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गाजियाबाद के कलछीना गांव में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, पुलिस बल की मौजूदगी में दूध और खोया के नमूने सीलउत्तर प्रदेश
23 अग॰ 2026, 12:29 am (21 दिन पहले)· 2

गाजियाबाद के कलछीना गांव में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, पुलिस बल की मौजूदगी में दूध और खोया के नमूने सील

गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम खाद्य सुरक्षा विभाग ने भारी पुलिस बल के साथ मिलावट के खिलाफ ताबड़तोड़ छापे मारे। इस दौरान अधिकारियों ने पांच संदिग्ध नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

गाजियाबाद: त्योहारों के नजदीक आने के साथ ही खाने-पीने की चीजों में मिलावट रोकने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में गाजियाबाद जिले के भोजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कलछीना गांव में शनिवार की देर शाम खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने औचक निरीक्षण किया। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय स्तर पर गहमागहमी का माहौल बन गया। विभाग के अधिकारियों ने गांव के विभिन्न ठिकानों पर दबिश देकर संदिग्ध खाद्य वस्तुओं की बारीकी से जांच-पड़ताल की।

भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती

कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के अवरोध से निपटने के लिए भारी मात्रा में पुलिस बल और प्रांतीय सशस्त्र बल यानी पीएसी को तैनात किया गया था। मसूरी थाने के साथ-साथ मुरादनगर थाने और आसपास के अन्य पुलिस थानों के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई ताकि पूरी प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके।

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लखनऊ और नोएडा के अधिकारी भी रहे शामिल

इस छापेमारी अभियान में केवल स्थानीय अमला ही नहीं बल्कि गाजियाबाद और नोएडा के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्तर से आई विशेष टीमें भी शामिल रहीं। सभी अधिकारियों ने संयुक्त रूप से गांवों की विभिन्न दुकानों और ठिकानों की छानबीन की। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल पांच संदिग्ध नमूने कब्जे में लिए गए, जिनमें चार नमूने शुद्ध खोये के हैं और एक नमूना दूध का शामिल है।

प्रयोगशाला में होगी नमूनों की जांच

खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने जानकारी दी है कि इन सभी नमूनों को मुक्ता परीक्षण के लिए सरकारी प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। जैसे ही प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, उसके आधार पर यह पुख्ता तौर पर तय हो सकेगा कि इन खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार की मिलावट की गई थी या नहीं। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर ही आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर हुई कार्रवाई

यह पूरा अभियान उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग के सचिव एवं आयुक्त डॉ रोशन जैकब के स्पष्ट निर्देशों के तहत चलाया गया। विभाग की कई टीमें लगातार काफी देर तक गांव के भीतर विभिन्न स्थानों पर छानबीन और सैंपलिंग के कार्य में जुटी रहीं। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद ही मिलावटखोरों पर अगली सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

त्योहारों के मौसम में बढ़ती है सक्रियता

गौरतलब है कि जैसे-जैसे विभिन्न त्योहारों का सीजन नजदीक आता है, बाजारों में मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की मांग अचानक काफी बढ़ जाती है। इस मांग को पूरा करने के लिए मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और दूध तथा खोये में बड़े पैमाने पर मिलावट करते हैं। ऐसी दूषित सामग्री से बनने वाली मिठाइयां उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डालती हैं और उन्हें गंभीर रूप से बीमार कर देती हैं। यही वजह है कि हर साल पर्वों से ठीक पहले इस तरह की व्यापक छापेमारी की जाती है ताकि मिलावट के काले कारोबार पर लगाम लगाई जा सके। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दीवाली से पहले गाजियाबाद में कुल कितना मिलावटी सामान पकड़ा जाता है।

इससे पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कड़े कदम उठाते हुए दूध और उससे जुड़े उत्पादों में मिलावटखोरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए कई उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए थे।

सवाल-जवाब

गाजियाबाद के किस गांव में खाद्य विभाग ने छापा मारा?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने गाजियाबाद के भोजपुर थाना क्षेत्र स्थित कलछीना गांव में यह छापेमारी की।
इस अभियान के दौरान कुल कितने नमूने लिए गए?
इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने कुल पांच नमूने एकत्र किए, जिनमें चार खोया और एक दूध का नमूना शामिल है।
यह कार्रवाई किसके निर्देश पर की गई?
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की सचिव एवं आयुक्त डॉ रोशन जैकब के निर्देश पर चलाई गई।
नमूनों का आगे क्या किया जाएगा?
सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है, और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·20 दिन पहले

त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा पर यह प्रशासनिक कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जनता के बीच इस तरह की छापेमारी का मनोरंजन जगत से भी गहरा नाता है। अक्सर सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और त्योहारों के विज्ञापनों में जिस शुद्धता और पारंपरिक मिठास का दावा किया जाता है, ज़मीनी हक़ीक़त इसके बिल्कुल विपरीत होती है। इस तरह के खुलासे पॉप कल्चर और विज्ञापनों की चमक-दमक के पीछे छिपे काले सच को बेनकाब करते हैं, जिससे उपभोक्ताओं में अपने खान-पान को लेकर जागरूकता बढ़ती है और वे मिलावटी उत्पादों से सतर्क होते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·20 दिन पहले

त्योहारों के नजदीक आने पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा भारी पुलिस बल और पीएसी के साथ की गई यह कार्रवाई दर्शाती है कि प्रशासनिक मशीनरी मिलावट के खिलाफ कितनी गंभीर है। लखनऊ स्तर के अधिकारियों की सीधी निगरानी और बहु-जिला पुलिस बल की तैनाती यह संकेत देती है कि राज्य सरकार इस बार त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

Ravikash Gupta@ravikash·20 दिन पहले

त्योहारों के वक्त खाद्य सुरक्षा विभाग की यह छापेमारी केवल प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि सप्लाई चेन में बैठे उन लोगों पर बड़ा आर्थिक प्रहार है जो त्योहारी मांग का फायदा उठाकर उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते हैं। इस तरह के समन्वित अभियानों से न सिर्फ मिलावटखोरों में डर पैदा होता है, बल्कि बाजार में एक स्वस्थ और पारदर्शी प्रतिस्पर्धा का संदेश भी जाता है। आने वाले दिनों में ऐसी सख्त और अचानक होने वाली चेकिंग से बाजार में नकली उत्पादों के प्रवाह पर लगाम लगेगी और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सकेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 दिन पहले

त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग और भारी पुलिस बल की यह संयुक्त कार्रवाई दर्शाती है कि प्रशासन जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क को तोड़ने के लिए कितना गंभीर है। लखनऊ स्तर के अधिकारियों की सीधी निगरानी यह संकेत देती है कि इन मामलों में एफएसडीए सख्त कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी में है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आरोपियों पर बड़े मुकदमे दर्ज हो सकते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·20 दिन पहले

यह छापेमारी केवल एक स्थानीय औचक निरीक्षण नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक तंत्र की उस कार्यशैली का हिस्सा है जो त्योहारों के इस संवेदनशील समय में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के उच्चाधिकारियों के सीधे निर्देशों पर सक्रिय हुई है। लखनऊ और नोएडा के वरिष्ठ अधिकारियों की इस संयुक्त भागीदारी और पीएसी की भारी तैनाती से यह स्पष्ट हो जाता है कि राज्य में मिलावट के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की पूरी तैयारी है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इन संदिग्ध नमूनों पर आगे की वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई किस प्रकार की जाएगी।

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