देश के कई शहरों की सड़कों पर तेज रफ्तार एसयूवी गाड़ियों से होने वाले हादसों और जानलेवा हरकतों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में ग्रेटर नोएडा वेस्ट और राजस्थान की राजधानी जयपुर से दिल दहला देने वाले सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं, जहां तेज रफ्तार थार गाड़ियों ने दोपहिया वाहन चालकों को जोरदार टक्कर मार दी। इन दोनों गंभीर घटनाओं के अलावा जम्मू से भी इसी गाड़ी में जानलेवा स्टंटबाजी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भारी-भरकम गाड़ियों को अनियंत्रित गति में चलाने और दूसरों की सुरक्षा को ताक पर रखने की यह प्रवृत्ति सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। कुछ ही सेकंड की लापरवाही और बेपरवाह ड्राइविंग कैसे किसी परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ देती है, ये मामले इसकी प्रत्यक्ष मिसाल हैं।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सुप्रीम कोर्ट के वकील की गई जान, आरोपी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित ईटेरा इलाके में सोमवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां एक बेहद तेज रफ्तार में जा रही थार ने स्कूटी सवार दंपती को जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस के शुरुआती ब्योरे के अनुसार, यह भीषण हादसा उस वक्त हुआ जब थार चालक सड़क पर आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी सवार सुप्रीम कोर्ट के वकील नीरज कुमार सिन्हा की मौके पर मौत हो गई। वहीं उनके साथ मौजूद उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और उनका सघन इलाज चल रहा है।
हादसे को अंजाम देने के बाद थार का चालक कथित तौर पर गाड़ी को सड़क पर ही लावारिस छोड़कर मौके से फरार हो गया था। मामले की जांच करते हुए बिसरख थाना पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपी चालक आशीष पॉल को गिरफ्तार कर लिया। नीरज कुमार सिन्हा के शोकाकुल परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कठोरतम कानूनी कदम उठाने की मांग की थी। पीड़ित परिवार की मांग को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने दर्ज प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(2) यानी हिट एंड रन से जुड़ी सख्त धारा को भी शामिल कर लिया है। परिवार का स्पष्ट कहना है कि इस भयंकर लापरवाही और मौत के जिम्मेदार व्यक्ति को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
जयपुर के राजापार्क में डिलीवरी बॉय को 15 फीट तक घसीटा, वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग
ग्रेटर नोएडा जैसी ही दिल दहलाने वाली घटना राजस्थान के जयपुर में भी देखने को मिली। जयपुर के राजापार्क इलाके में मंगलवार देर रात एक बेकाबू ब्लैक थार ने स्कूटी सवार युवक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि थार युवक और उसकी स्कूटी को सड़क पर करीब 15 फीट तक बेरहमी से घसीटते हुए ले गई। घायल युवक की पहचान 24 वर्षीय विजय पासवान के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से विजय को अत्यंत गंभीर अवस्था में सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे वेंटिलेटर पर रखा है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक विजय आदर्श नगर स्थित चिकन हंट नामक प्रतिष्ठान में काम करता है और वह देर रात खाने का ऑर्डर पहुंचाने जा रहा था। जब वह उदय मार्ग पर चौराहा पार कर रहा था, उसी दौरान तेज गति से आ रही ब्लैक थार ने उसकी स्कूटी को सीधी टक्कर मार दी। हादसे के बाद थार चालक घायल युवक को तड़पता छोड़कर मौके से गाड़ी लेकर रफूचक्कर हो गया। सूचना मिलने पर जवाहर नगर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी को कब्जे में लेकर थाने भिजवाया। विजय के सिर, कंधे और हाथ में अत्यंत गंभीर चोटें आई हैं। अब पुलिस चौराहे और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है ताकि फरार थार चालक की पहचान सुनिश्चित कर उसे पकड़ा जा सके।
जम्मू में चलती गाड़ी से बाहर लटके युवक, वीडियो इंटरनेट पर हुआ वायरल
एक तरफ जहां सड़कों पर बेकाबू रफ्तार लोगों की जान ले रही है, वहीं दूसरी तरफ जम्मू से सड़क पर खुलेआम स्टंटबाजी का एक चौंकाने वाला वीडियो इंटरनेट मीडिया पर सामने आया है। वायरल क्लिप में दो युवक एक चलती थार की खिड़कियों से बाहर लटके हुए नजर आ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वाहन निर्माणाधीन नरवाल मार्ग से कुंजवानी की दिशा में आगे बढ़ रहा था। वीडियो देखने से स्पष्ट होता है कि सड़क पर न तो कोई रैली थी और न ही किसी विशेष आयोजन का माहौल था, बल्कि गाड़ी एक सामान्य चालू सड़क पर दौड़ रही थी।
सामान्य आवाजाही वाले मार्ग पर, विशेषकर उस क्षेत्र में जहां सड़क निर्माण का काम चल रहा हो, ऐसी जानलेवा हरकत करना न केवल गाड़ी में लटके युवकों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, बल्कि आसपास चल रहे अन्य दोपहिया वाहनों, कारों और पैदल राहगीरों के लिए भी भारी खतरे का सबब बनता है। यह पूरा घटनाक्रम स्पष्ट दर्शाता है कि किस प्रकार सार्वजनिक मार्गों को निजी रोमांच और स्टंट का अखाड़ा मानकर ट्रैफिक नियमों की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन और नियमों की अनदेखी पर उठते सवाल
ग्रेटर नोएडा, जयपुर और जम्मू की ये तीनों घटनाएं इस बात को रेखांकित करती हैं कि सड़क पर बड़ी और ताकतवर गाड़ियां चलाते समय कुछ चालकों में जिम्मेदारी का अहसास पूरी तरह खत्म हो जाता है। ऊंची सीट, मजबूत ढांचा और भारी इंजन क्षमता का इस्तेमाल अक्सर अनुशासन के बजाय धौंस और अनियंत्रित गति के लिए किया जाने लगता है। जब कोई चालक ट्रैफिक सिग्नल, स्पीड लिमिट और ओवरटेकिंग के बुनियादी नियमों को ताक पर रखता है, तो सड़क पर चल रहे आम पैदल यात्रियों और दोपहिया सवारों की जान हर पल खतरे में पड़ जाती है। यह पूरी तरह से मानसिकता और कानूनी सख्ती की कमी का परिणाम है, जहां चालक गलती करने के बाद मौके से भाग खड़े होते हैं और पीड़ित परिवार जीवन भर का असहनीय दर्द झेलने को मजबूर हो जाते हैं।



















