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घर पर ऐसे बनाएं झारखंड-बिहार की मशहूर पनीर खुरमा मिठाई, शेफ देवाशीष ने बताई आसान विधिझारखंड
10 सित॰ 2026, 5:09 am (15 दिन पहले)· 3

घर पर ऐसे बनाएं झारखंड-बिहार की मशहूर पनीर खुरमा मिठाई, शेफ देवाशीष ने बताई आसान विधि

झारखंड और बिहार की खास पारंपरिक मिठाई पनीर खुरमा को घर पर बेहद आसान तरीके से तैयार किया जा सकता है। बोकारो के शेफ देवाशीष ने इसकी बेहद सरल रेसिपी साझा की है।

झारखंड और बिहार के इलाकों में पनीर खुरमा एक बेहद लोकप्रिय पारंपरिक मिठाई के तौर पर जानी जाती है, जिसे लोग बेहद चाव से खाना पसंद करते हैं। इस खास मीठी डिश की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे किसी भी हलवाई की दुकान पर जाने के बजाय घर पर ही बेहद सहजता के साथ तैयार किया जा सकता है। बोकारो के जाने-माने शेफ देवाशीष ने इस लाजवाब मिठाई को बनाने की बहुत ही सरल विधि और कुछ जरूरी टिप्स साझा किए हैं, जिनकी सहायता से कोई भी आसानी से स्वादिष्ट पनीर खुरमा अपने घर की रसोई में बना सकता है।

सामग्री और शुरुआती तैयारी

इस लजीज व्यंजन को बनाने के लिए मुख्य रूप से 250 ग्राम ताजा पनीर, 250 ग्राम चीनी, ढाई कप पानी और इलायची के कुछ दानों की जरूरत होती है। खाना पकाने की प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए सबसे पहले पनीर को छोटे-छोटे और एक बराबर क्यूब्स में काट लिया जाता है। इसके बाद एक प्रेशर कुकर में 250 ग्राम चीनी और ढाई कप पानी डालकर मिलाया जाता है और साथ ही कटे हुए पनीर के टुकड़ों को भी उसमें डाल दिया जाता है। इस मिठाई के स्वाद और इसकी भीनी खुशबू को और अधिक बढ़ाने के लिए कुकर के अंदर इलायची के कुछ दानों को मिलाया जाता है। इसके पश्चात कुकर का ढक्कन बंद करके इसे लगभग 30 मिनट तक पकाया जाता है, जिससे पनीर के टुकड़े अंदर से पककर हल्के सुनहरे रंग के हो जाते हैं।

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चाशनी और अंतिम चरण

पकाने के इस दूसरे चरण में सबसे पहले कुकर में तैयार हुई पनीर खुरमा की चाशनी को बहुत अच्छी तरह से छान लिया जाता है, जिससे किसी भी प्रकार की अतिरिक्त सामग्री या अशुद्धियां अलग हो जाएं। इसके बाद इस छनी हुई चाशनी को एक खुले पैन में पलटकर धीमी आंच पर कुछ देर के लिए पकाया जाता है और फिर पैन में मौजूद उस तैयार चाशनी के भीतर पनीर के क्यूब्स को दोबारा डाला जाता है। इन टुकड़ों को पैन में डालने के बाद हल्के हाथों से बहुत सावधानी के साथ मिलाया जाता है, ताकि पनीर के टुकड़े टूटे नहीं। धीमी आंच पर कुछ देर तक और पकाने के बाद स्वादिष्ट पनीर खुरमा पूरी तरह बनकर तैयार हो जाता है। इसके बाद इसे कुछ घंटों के लिए हवा में रखकर सुखाया जाता है, जिसके बाद इस पारंपरिक पनीर खुरमा का असली स्वाद लिया जा सकता है।

क्यों है यह इतनी लोकप्रिय

इस बेहद सरल विधि की मदद से आप अपने घर पर ही बिल्कुल बाजार जैसी स्वादिष्ट पनीर खुरमा मिठाई तैयार कर सकते हैं। इसे ताज़ा बनाकर आप अपने घर आने वाले मेहमानों, दोस्तों और रिश्तेदारों को भी इस अनोखी और लाजवाब डिश का स्वाद चखा सकते हैं, जिसे खाने के बाद हर कोई आपकी पाक कला की तारीफ करेगा। इस पारंपरिक मिठाई को बनाने में बहुत ज्यादा समय और मेहनत की आवश्यकता नहीं पड़ती है, और यही वजह है कि यह बिहार और झारखंड के घरों में लोगों की सबसे पसंदीदा मिठाइयों में से एक मानी जाती है।

सवाल-जवाब

पनीर खुरमा मुख्य रूप से कहां की लोकप्रिय मिठाई है?
पनीर खुरमा झारखंड और बिहार में एक लोकप्रिय पारंपरिक मिठाई है।
इस रेसिपी को किसने साझा किया है?
इस आसान रेसिपी को बोकारो के शेफ देवाशीष ने साझा किया है।
पनीर खुरमा बनाने के लिए किन मुख्य सामग्री की आवश्यकता होती है?
इसे बनाने के लिए 250 ग्राम पनीर, 250 ग्राम चीनी, ढाई कप पानी और इलायची के कुछ दानों की जरूरत होती है।
पनीर को चाशनी में पकाने के लिए कुकर में कितना समय लगता है?
कुकर को बंद करके पनीर को करीब 30 मिनट तक पकाया जाता है जब तक वह हल्का सुनहरा न हो जाए।
पनीर खुरमा को खाने से पहले क्या किया जाता है?
चाशनी में पकाने के बाद पनीर खुरमा को कुछ घंटे के लिए सुखाया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·15 दिन पहले

यह रेसिपी केवल एक पारंपरिक मिठाई तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड और बिहार की स्थानीय संस्कृति और खान-पान की विरासत को सहेजने का एक प्रभावी माध्यम है। खाद्य संस्कृति और क्षेत्रीय व्यंजनों को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय स्तर पर शेफ्स को मंच मिलता है, जिससे सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।

Ravikash Gupta@ravikash·15 दिन पहले

अर्जुन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह के पारंपरिक व्यंजनों का डिजिटलीकरण और कमर्शियल स्केलिंग आज के समय में स्थानीय स्टार्टअप्स और फूड-टेक प्लेटफॉर्म्स के लिए एक बड़ा अवसर बन रहा है। जब बोकारो जैसे टियर-टू या टियर-थ्री शहरों की ऐसी ऑथेंटिक रेसिपीज़ डिजिटल माध्यमों से राष्ट्रीय स्तर पर पहुँचती हैं, तो यह सीधे तौर पर होम-शेफ इकोनॉमी, क्लाउड किचन मॉडल और पैकेज्ड ट्रेडिशनल फूड मार्केट्स के तेजी से विस्तार का मार्ग प्रशस्त करता है, जो क्षेत्रीय आर्थिकी को एक नया आधुनिक आयाम देता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·15 दिन पहले

यह रेसिपी पाक कला और परंपरा का सुंदर मेल है, लेकिन खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ऐसे पारंपरिक मिष्ठान्न तैयार करते समय स्थानीय स्तर पर बिकने वाले पनीर की गुणवत्ता और मिलावट की जांच जरूर की जाए। त्योहारी सीजन या बड़े आयोजनों में इस तरह के घरेलू नुस्खे अपनाना सार्वजनिक स्वास्थ्य और मिलावटखोरी जैसी समस्याओं से बचने का एक सुरक्षित माध्यम बन सकता है, बशर्ते सामग्री की शुद्धता पूरी तरह सुनिश्चित हो।

Rohan Verma@rohan-verma·15 दिन पहले

करण मल्होत्रा के इस विचार को आगे बढ़ाते हुए, खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के लिहाज़ से यह महत्वपूर्ण है कि घरेलू स्तर पर बनने वाले ऐसे पारंपरिक व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता पर कड़ी नज़र रखी जाए। खासकर त्योहारी सीजन और सामाजिक आयोजनों के दौरान, जब खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले तेजी से सामने आते हैं, तब इस तरह की आसान रेसिपी नागरिकों को मिलावटी और असुरक्षित बाजारू मिठाइयों से बचाने में सीधा और प्रभावी विकल्प साबित हो सकती हैं।

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