राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में सुबह से ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण कई प्रमुख मार्ग और निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। सड़कों पर पानी भर जाने से वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है और जगह-जगह गाड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है और लोगों को आगामी तीन दिनों तक विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
जलभराव से दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर थम गई वाहनों की रफ्तार
बारिश के कारण दिल्ली के कई महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों में स्थिति बेहद खराब हो गई है। सफदरजंग अस्पताल परिसर से लेकर प्रसिद्ध व्यापारिक केंद्र कनॉट प्लेस तक सड़कों पर कई फीट पानी जमा हो गया है। इसके अलावा सराय काले खां, कापसहेड़ा बॉर्डर और छतरपुर फार्म जैसे इलाकों में भी सड़कें पूरी तरह जलमग्न नजर आ रही हैं। सड़कों पर पानी भर जाने के कारण गढ्ढों और टूटी सड़कों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जलभराव का सीधा असर दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर पड़ा है, जहां कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियां रेंगती हुई आगे बढ़ रही हैं। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में घंटों का समय लग रहा है। पुलिस और यातायात विभाग के कर्मचारी स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लगातार गिरते पानी के कारण यातायात सुचारू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
मौसम विभाग का अनुमान और अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक अंकित ने वर्तमान मौसम चक्र की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में पिछले दिन अच्छी बारिश दर्ज की गई थी, जिसके बाद आज मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया था। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कल से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने की संभावना है, जिसके बाद अगले दो दिनों के दौरान दिल्ली में हल्की वर्षा देखने को मिल सकती है।
आईएमडी वैज्ञानिक के अनुसार, 8 अगस्त और 9 अगस्त को दिल्ली में बारिश 'हल्की' श्रेणी में सिमट जाएगी। इसके उपरांत मौसम की गतिविधि में और गिरावट आएगी और 10 अगस्त तक हल्की से बहुत हल्की बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। यद्यपि बारिश की तीव्रता कम होने की उम्मीद जताई गई है, फिर भी प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने का परामर्श दिया है।
बारिश का कहर: 9 मकान गिरे और 16 स्थानों पर उखड़े पेड़
तेज बारिश और तेज हवाओं के कारण दिल्ली में हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, कल देर रात से लेकर अब तक शहर के विभिन्न हिस्सों में मकान गिरने की 9 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इन हादसों की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीमों को मौके पर रवाना किया गया ताकि राहत और बचाव कार्य समय पर शुरू किया जा सके।
इसके साथ ही, पूरी दिल्ली में 16 अलग-अलग स्थानों पर बड़े पेड़ उखड़ने और सड़कों पर गिरने की सूचना मिली है। पेड़ गिरने की ऐसी ही एक घटना में एक रिहायशी मकान पर पेड़ आ गिरा, जिससे घर के अंदर तीन महिलाएं फंस गईं। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत राहत अभियान चलाकर तीनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। अग्निशमन विभाग और स्थानीय निकाय दल लगातार सड़कों से उखड़े पेड़ों को हटाने के काम में जुटे हुए हैं।
स्कूलों की छुट्टी को लेकर स्थिति और कांवड़ यात्रा अपडेट
दिल्ली-एनसीआर में लगातार हो रही बारिश के बीच अभिभावकों और छात्रों में स्कूलों की छुट्टी को लेकर संशय बना हुआ है। वर्तमान में दिल्ली के शिक्षा निदेशालय या नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के जिला प्रशासनों द्वारा बारिश के कारण आधिकारिक रूप से स्कूल बंद करने का कोई अलग आदेश जारी नहीं किया गया है। प्रशासन ने सलाह दी है कि अभिभावक और विद्यार्थी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और जरूरत पड़ने पर सीधे स्कूल प्रबंधन से संपर्क साधें।
हालांकि, गाजियाबाद जिले में कांवड़ यात्रा के सुगम संचालन को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पहले ही 12 अगस्त तक सभी शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर रखी है। इसके अलावा, कल महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश सरकारी और निजी स्कूलों में नियमित अवकाश रहने की पूरी संभावना है, जिससे छात्रों को थोड़ी राहत मिल सकती है।
देशभर का मौसम: कई राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
दिल्ली के अतिरिक्त देश के अन्य राज्यों में भी मानसूनी बारिश का असर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत के पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि अगले 24 घंटों के भीतर पूर्वी भारत के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) विकसित होने की प्रबल संभावना है। इस मौसमी प्रणाली के प्रभाव से गंगा के मैदानी क्षेत्रों से सटे पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की यह सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहेगी।



















