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गुरुग्राम में मैनचेस्टर से आए सॉफ्टवेयर पेशेवर प्रांजिल पाठक की होटल के जकूजी में रहस्यमयी परिस्थितियों में गई जानहरियाणा
4 नव॰ 2026, 5:14 pm (2 दिन पहले)· 0

गुरुग्राम में मैनचेस्टर से आए सॉफ्टवेयर पेशेवर प्रांजिल पाठक की होटल के जकूजी में रहस्यमयी परिस्थितियों में गई जान

ब्रिटेन की मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत 35 वर्षीय इंजीनियर प्रांजिल पाठक का शव गुरुग्राम के सेक्टर-53 स्थित एक होटल के जकूजी बाथटब में मिला। कमरे का दरवाजा भीतर से बंद पाया गया और पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है।

हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-53 के एक निजी होटल में 35 वर्ष के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध हालात में जान चली गई। मृतक की पहचान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी प्रांजिल पाठक के रूप में हुई है, जो यूनाइटेड किंगडम के मैनचेस्टर शहर में रहते थे और वहां एक मल्टीनेशनल कंपनी में बतौर इंजीनियर अपनी सेवाएं दे रहे थे। हाल ही में वह ब्रिटेन से भारत लौटे थे। होटल के कमरे में बने जकूजी के पानी में उनका बेसुध शरीर मिलने के बाद सनसनी फैल गई। सूचना पाकर पहुंचे चिकित्सक ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।

ऋषिकेश यात्रा और दिल्ली हवाई अड्डे से गुरुग्राम का सफर

शुरुआती पड़ताल के विवरण के अनुसार, प्रांजिल पाठक भारत आने के बाद उत्तराखंड स्थित ऋषिकेश घूमने गए थे। सोमवार को अपनी ऋषिकेश यात्रा पूरी करके वह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। वहां उन्होंने अपने एक मित्र को विदा किया, जिनकी फ्लाइट निर्धारित थी। इसके बाद रात्रि विश्राम के उद्देश्य से वह सीधे गुरुग्राम पहुंचे और सेक्टर-53 में स्थित ओरसम होटल में एक कमरा आरक्षित कराया। उन्हें परिसर की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 302 आवंटित किया गया था।

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होटल के कर्मचारियों को देर रात लगभग 8 बजे उस कमरे के संबंध में किसी अनहोनी का संदेह हुआ। किसी प्रकार की हलचल न दिखने पर जब स्टाफ ने कमरे का मुआयना किया, तो प्रांजिल जकूजी के पानी के अंदर अचेत पड़े दिखे। होटल प्रबंधन ने किसी भी प्रकार की देरी किए बिना तत्काल एक डॉक्टर को बुलाया। मौके पर पहुंचे चिकित्सक ने शारीरिक परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया।

सीसीटीवी जांच में बंद मिला कमरा और कोई बाहरी हलचल नहीं

मामले की जानकारी मिलते ही सेक्टर-53 थाने की पुलिस टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञों का दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने शव को अपनी निगरानी में लिया और पूरे कमरे की बारीकी से जांच कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके साथ ही परिसर की तीसरी मंजिल के गलियारे और प्रवेश-निकास द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया।

जांच अधिकारी के अनुसार, शुरुआती फुटेज की पड़ताल से यह स्पष्ट हुआ है कि प्रांजिल के अपने कमरे में प्रवेश करने के बाद कोई भी अन्य बाहरी व्यक्ति वहां जाता हुआ नहीं दिखा। कमरे का मुख्य दरवाजा भी अंदर से पूरी तरह बंद था। इन सभी तथ्यों को रिकॉर्ड पर लेते हुए पुलिस हर संभावित कोण से मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है ताकि किसी भी तरह के संदेह को दूर किया जा सके।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी मौत की असल वजह की पड़ताल

जांच अधिकारी का कहना है कि वर्तमान परिस्थिति में मृत्यु के सटीक कारणों के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। जांच दल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए काम कर रहा है। शुरुआती चिकित्सा और फॉरेंसिक संभावनाओं के तहत जकूजी में नहाते समय अचानक हार्ट अटैक आने, असंतुलित होकर पैर फिसलने या पानी में दम घुटने जैसी आशंकाओं की गहन समीक्षा की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा केवल विधिवत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही संभव हो पाएगा। इसी प्रक्रिया के तहत शव को चीरघर भिजवा दिया गया है और रिपोर्ट मिलने तक जांच जारी रखी जा रही है।

क्षेत्र के होटलों में संदिग्ध घटनाओं की पृष्ठभूमि

उल्लेखनीय है कि इस घटना से ठीक दो दिन पूर्व निकटवर्ती शहर फरीदाबाद के एक होटल में भी 35 वर्षीय महिला चांदनी का शव बरामद किया गया था। वह शेखर नामक युवक के साथ पति-पत्नी का परिचय देकर होटल में ठहरी हुई थी, और महिला की मौत के बाद से उक्त युवक वहां से लापता है। गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में हाल के दिनों में घटी ऐसी घटनाएं पुलिस के लिए सुरक्षा और निगरानी प्रोटोकॉल की समीक्षा का विषय बनी हुई हैं।

सवाल-जवाब

मृतक इंजीनियर की पहचान क्या है और वह कहां कार्यरत थे?
मृतक की पहचान 35 वर्षीय प्रांजिल पाठक के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के आगरा के मूल निवासी थे और ब्रिटेन के मैनचेस्टर में एक एमएनसी में इंजीनियर थे।
शव किस स्थान पर और किस अवस्था में मिला?
शव गुरुग्राम के सेक्टर-53 स्थित ओरसम होटल के कमरा नंबर 302 के जकूजी बाथटब के पानी में अचेत अवस्था में मिला।
गुरुग्राम पहुंचने से पहले प्रांजिल पाठक कहां गए थे?
वह उत्तराखंड के ऋषिकेश से लौटे थे और दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अपने एक दोस्त को फ्लाइट के लिए विदा करने के बाद गुरुग्राम आए थे।
होटल के सीसीटीवी फुटेज में क्या सामने आया है?
सीसीटीवी फुटेज में उनके कमरे में जाने के बाद कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रवेश करता नहीं दिखा और कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था।
पुलिस के अनुसार मौत के संभावित कारण क्या हो सकते हैं?
पुलिस के अनुसार जकूजी में नहाते समय हार्ट अटैक आने, पैर फिसलने या दम घुटने की आशंका है, लेकिन असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·1 दिन पहले

कमरा अंदर से बंद, सीसीटीवी में कोई नहीं — यह सुनकर पहला ख़याल आया कि किसी थ्रिलर की स्क्रिप्ट पढ़ रही हूँ। पर यह असली ज़िंदगी है, और इसीलिए और ज़्यादा परेशान करता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 दिन पहले

कमरा अंदर से बंद, कोई बाहरी नहीं आया — फिर भी मौत रहस्यमयी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर सब कुछ टिका है, उससे पहले कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·1 दिन पहले

Arjun भाई, सही कहा — पर मैं एक बार ऋषिकेश से लौटते हुए खुद उसी रूट पर रुका था, अकेले। उस रात होटल के उस सन्नाटे में जकूजी चलाई थी, थकान थी। अब सोचता हूँ तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

विदेश से लौटने के बाद ऐसे अचानक होटल के कमरे में जान चले जाना बहुत डरावना है। मैनचेस्टर से घूमकर आए प्रांजिल ने सोचा भी नहीं होगा कि ऋषिकेश के बाद गुरुग्राम का यह कमरा उनका आखिरी पड़ाव बन जाएगा। जब कमरा अंदर से बंद था और कोई बाहरी नहीं दिखा, तो मामला और भी उलझ गया है। उम्मीद है पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से सच्चाई सामने आएगी।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

करण भाई, सच कहा आपने। ऋषिकेश से लौटकर सीधे गुरुग्राम रुकना और फिर ऐसा हादसा होना वाकई किसी को भी चौंका सकता है।

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