गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर के साथ ही देश में त्योंहारी सीजन का शानदार आगाज हो चुका है। इसके बाद अगले महीने यानी अक्टूबर में दुर्गा पूजा और फिर नवंबर में दीपावली तथा आस्था का महापर्व छठ पूजा आने वाली है। इन त्योहारों के दौरान लाखों लोग अपने घरों की ओर रुख करते हैं, जिसके चलते ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, यात्रा की तारीख से साठ दिन पहले ही टिकटों की बुकिंग शुरू हो जाती है। यही वजह है कि दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों ने बहुत पहले ही रिजर्वेशन कराना शुरू कर दिया था। दीपावली के समय के लिए तो लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में टिकटों की बुकिंग पूरी हो चुकी है और अधिकांश ट्रेनों में 'नो रूम' या 'रिग्रेट' की स्थिति आ गई है। छठ पूजा के पावन अवसर पर घर जाने के लिए कंफर्म टिकट पाना किसी बड़े युद्ध को जीतने जैसा हो गया है।
त्योहारों की भीड़ और सोशल मीडिया पर तेज होती चर्चा
इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को सुविधा देने के लिए भारतीय रेलवे हर साल की तरह इस बार भी विशेष त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है। लेकिन इस बीच, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक नई चर्चा ने काफी जोर प्रकट किया है। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि देश की राजधानी नई दिल्ली से बिहार की राजधानी पटना के बीच चलने वाली बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन को दो अक्टूबर दो हजार छब्बीस से पटरी पर उतारा जा सकता है। कुछ पोस्ट्स में तो इस ट्रेन के ट्रायल रन शुरू होने की बातें भी कही जा रही हैं। दरअसल, जब कामाख्या से हावड़ा के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन की चर्चा शुरू हुई थी, तभी से नई दिल्ली-पटना रूट पर भी इस आधुनिक ट्रेन को चलाने की मांग और अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, सोशल मीडिया पर किए जा रहे इन दावों के विपरीत, भारतीय रेलवे की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दिल्ली और पटना के बीच इस प्रीमियम ट्रेन को चलाने की योजना पर काम तो चल रहा है, लेकिन अभी तक इसके शुरू होने की तारीख, समय और अंतिम शेड्यूल तय नहीं किया गया है।
आठ घंटे में पूरा होगा एक हजार किलोमीटर का सफर
भारतीय रेलवे लंबी दूरी की यात्राओं को तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रहा है। इसी सिलसिले में नई दिल्ली और पटना के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शुरू करने की तैयारी की जा रही है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, यह सोलह कोच वाली अत्याधुनिक ट्रेन लगभग एक हजार किलोमीटर की लंबी दूरी को महज आठ घंटे में तय करने में सक्षम होगी। इस ट्रेन की अधिकतम गति सीमा एक सौ साठ किलोमीटर प्रति घंटा तक निर्धारित की गई है। वर्तमान समय में देश के विभिन्न रूटों पर दौड़ रही वंदे भारत ट्रेनों में केवल बैठने के लिए चेयर कार की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन इस नई ट्रेन को विशेष रूप से रात के सफर को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इसमें यात्रियों के सोने के लिए बेहद आरामदायक और आधुनिक स्लीपर बर्थ उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके शानदार इंटीरियर, सौम्य लाइटिंग और बेहतर केबिन लेआउट पर विशेष काम किया गया है ताकि यात्रियों का सफर सुखद रहे।
अत्याधुनिक सुविधाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को कई विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलने वाली हैं। ट्रेन के डिब्बों में ऑटो-सेंसिंग तकनीक से चलने वाले स्वचालित दरवाजे, बायो-डाइजेस्टर शौचालय और स्पर्श-मुक्त यानी टच-फ्री फिटिंग्स जैसी आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी। यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए बर्थ की कुशनिंग को बेहतर पैडिंग के साथ तैयार किया गया है ताकि सोते समय किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी ट्रेन में कई कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसमें दुर्घटना की स्थिति में झटके को सोखने वाले क्रैश-रेजिस्टेंट कोच, गाड़ियों की आपस में टक्कर रोकने वाला एंटी-कोलिजन सिस्टम, पूरे ट्रेन परिसर में निगरानी के लिए CCTV कैमरे और उन्नत अग्नि सुरक्षा मानकों के तहत फायर अलार्म और सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं।
संभावित शेड्यूल, किराया और यात्रियों को मिलने वाले लाभ
योजना के अनुसार, पटना और दिल्ली के बीच चलने वाली इस वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को सप्ताह में छह दिन संचालित किया जा सकता है। सोलह कोच की क्षमता होने के कारण इसमें बड़ी संख्या में बर्थ होंगी, जिससे दिल्ली-पटना जैसे व्यस्त और उच्च मांग वाले रेल मार्ग पर यात्रियों के दबाव को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। जहां तक किराए का सवाल है, रेलवे की तरफ से अभी तक इसके टिकट की कीमतों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि इसका किराया देश की अन्य प्रीमियम ट्रेनों, विशेष रूप से राजधानी एक्सप्रेस के किराए के आसपास ही रखा जाएगा। दिल्ली और बिहार के बीच लगातार यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी। रात में यात्रा करने की सुविधा से यात्रियों को किसी होटल में रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी, वे रात में ट्रेन में चढ़कर आराम से सो सकते हैं और अगली सुबह सीधे अपने गंतव्य पर पहुंच जाएंगे। पहले रेक के सफल परीक्षण के बाद दूसरे ट्रेनसेट को भी तैयार करने का काम चल रहा है और उम्मीद है कि नए साल की शुरुआत से पहले इसे आम जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा।















