बेंगलुरु के लाखों लोगों को इस गुरुवार, 16 जुलाई को दिनभर पानी की किल्लत झेलनी पड़ सकती है। शहर के कई रिहायशी इलाकों में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक, यानी पूरे 12 घंटे नल सूखे रहेंगे। इसकी वजह है कावेरी जल आपूर्ति योजना के चौथे चरण के दूसरे फेज में की जा रही आपातकालीन मरम्मत, जिसकी घोषणा बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड (BWSSB) ने की है।
बोर्ड के मुताबिक मरम्मत का काम टालना मुमकिन नहीं था। दरअसल, 2,700 मिलीमीटर व्यास वाली बड़ी पाइपलाइन पर लगे स्कोर वाल्व में रिसाव हो रहा था, जिसे रोकने के लिए तुरंत काम कराना जरूरी हो गया। यही रिसाव ठीक करने के लिए कावेरी जल आपूर्ति योजना के स्टेज IV, फेज II पर आपातकालीन मरम्मत का फैसला लिया गया।
कब और कितने घंटे बंद रहेगा पानी
यह काम गुरुवार, 16 जुलाई को सुबह 6 बजे शुरू होगा और शाम 6 बजे तक चलेगा। इन 12 घंटों के दौरान शहर के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप रहेगी। बोर्ड ने लोगों से अपील की है कि वे पहले से पानी का इंतजाम करके रखें, ताकि सप्लाई बंद रहने के दौरान परेशानी न हो।
किन इलाकों में पड़ेगा असर
पानी की कटौती का सबसे ज्यादा असर जिन इलाकों में देखने को मिल सकता है, उनमें नंदिनी लेआउट, BHEL लेआउट, संजय नगर, मंजूनाथ नगर, कनकनगर, अमृतहल्ली, जक्कूर, आदर्श नगर, कल्याण नगर, नागरभावी, होयसला नगर, विनायक लेआउट और मैसूर रोड शामिल हैं। इनके आसपास के इलाकों में भी सप्लाई प्रभावित रहने की आशंका है, इसलिए इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को खास सतर्कता बरतनी होगी।
क्या है BWSSB और इसका दायरा
बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड एक स्वायत्त संस्था है, जिसका गठन राज्य विधानमंडल ने 10-09-1964 को बेंगलुरु जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड अधिनियम के तहत किया था। इसका मकसद शहर में पानी की आपूर्ति और सीवेज निपटान का काम संभालना है। यह भारत की सबसे पुरानी जल आपूर्ति और स्वच्छता संस्थाओं में से एक है।
इसका कार्यक्षेत्र पूरे बृहत बेंगलुरु महानगर पालिके क्षेत्र में फैला है, जो 800 वर्ग किलोमीटर में है। इसमें बेंगलुरु का 245 वर्ग किलोमीटर का मुख्य इलाका, 330 वर्ग किलोमीटर में फैली 8 शहरी स्थानीय निकाय (7 सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन और 1 टाउन म्युनिसिपल कॉरपोरेशन) और 225 वर्ग किलोमीटर में बसे 110 गांव शामिल हैं।
अब तक की बड़ी परियोजनाएं
अपनी स्थापना के बाद से बोर्ड ने शहर के लिए कई पानी और सीवेज योजनाएं पूरी की हैं। इनमें प्रतिष्ठित कावेरी जल आपूर्ति योजना (CWSS) के स्टेज I, II, III और स्टेज IV के फेज I व फेज II शामिल हैं। इसके साथ ही सीवेज को इकट्ठा करने, आगे ले जाने और उसके शोधन पर केंद्रित सीवरेज सुधार परियोजनाएं भी चलाई गई हैं।
मौजूदा सीवरेज सिस्टम शहर के मुख्य इलाके के 265 वर्ग किलोमीटर हिस्से को कवर करता है। इसके तहत वृषभावती, K&C और हेब्बल घाटियों में तीन बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए गए हैं। वहीं शहर में नए जोड़े गए इलाकों, खासकर पुराने सिटी म्युनिसिपल कॉरपोरेशन क्षेत्रों के लिए बनाई जा रही सीवरेज व्यवस्था अपने पूरा होने के करीब है।











