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एंबुलेंस में 1000 किलोमीटर का सफर तय कर इंदौर पहुंचीं 80 साल की रिटायर्ड टीचर, प्लॉट पर कब्जे की सुनाई दर्द भरी दास्तांमध्य प्रदेश
24 जून 2026, 9:30 am (81 दिन पहले)· 3

एंबुलेंस में 1000 किलोमीटर का सफर तय कर इंदौर पहुंचीं 80 साल की रिटायर्ड टीचर, प्लॉट पर कब्जे की सुनाई दर्द भरी दास्तां

बिजनौर से करीब 1000 किलोमीटर दूर इंदौर तक एंबुलेंस से पहुंचीं 80 साल की अनीसा फातिमा ने कलेक्टर जनसुनवाई में अपने प्लॉट को कब्जे से मुक्त कराने की मांग की, जिस पर एक रिश्तेदार ने कब्जा कर लिया है।

उम्र 80 साल, शरीर साथ नहीं दे रहा, लेकिन अपने हक की लड़ाई का हौसला अब भी कायम है। मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला अपने प्लॉट पर हुए कब्जे की शिकायत लेकर एंबुलेंस में लेटे-लेटे करीब 1000 किलोमीटर का सफर तय कर इंदौर पहुंचीं और प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई।

इस पीड़िता का नाम अनीसा फातिमा है, जो पेशे से रिटायर्ड टीचर हैं। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले उन्होंने इंदौर के गांधी नगर इलाके में एक प्लॉट खरीदा था। इस प्लॉट पर दो कमरे भी बने हुए हैं। समय के साथ इस संपत्ति की देखरेख का जिम्मा उन्होंने अपने ही एक रिश्तेदार को सौंप दिया था। लेकिन भरोसे की यही डोर उनके लिए मुसीबत बन गई। आरोप है कि उसी रिश्तेदार ने धीरे-धीरे प्लॉट और दोनों कमरों पर कब्जा जमा लिया।

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शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत

अनीसा फातिमा का कहना है कि जैसे ही उन्हें कब्जे की जानकारी मिली, उन्होंने इसे हटवाने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने गांधी नगर थाने में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन उनकी परेशानी का कोई हल नहीं निकला। उनके मुताबिक पुलिस की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बुजुर्ग महिला ने यह भी आरोप लगाया कि कब्जा करने वालों की ओर से उन्हें लगातार धमकियां मिलती रहीं। इसी डर और दबाव के चलते उन्हें इंदौर छोड़कर बिजनौर में जाकर रहना पड़ा।

लंबे वक्त तक न्याय की उम्मीद टूटने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और एक बार फिर प्रशासन का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया। बढ़ती उम्र और कमजोर सेहत भी उनके इरादे को नहीं डिगा पाई।

परिजनों और वकील के साथ पहुंचीं जनसुनवाई

मंगलवार को अनीसा फातिमा अपने परिवार के सदस्यों और वकील के साथ एंबुलेंस से इंदौर पहुंचीं और कलेक्टर जनसुनवाई में अपनी शिकायत रखी। उन्होंने अधिकारियों से साफ मांग की कि उनकी संपत्ति को कब्जे से मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। एक 80 साल की महिला का इतनी दूर से एंबुलेंस में आकर इंसाफ मांगना, जनसुनवाई में मौजूद लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया।

फिलहाल अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन क्या रुख अपनाता है। देखना यह होगा कि इस बुजुर्ग महिला को कब तक न्याय मिल पाता है और उनकी संपत्ति वापस दिलाने के लिए अधिकारी कौन से कदम उठाते हैं।

सवाल-जवाब

अनीसा फातिमा कौन हैं?
वह 80 साल की एक रिटायर्ड टीचर हैं, जिनका इंदौर के गांधी नगर इलाके में एक प्लॉट है।
उन्होंने कितनी दूरी तय की और कैसे?
उन्होंने बिजनौर से इंदौर तक करीब 1000 किलोमीटर का सफर एंबुलेंस में तय किया।
उनके प्लॉट पर किसने कब्जा किया?
उनके आरोप के मुताबिक, जिस रिश्तेदार को उन्होंने संपत्ति की देखरेख का जिम्मा सौंपा था, उसी ने प्लॉट और दोनों कमरों पर कब्जा कर लिया।
उन्होंने पहले शिकायत कहां दर्ज कराई थी?
उन्होंने गांधी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उनके मुताबिक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्हें इंदौर छोड़ना क्यों पड़ा?
उनका आरोप है कि कब्जा करने वालों की ओर से लगातार धमकियां मिलने के कारण उन्हें इंदौर छोड़कर बिजनौर में रहना पड़ा।
उन्होंने जनसुनवाई में क्या मांग की?
उन्होंने मांग की कि उनकी संपत्ति को कब्जे से मुक्त कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
वह जनसुनवाई में किसके साथ पहुंचीं?
वह अपने परिवार के सदस्यों और वकील के साथ इंदौर कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचीं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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