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ग्वालियर के तिघरा डैम में पिकनिक के दौरान बहे GRMC के दो MBBS छात्र, एक का शव मिला, दूसरे की तलाश जारीमध्य प्रदेश
14 जून 2026, 9:33 am (91 दिन पहले)· 1

ग्वालियर के तिघरा डैम में पिकनिक के दौरान बहे GRMC के दो MBBS छात्र, एक का शव मिला, दूसरे की तलाश जारी

गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के दो छात्र रविवार को तिघरा डैम में पिकनिक के दौरान गहरे पानी में डूब गए; गोपाल अग्रवाल का शव बरामद हुआ, जबकि आयुष श्रीवास्तव की खोज में SDRF और गोताखोर जुटे हैं।

डॉक्टर बनने की उम्मीद लेकर ग्वालियर पहुंचे दो नौजवानों की एक मामूली सी सैर रविवार को ऐसी त्रासदी में बदली, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के दो विद्यार्थी अपने दोस्तों के साथ तिघरा डैम क्षेत्र में घूमने गए थे, लेकिन कुछ ही पलों में यह पिकनिक एक भीषण हादसे में तब्दील हो गई। दोनों छात्र डैम के गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूब गए।

खबर मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और SDRF की टीमें फौरन मौके की ओर रवाना हुईं। देर शाम तक चले रेस्क्यू अभियान में एक छात्र का शव निकाल लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश अब भी जारी है। हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर से लेकर पीड़ित परिवारों और आसपास के लोगों तक — हर जगह शोक और बेचैनी का माहौल है।

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कौन थे डूबने वाले दोनों छात्र

प्रशासन के मुताबिक हादसे का शिकार हुए दोनों युवक गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहे थे। इनकी पहचान आयुष श्रीवास्तव और गोपाल अग्रवाल के रूप में हुई है। दोनों अपने साथियों के साथ तिघरा डैम क्षेत्र में सैर-सपाटे के लिए पहुंचे थे। हादसे की सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन भी सक्रिय हो गया और छात्र समुदाय में गहरा दुख छा गया। कई विद्यार्थी अस्पताल और प्रशासनिक अधिकारियों के लगातार संपर्क में बने रहे।

रेस्क्यू टीम को देर शाम गोपाल अग्रवाल का शव बरामद करने में कामयाबी मिली। शव मिलने के बाद उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया और परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई। वहीं दूसरे छात्र आयुष श्रीवास्तव का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। SDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार उसकी खोज में जुटी हुई है।

कैसे और कहां हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी बताती है कि दोनों छात्र एक प्रतिबंधित और जोखिम भरे हिस्से के आसपास मौजूद थे और इसी दौरान गहरे पानी की चपेट में आ गए। डैम के इन गहरे हिस्सों में पानी का स्तर और हालात अचानक बदल जाते हैं, जिसका अंदाजा सैर पर आए लोगों को अक्सर नहीं होता। घटना के बाद से डैम के गहरे क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन और SDRF ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करा दिया गया। प्रभारी कलेक्टर कुमार सत्यम समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे अभियान की निगरानी की। SDRF की टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया, जबकि स्थानीय गोताखोरों को भी तलाशी में लगाया गया। प्रशासन का साफ कहना है कि जब तक दूसरे छात्र का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन बंद नहीं होगा।

प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचने पर उठे सवाल

शुरुआती छानबीन में यह बात सामने आई है कि छात्र ऐसे इलाके में पहुंच गए थे जहां आम लोगों को जाने से पहले सावधानी बरतने की सलाह पहले से दी जाती रही है। प्रशासन अब इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि आखिर छात्र किन परिस्थितियों में डैम के उस हिस्से तक पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि अगर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उससे जुड़े बिंदुओं की भी पड़ताल की जाएगी। साथ ही लोगों से जलाशयों और डैम क्षेत्रों में पूरी एहतियात बरतने की अपील की गई है। यह हादसा एक बार फिर पर्यटन स्थलों और जलाशयों में सुरक्षा नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

कॉलेज में पसरा मातम

गजरा राजा मेडिकल कॉलेज में हादसे के बाद से शोक का माहौल है। सहपाठी और शिक्षक लगातार दोनों छात्रों के परिवारों के संपर्क में बने हुए हैं। डॉक्टर बनने का सपना संजोए पढ़ाई कर रहे इन युवाओं के साथ हुई त्रासदी ने सभी को भावुक कर दिया है। कॉलेज प्रशासन ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है और लगातार प्रशासन से ताजा जानकारी लेता रहा।

जलाशयों में बढ़ते हादसे बने चिंता का सबब

मानसून से पहले और बाद के मौसम में डैम तथा जलाशयों में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लोग अक्सर जलाशयों की गहराई और वहां अचानक बदलने वाली परिस्थितियों को हल्के में ले लेते हैं, जो जानलेवा साबित होता है। ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, सुरक्षा घेराबंदी मजबूत करने और जागरूकता अभियान तेज करने की जरूरत अब और शिद्दत से महसूस की जा रही है।

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