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दिल्ली के रघुबीर नगर गोदाम में ई-रिक्शा बैटरी विस्फोट, दो लोगों की दर्दनाक मौतदिल्ली
17 अग॰ 2026, 11:38 am (29 दिन पहले)· 2

दिल्ली के रघुबीर नगर गोदाम में ई-रिक्शा बैटरी विस्फोट, दो लोगों की दर्दनाक मौत

राजधानी दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में एक गोदाम के भीतर ई-रिक्शा की बैटरी फटने से भीषण आग भड़क उठी, जिसमें झुलसकर दो लोगों की जान चली गई।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके से एक दुखद दुर्घटना सामने आयी है, जहां सोमवार तड़के एक गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। इस भयंकर हादसे की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई है। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और सनसनी का माहौल है, जबकि स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गंभीरता से छानबीन में जुटी हुई हैं।

ई-रिक्शा की बैटरी फटने से फैली आग

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा दिल्ली के रघुबीर नगर स्थित एक गोदाम की पहली मंजिल पर हुआ। गोदाम की पहली मंजिल पर ई-रिक्शा की बैटरी रखी हुई थीं। तड़के अचानक इनमें से एक बैटरी में जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था।

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दमकल विभाग की चार गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

गोदाम में आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग तुरंत हरकत में आया। दमकल नियंत्रण कक्ष को सुबह 4 बजकर 42 मिनट पर इस दुर्घटना की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 4 गाड़ियां फौरन घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं। मौके पर पहुंचकर दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत का सामना करते हुए आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जाता, तब तक वह दो लोगों को अपनी चपेट में ले चुकी थी।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत

हादसे के वक्त गोदाम के अंदर मौजूद दो लोग आग और धुएं के बीच फंस गए थे। बचाव कार्य के दौरान राहत दलों ने दोनों को किसी तरह बाहर निकाला और फौरन नजदीकी गुरु गोविंद सिंह अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सुफेद (आयु 17 वर्ष), जिनके पिता का नाम मोहम्मद नसीब है, और मोहम्मद सामिद (आयु 38 वर्ष), जिनके पिता का नाम शेख रिदकी है, के रूप में हुई है। इस अचानक हुए हादसे से दोनों मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। फिलहाल दमकल और बचाव दलों द्वारा गोदाम की आगे की छानबीन की जा रही है और स्थानीय प्रशासन इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि आग लगने के असल कारण क्या थे।

सवाल-जवाब

रघुबीर नगर में यह आग कहां लगी थी?
यह आग दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में स्थित एक गोदाम की पहली मंजिल पर लगी थी।
आग लगने का मुख्य कारण क्या था?
गोदाम की पहली मंजिल पर रखी ई-रिक्शा की बैटरी में अचानक जोरदार धमाका होने से आग भड़की थी।
दमकल विभाग को घटना की सूचना कब मिली?
दमकल विभाग को सुबह 4 बजकर 42 मिनट पर आग लगने की जानकारी मिली थी।
इस हादसे में कितने वाहनों को भेजा गया?
आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 4 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था।
इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान 17 वर्षीय सुफेद और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद के रूप में हुई है।
घायलों को किस अस्पताल ले जाया गया था?
बचाव दल ने दोनों पीड़ितों को तुरंत नजदीकी गुरु गोविंद सिंह अस्पताल पहुंचाया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·28 दिन पहले

रघुबीर नगर की यह घटना शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित और गैर-मानक बैटरी भंडारण के गंभीर खतरों को उजागर करती है। घनी आबादी के बीच इस तरह के गोदाम न केवल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि ई-रिक्शा के बढ़ते चलन के बीच कार्यस्थलों पर लितिअम-आयन या अन्य बैटरी प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य बनाने की सख्त आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·28 दिन पहले

यह दुर्घटना सिर्फ एक स्थानीय अग्नि-कांड नहीं, बल्कि आवासीय और घनी आबादी वाले इलाकों में चल रहे अवैध भंडारण और कमज़ोर सुरक्षा मानकों की गंभीर नीतिगत विफलता को उजागर करती है। ई-रिक्शा बैटरी जैसी संवेदनशील और विस्फोटक सामग्री का इस तरह बिना सुरक्षा उपायों के भंडारण होना नीति निर्माताओं और नगर निगम प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है। यदि समय रहते दिल्ली के शहरी क्षेत्रों में इस तरह के व्यावसायिक गोदामों की सख्त ज़ोनिंग और सुरक्षा ऑडिट नहीं की गई, तो ऐसे हादसे महानगरों की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार प्रश्नचिह्न लगाते रहेंगे।

Aisha Khan@aisha-khan·28 दिन पहले

अर्जुन की इस बात से सहमति जताते हुए, यह हादसा सिर्फ़ एक स्थानीय दुर्घटना नहीं बल्कि हमारी शहरी जीवनशैली और सुरक्षा व्यवस्था की गहरी खामियों को बेनकाब करता है। घनी बस्तियों के बीच इस तरह के जोखिम भरे गोदामों का संचालन यह साबित करता है कि अनियंत्रित शहरीकरण किस हद तक जानलेवा साबित हो सकता है। जब तक नियमों का कड़ाई से पालन नहीं होगा और इस तरह के अवैध भंडारण पर स्थायी रोक नहीं लगेगी, तब तक बहुमूल्य जानें यूँ ही खतरे में पड़ती रहेंगी।

Rohan Verma@rohan-verma·28 दिन पहले

यह घटना आवासीय या मिश्रित इलाकों में अवैध रूप से चल रहे गोदामों और खतरनाक सामग्री के भंडारण की गंभीर समस्या को उजागर करती है। बैटरी फटने की ऐसी दुर्घटनाएं सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों की तरफ स्पष्ट इशारा करती हैं, जिस पर स्थानीय प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी होगी ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा आपदाओं को रोका जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·28 दिन पहले

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी का परिणाम है। आवासीय या मिश्रित क्षेत्रों में अनधिकृत रूप से ई-रिक्शा बैटरी का भंडारण और चार्जिंग करना एक बड़ा कानूनी अपराध है। जांच एजेंसियों को यह पता लगाना होगा कि क्या इस परिसर के पास अग्निशमन और भंडारण के वैध लाइसेंस थे या नहीं। यदि स्थानीय प्रशासन ने समय रहते इस प्रकार के अवैध गोदामों पर कार्रवाई नहीं की, तो ऐसे मामलों में आपराधिक लापरवाही के तहत सख्त कानूनी मुकदमे दर्ज होने चाहिए।

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