केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के करनाल में कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा राजनीतिक हमला बोला है। करनाल के सेक्टर 12 से दयानंद चौक तक आयोजित भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का नेतृत्व करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद में गतिरोध पैदा करने और बहिष्कार करने को कांग्रेस की स्थायी कार्यशैली बना दिया है।
राहुल गांधी को सीधी चुनौती और तीखे आरोप
गृह मंत्री ने राहुल गांधी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा और बहस का सबसे प्रमुख मंच है, लेकिन विपक्ष मुद्दों पर गंभीरता से बात करने के बजाय केवल हंगामा खड़ा करता है। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश का अस्सी साल पुराना मजबूत लोकतंत्र विपक्ष के किसी भी झांसे में आने वाला नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि भाजपा कार्यकर्ता भी सडकों पर उतर चुके हैं और राहुल गांधी इस बात को दर्ज कर लें कि भाजपा संसद से लेकर विधानसभाओं और गांवों तक हर स्तर पर विपक्ष की इस रणनीति का मुंहतोड़ जवाब देगी।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी और पदयात्रा की गूंज
करनाल में आयोजित इस भव्य पदयात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री के साथ भाजपा के कई शीर्ष रणनीतिकार और राज्य सरकार के प्रमुख चेहरे शामिल हुए। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री तथा करनाल के सांसद मनोहर लाल, हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता और राज्य प्रभारी स्मृति ईरानी समेत कई प्रांतीय मंत्रियों ने हजारों समर्थकों के साथ इस यात्रा में कदमताल की। पदयात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लहराते हुए केंद्र सरकार की नीतियों के समर्थन और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए।
मतदाता सूची पुनरीक्षण और विशेष सत्र पर चर्चा का प्रस्ताव
रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने चुनावी सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने दोहराया कि केंद्र सरकार संसद में SIR पर विस्तृत और जिम्मेदार चर्चा कराने के लिए तैयार है तथा इसके लिए संसद का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है। गृह मंत्री ने कहा कि मतदाता सूचियों से अवैध घुसपैठियों के नाम पहचानकर हटाना भाजपा का संकल्प है, जबकि विपक्षी इंडिया (INDIA) गठबंधन ऐसे तत्वों को ढाल देने की कोशिश में जुटा हुआ है। इसके साथ ही शाह ने राहुल गांधी से उनकी विदेश यात्राओं का संपूर्ण ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि देश की जनता को अपने नेता प्रतिपक्ष की गतिविधियों के बारे में जानने का पूरा अधिकार है।
राजनीतिक तनातनी की पृष्ठभूमि और रामलीला मैदान की रैली
भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान दरअसल चुनावी निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख को लेकर चल रहे व्यापक राजनीतिक टकराव का हिस्सा है। इससे पहले 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली का आयोजन किया था। उस रैली में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने केंद्र सरकार पर चुनावी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए थे और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। भाजपा का करनाल शक्ति प्रदर्शन उसी विपक्षी लामबंदी का एक मजबूत राजनीतिक जवाब माना जा रहा है।

















