बॉम्बे हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज कर ली है। साल 2020 में हुई इस घटना के छह साल बाद केंद्रीय जांच एजेंसी की इस मामले में औपचारिक एंट्री हुई है। इससे पहले की दो अलग-अलग जांचों में दिशा की मौत को एक हादसा करार दिया गया था, लेकिन अब इस नए घटनाक्रम से मामला एक बार फिर गरमा गया है।
उच्च न्यायालय के आदेश पर शुरू हुई जांच
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पिछली जांच रिपोर्टों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए मामले की बागडोर सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर रहीं दिशा सालियान की जून 2020 में मुंबई स्थित एक बहुमंजिला इमारत से गिरकर मौत हो गई थी। स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटना मानकर मामला बंद कर दिया गया था।
एफआईआर में राजनीतिक हस्तियों के नाम का उल्लेख
सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद इस पूरे मामले ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। खबरों के अनुसार दर्ज की गई एफआईआर में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख है। केंद्रीय एजेंसी अब नए सिरे से गवाहों के बयान दर्ज करने और छह वर्षों में जुटाए गए सभी फॉरेंसिक साक्ष्यों का नए सिरे से परीक्षण करने की तैयारी कर रही है।
अब तक की जांच और आगे का रास्ता
स्थानीय जांच एजेंसियों की दो अलग-अलग रिपोर्टों में किसी भी प्रकार की साजिश या अनहोनी से इनकार किया गया था। इसके बावजूद परिवार और याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए सवालों के बाद मामला उच्च न्यायालय पहुंचा। उच्च न्यायालय ने सभी पक्षों को सुनने के बाद निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई को मामला सौंपने का फैसला सुनाया। अब केंद्रीय एजेंसी शुरुआती दो जांचों के निष्कर्षों की भी समीक्षा करेगी।



















