टेशनों में सौंपा गया है।
शांति और सुरक्षा बनाए रखने का संकल्प
रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के बीच खुफिया जानकारी पर आधारित यह आपसी तालमेल उग्रवादी गतिविधियों को नेस्तनाबूद करने में बेहद असरदार साबित हो रहा है। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य उग्रवादी नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ना, जबरन वसूली रोकना और आम नागरिकों की सुरक्षा को पुख्ता करना है। प्रवक्ता ने कहा कि सुरक्षा बल मणिपुर में शांति, स्थिरता और जनसुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।


















