उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां अपनी पत्नी समेत तीन लोगों की जान लेने वाला मुख्य हमलावर पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। यह खूनी संघर्ष अहरौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शंभूपुर गांव में हुआ। आरोपी ने अपने ही घर पर पारिवारिक अनुष्ठान कराने पहुंचे दो पुजारियों और अपनी पत्नी को गोलियों से भून दिया था। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया और पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया।
घर में पूजा के दौरान की गई थी ताबड़तोड़ गोलीबारी
शंभूपुर गांव स्थित आवास पर धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था, जहां दो पंडित पूजा संपन्न कराने पहुंचे थे। अचानक आरोपी अरविंद सिंह ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिससे उसकी पत्नी और दोनों पुरोहितों की मौके पर ही मौत हो गई। तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने के बजाय अपने ही मकान के एक कमरे में छिप गया और बाकी बच्चों को बंधक बना लिया।
बच्चों को बनाया था बंधक, अपने ही पुत्र पर चला दी गोली
वारदात की सूचना पाकर जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो आरोपी ने बच्चों को कमरे में बंद कर रखा था। आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार के अनुसार, सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से संभालने का पूरा प्रयास किया। पुलिस टीम ने परिजनों को साथ लेकर आरोपी से लगातार बातचीत की और उससे आत्मसमर्पण करने व मासूमों को सुरक्षित रिहा करने की अपील की। इसके उलट आरोपी ने किसी की बात नहीं मानी और पुलिसकर्मियों के साथ अपने परिवार को भी जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया। इस तनावपूर्ण बातचीत के बीच ही आरोपी ने अपने सगे बेटे पर पिस्तौल तानकर गोली चला दी।
कमरे में दाखिल होते ही सुरक्षा बलों पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में हुआ ढेर
कमरे के भीतर से अचानक गोली चलने की आवाज सुनते ही पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिस के दाखिल होते ही अरविंद ने सामने मौजूद जवानों पर सीधी गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने पहले मौखिक चेतावनी दी और फिर हवा में नियंत्रित फायरिंग करके उसे रोकने का प्रयास किया, किंतु उसने लगातार गोलियां दागना जारी रखा। इसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा और अन्य बच्चों की हिफाजत सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रित जवाबी गोलीबारी की, जिसमें अरविंद गंभीर रूप से जख्मी हो गया।
अस्पताल में पिता और पुत्र दोनों ने तोड़ा दम
मुठभेड़ खत्म होने के तुरंत बाद पुलिस ने घायल बच्चे और आरोपी अरविंद दोनों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत आरोपी अरविंद सिंह और उसके घायल बेटे दोनों को मृत घोषित कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने स्पष्ट किया कि आरोपी की ओर से की गई घातक गोलीबारी और बच्चों के जीवन पर मंडराते खतरे के कारण ही जवानों को जवाबी कदम उठाना पड़ा। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।



















