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गोरखपुर में अपहरण की सनसनीखेज कॉल का निकला हैरान करने वाला सच, बच्चे की जिद बनी वजहउत्तर प्रदेश
8 जुल॰ 2026, 8:24 pm (66 दिन पहले)· 3

गोरखपुर में अपहरण की सनसनीखेज कॉल का निकला हैरान करने वाला सच, बच्चे की जिद बनी वजह

गोरखपुर में एक बच्चे के अपहरण की सूचना से हड़कंप मच गया, लेकिन जांच में पता चला कि उसने अपनी नानी के घर रहने के लिए यह पूरा नाटक किया था।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मंगलवार रात एक बच्चे की बचाओ-बचाओ की चीखें सुनकर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। रास्ते से गुजर रहे लोगों ने जब बच्चे को किडनैपर के शोर मचाते सुना, तो उन्होंने फौरन अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही शाहपुर और चिलुआताल पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई। पुलिस की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ स्थानीय लोगों से गहन पूछताछ शुरू की गई। हालांकि, घंटों की कड़ी मशक्कत और जांच के बाद जो हकीकत सामने आई, उसने पुलिस और जनता दोनों को अचंभित कर दिया।

पुलिस जांच में सामने आई असलियत

पुलिस के अनुसार, यह बच्चा पिछले कुछ दिनों से अपनी नानी के घर रह रहा था। मंगलवार की रात करीब 10 बजे, उसकी मां अपने भाई यानी बच्चे के मामा के साथ बाइक पर सवार होकर उसे वापस घर ले जा रही थी। रास्ते में जैसे ही वे आगे बढ़े, बच्चे ने अपहरण का शोर मचाना शुरू कर दिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा कि उसे बचाया जाए। राहगीरों ने इसे वाकई अपहरण का मामला समझ लिया और पुलिस को तुरंत जानकारी दी। पुलिस ने घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और उन लोगों की पहचान की जो बाइक पर सवार थे।

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नानी के घर रहने की जिद

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बच्चा अपने माता-पिता के पास वापस नहीं जाना चाहता था। पूछताछ में पता चला कि उसका मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था और वह अपनी नानी के घर पर ही बने रहना चाहता था। उसने लोगों का ध्यान खींचने और उन्हें इकट्ठा करने के उद्देश्य से किडनैपिंग का नाटक किया, ताकि दबाव में आकर परिजन उसे नानी के घर छोड़ने को मजबूर हो जाएं। पुलिस ने बच्चे, उसकी मां और मामा से अलग-अलग बातचीत की और पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी की। इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी तरह के अपराध या अपहरण की पुष्टि नहीं हुई।

पढ़ाई के दबाव से बचने का तरीका

पुलिस ने इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए फुटेज और गवाहों का सहारा लेते हुए एक घंटे के भीतर ही बच्चे के घर तक पहुंच कर सच्चाई पता लगा ली थी। बावजूद इसके, रात करीब 3 बजे तक इस मामले पर पूछताछ चलती रही ताकि किसी प्रकार का संदेह न रहे। अंत में, स्पष्ट हो गया कि यह सिर्फ बच्चे द्वारा पढ़ाई से बचने और नानी के घर रहने के लिए किया गया एक ड्रामा था। चिलुआताल थाना प्रभारी ने पुष्टि की कि बच्चा मामा के घर ही रुकना चाहता था, जबकि परिजन उसे घर ले जा रहे थे, इसी वजह से उसने चिल्लाना शुरू कर दिया था। बाद में घरवालों ने बच्चे को वापस उसके मामा के घर पहुंचा दिया।

सवाल-जवाब

क्या गोरखपुर में सच में बच्चे का अपहरण हुआ था?
नहीं, यह अपहरण का मामला नहीं था। बच्चा अपने माता-पिता के साथ घर नहीं जाना चाहता था और उसने नानी के घर रहने के लिए अपहरण का ड्रामा किया था।
बच्चे ने शोर क्यों मचाया था?
बच्चा अपनी नानी के घर ही रहना चाहता था और उसे लगा कि चिल्लाने पर लोग इकट्ठा हो जाएंगे और उसे घर ले जाने से रोक देंगे।
पुलिस को इस मामले की जानकारी कब और कैसे मिली?
मंगलवार रात करीब 10 बजे राहगीरों ने बच्चे को चिल्लाते हुए सुना और इसे अपहरण समझकर पुलिस को सूचित किया।
पूछताछ के बाद बच्चे का क्या हुआ?
पुलिस द्वारा जांच पूरी करने के बाद परिवार ने बच्चे को वापस उसके मामा के घर ही छोड़ दिया।
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