झारखंड के धनबाद जिले में हाल ही में हुए भूली मोड़ गोलीकांड के बाद पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। बुधवार देर रात ईस्ट बसुरिया थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों और गिरोह के सदस्यों के बीच सीधी मुठभेड़ देखने को मिली। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम ने घेराबंदी करके चार कुख्यात अपराधियों को हिरासत में ले लिया। मुठभेड़ की इस कार्रवाई में दो शूटर गोली लगने से जख्मी हुए हैं, जिन्हें फौरन मेडिकल सहायता देने के लिए अस्पताल ले जाया गया।
ईस्ट बसुरिया में घेराबंदी और जवाबी फायरिंग
जांच अधिकारियों को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि भूली मोड़ पर गोलीबारी करने वाले गिरोह के सदस्य ईस्ट बसुरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत किसी ठिकाने पर छिपे हुए हैं। इनपुट की पुष्टि होते ही पुलिस दल ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। सुरक्षा बलों ने छिपे हुए बदमाशों को बिना किसी खून-खराबे के आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। हालांकि पुलिस की चेतावनी सुनने के बावजूद आरोपियों ने आत्मसमर्पण करने से साफ इनकार कर दिया और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
अपनी सुरक्षा और अपराधियों को काबू में करने के लिए पुलिस दल ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। दोनों पक्षों के बीच चली इस मुठभेड़ में दो अपराधी सीधे तौर पर जख्मी हो गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार घायल आरोपियों की पहचान चंदन ठाकुर और प्रिंस कुमार के रूप में की गई है। इस मुठभेड़ में चंदन ठाकुर के पैर और कमर के हिस्से में गोली लगी है। दूसरे घायल आरोपी को भी तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों का इलाज पुलिस की कड़ी निगरानी में चल रहा है।
भूली मोड़ गोलीबारी में निभाई थी सीधी भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया है कि भूली मोड़ इलाके में फहीम खान के भाई सहित तीन लोगों को निशाना बनाकर की गई फायरिंग में चंदन ठाकुर ने मुख्य शूटर का रोल निभाया था। वारदात के वक्त प्रिंस कुमार मोटरसाइकिल चला रहा था और उसने भी मौके पर सक्रिय भूमिका निभाई थी। पुलिस का कहना है कि उस घटना के दौरान प्रिंस ने लगभग आठ राउंड फायरिंग की थी। इस सनसनीखेज हमले के बाद से ही पुलिस की विभिन्न टीमें लगातार आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं।
घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और तकनीकी सुरागों की मदद से पुलिस ने अपराधियों के भागने के रास्ते और ठिकानों को ट्रैक किया। जब ईस्ट बसुरिया में इनपुट सटीक मिला, तो तत्काल रेड की गई जो बाद में मुठभेड़ में तब्दील हो गई।
हथियार बरामद और सिंडिकेट की पड़ताल
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल से कुल चार लोगों को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से आग्नेयास्त्र और कई जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब सभी चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि वारदात में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार कहां से जुटाए गए थे और इस नेटवर्क में कौन-कौन से अन्य लोग पर्दे के पीछे से जुड़े हुए हैं। पूछताछ के आधार पर पुलिस इस आपराधिक गिरोह के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश में जुटी है।
























