फरीदाबाद में दिवाली का पर्व नजदीक आते ही दूसरे शहरों में नौकरी या काम-धंधा करने वाले लोगों में अपने घरों की तरफ लौटने की होड़ मच गई है। कंपनियों और दफ्तरों में अवकाश मिलते ही लोग अपने पैतृक गांवों और शहरों का रुख करने लगे हैं, जिसके चलते बल्लभगढ़ बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। इस दौरान उत्तर प्रदेश के आगरा और अलीगढ़ जाने वाले मुसाफिरों की तादाद सबसे ज्यादा नजर आ रही है। यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार न करना पड़े और वे बिना किसी परेशानी के अपने परिवार के पास पहुंच सकें, इसके मद्देनजर हरियाणा रोडवेज की तरफ से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और विभिन्न रूटों पर बसों की संख्या में इजाफा किया गया है।
आगरा और अलीगढ़ रूट पर बढ़ाई गईं बसें
बल्लभगढ़ बस स्टैंड से आगरा के लिए पहले जहां नियमित रूप से आठ बसें संचालित हो रही थीं, वहीं अब यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए तीन अतिरिक्त बसें और शामिल कर दी गई हैं। इस प्रकार अब आगरा रूट पर कुल 11 बसें अपनी सेवाएं दे रही हैं। दूसरी तरफ, अलीगढ़ जाने वाले यात्रियों की सुविधा का भी पूरा ख्याल रखा गया है। पहले इस रूट पर 10 बसें चलाई जा रही थीं, जिनमें आठ और नई बसें जोड़ दी गई हैं। अब अलीगढ़ रूट पर कुल 18 बसें यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए चलाई जा रही हैं, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है।
छठ पूजा पर और बढ़ सकती है यात्रियों की भीड़
रोडवेज अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में दिवाली का पर्व चल रहा है और इसके तुरंत बाद महापर्व छठ भी आने वाला है। इसे देखते हुए आने वाले दिनों में बस अड्डों पर यात्रियों का दबाव और अधिक बढ़ने की पूरी संभावना है। परिवहन विभाग लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और हर गतिविधि की मॉनिटरिंग की जा रही है। जिस भी रूट पर यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, वहां फौरन जरूरत के हिसाब से बसों के फेरे बढ़ाए जाएंगे। विभाग का मुख्य उद्देश्य यही है कि कोई भी यात्री बस के अभाव में परेशान न हो और हर व्यक्ति समय पर अपने घर पहुंचकर त्योहार मना सके।
किराया और सरकारी छूट के नियम
बल्लभगढ़ से आगरा की यात्रा करने वाले यात्रियों को 231 रुपये किराया चुकाना होगा। वहीं, बल्लभगढ़ से अलीगढ़ का सफर करने के लिए मुसाफिरों को 140 रुपये किराया देना तय किया गया है। इसके अलावा, बुजुर्ग यात्रियों और शासन की तरफ से निर्धारित योजनाओं के तहत किराये में छूट पाने वाले पात्र लोगों को नियमों के अनुसार पूरी रियायत दी जा रही है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को अपना आधार कार्ड या फिर संबंधित हैप्पी कार्ड कंडक्टर या काउंटर पर दिखाना अनिवार्य होगा। यह छूट पूरी तरह से सरकारी प्रावधानों और तय पात्रता के दायरे में ही दी जाएगी।
स्थिति बिगड़ने पर चलाई जाएंगी और अतिरिक्त बसें
त्योहारों के इस सीजन में यात्रियों की सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना रोडवेज प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भीड़ का दबाव और अधिक बढ़ता है, तो स्थिति को संभालने के लिए फौरन अतिरिक्त बसें मैदान में उतार दी जाएंगी। विभाग की पूरी कोशिश है कि लोग किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना किए बिना अपने परिजनों के साथ मिलकर दीपावली और छठ का आनंद ले सकें।



















