राजस्थान निकाय चुनावों के नतीजों पर गरमाई सियासत, भाजपा ने माना जनता का आशीर्वाद तो कांग्रेस बोली आंकड़े कह रहे कुछ औररायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गणेशोत्सव पर चढ़ाया 1.15 करोड़ का स्वर्ण मुकुटजयपुर निकाय चुनाव: तबेलेनुमा स्कूल विवाद वाले रामपुरा-कंवरपुरा वार्ड में हारी बीजेपी, कांग्रेस के सुरेश मीणा जीतेसमस्तीपुर में बिना परीक्षा शिक्षक बनने का मौका, 16 सितंबर को होगा वॉक-इन इंटरव्यू2026 के अंत से पहले भारत पर चक्रवातों का साया, इसरो ने बंगाल की खाड़ी से अरब सागर तक जारी किया बड़ा अलर्टकच्चे तेल में तेजी और कनाडियन डॉलर की मजबूती से गिरा यूरो, वैश्विक बाजारों में बड़ी हलचलराजस्थान निकाय चुनावों में भाजपा की धमाकेदार जीत पर नरेंद्र मोदी का बड़ा बयानगुरुग्राम में तेज रफ्तार कार ने स्पोर्ट्स बाइक सवार महिला राइडर को मारी जोरदार टक्कर, रोंगटे खड़े करने वाला वीडियो आने के बाद पुलिस ने दर्ज की एफआईआरओरेकल ने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर अरबों खर्च करते हुए कर्मचारियों की छंटनी तेज कीअमेरिकी यील्ड उछाल से पाउंड दो महीने के निचले स्तर पर, फेड और बीओई बैठकों से पहले दबाव
हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच करने वाली IPS अधिकारी नूपुर प्रसाद को मिलेगा मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विसदिल्ली
15 अग॰ 2026, 3:04 pm (31 दिन पहले)· 1

हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच करने वाली IPS अधिकारी नूपुर प्रसाद को मिलेगा मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस

कई अहम जांचों की अगुवाई करने वाली 2007 बैच की IPS अधिकारी नूपुर प्रसाद को मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस से सम्मानित किया जाएगा। वह वर्तमान में दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग में जॉइंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं।

भारतीय पुलिस सेवा की 2007 बैच की AGMUT कैडर अधिकारी नूपुर प्रसाद को इस वर्ष मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस से सम्मानित करने की घोषणा की गई है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) में अपनी सेवाएं पूरी करने के बाद वह हाल ही में दिल्ली पुलिस में वापस लौटी हैं। वर्तमान समय में वह दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के रूप में कार्यरत हैं, जहां उनके कंधों पर वित्तीय और आर्थिक अपराधों से जुड़ी जांच की देखरेख की जिम्मेदारी है।

सम्मान का महत्व और जन सेवा में योगदान

सराहनीय और उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाने वाला मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस उन पुलिसकर्मियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक संचालन और जटिल जांचों में असाधारण कार्य किया हो। नूपुर प्रसाद की पहचान कठिन से कठिन मामलों को सुलझाने और मजबूत पुलिसिंग ढांचे का नेतृत्व करने वाले अधिकारी के रूप में रही है। अपने करियर के दौरान उन्होंने दिल्ली पुलिस, CBI, अरुणाचल प्रदेश पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस बल में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाली हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहलों में भी प्रमुख भूमिका निभाई है, जिनमें महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण, युवाओं का मार्गदर्शन, साइबर सुरक्षा जागरूकता और नशा मुक्ति अभियान शामिल हैं।

ये भी पढ़ें

सुशांत सिंह राजपूत मामले में CBI जांच का संचालन

नूपुर प्रसाद उस समय देश भर की सुर्खियों में आई थीं जब उन्हें अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु की जांच संभालने वाली टीम में शामिल किया गया था। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत 14 जून, 2020 को मुंबई स्थित अपने निवास पर मृत पाए गए थे। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत और क्षेत्राधिकार से जुड़े विधिक विवादों के कारण अगस्त 2020 में यह मामला CBI को स्थानांतरित कर दिया गया था। CBI में पदस्थापित रहने के दौरान नूपुर प्रसाद ने इस जांच के अत्यंत संवेदनशील हिस्सों की देखरेख की, जिनमें गवाहों के बयान दर्ज करना, फॉरेंसिक साक्ष्यों का विश्लेषण करना और मेडिकल रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा करना शामिल था। इस लंबी प्रक्रिया के बाद साल 2025 में CBI ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, आत्महत्या के लिए उकसाने या आपराधिक साजिश का कोई प्रमाण प्राप्त नहीं हुआ।

दिल्ली पुलिस में शुरुआती भूमिकाएं और प्रमुख जिम्मेदारी

CBI में प्रतिनियुक्ति पर जाने से पूर्व नूपुर प्रसाद ने दिल्ली पुलिस में कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी थीं। जब शाहदरा जिले का नया गठन हुआ था, तब वह वहां की पहली डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) नियुक्त की गई थीं। उन्होंने उस नए जिले में पुलिसिंग की बुनियादी संरचना का निर्माण किया और कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में अहम भूमिका निभाई। शाहदरा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मादक पदार्थों के अवैध नेटवर्क और सट्टेबाजी जैसे गैर-कानूनी धंधों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया। इसके बाद उन्होंने उत्तर दिल्ली जिले की DCP के रूप में कार्यभार संभाला। इस पद पर रहते हुए उन्होंने ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह और दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनावों जैसे संवेदनशील और बड़े आयोजनों के लिए सुरक्षा चाक-चौबंद रखी।

हाई-प्रोफाइल आर्थिक जांच और वर्तमान कार्यभार

CBI में अपनी तैनाती के दौरान नूपुर प्रसाद का नाम देश के कई चर्चित और बड़े मामलों से जुड़ा रहा। वह उद्योगपति विजय माल्या से जुड़े आर्थिक मामलों और अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे से संबंधित महत्वपूर्ण जांच प्रक्रियाओं का हिस्सा रहीं। इन जटिल मामलों में उनकी भूमिका ने एक निष्पक्ष, दक्ष और कुशल जांचकर्ता के रूप में उनकी साख को और अधिक सुदृढ़ किया। केंद्रीय जांच एजेंसी में अपना कार्यकाल पूरा करने के उपरांत वह पुनः दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग में जॉइंट कमिश्नर के रूप में वापस लौटीं, जहां वह वर्तमान में बड़े वित्तीय घोटालों की जांच का निर्देशन कर रही हैं।

सवाल-जवाब

IPS नूपुर प्रसाद को किस सम्मान के लिए चुना गया है?
उन्हें उत्कृष्ट और सराहनीय सेवा के लिए मेडल फॉर मेरिटोरियस Service (MSM) से सम्मानित करने के लिए चुना गया है।
नूपुर प्रसाद किस कैडर और बैच की अधिकारी हैं?
वह 2007 बैच की AGMUT कैडर की IPS अधिकारी हैं।
वर्तमान में नूपुर प्रसाद किस पद पर कार्यरत हैं?
वह वर्तमान में दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस के रूप में कार्यरत हैं।
सुशांत सिंह राजपूत केस में CBI जांच के दौरान नूपुर प्रसाद की क्या भूमिका थी?
उन्होंने गवाहों के बयान दर्ज करने, फॉरेंसिक सबूतों की जांच और मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियात्मक जांच की देखरेख की थी।
सुशांत सिंह राजपूत केस में CBI की क्लोजर रिपोर्ट कब और क्या आई?
CBI ने 2025 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि किसी आपराधिक साजिश, गड़बड़ी या आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई सबूत नहीं मिला।
CBI में रहते हुए नूपुर प्रसाद किन अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़ी रहीं?
वह बिजनेसमैन विजय माल्या से जुड़े आर्थिक मामलों और अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे से जुड़ी जांच में शामिल रही हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·30 दिन पहले

नूपुर प्रसाद को मिला यह मेडल केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि जटिल आर्थिक अपराधों और हाई-प्रोफाइल मामलों में पेशेवर जांच की अहमियत को रेखांकित करता है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में उनकी वर्तमान तैनाती और शाहदरा जिले की स्थापना में उनकी शुरुआती भूमिका दर्शाती है कि प्रशासनिक कौशल और जमीनी पुलिसिंग का यह संयोजन महानगरों की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में कितना प्रभावी साबित हो रहा है।

Rohan Verma@rohan-verma·30 दिन पहले

करन मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह के प्रशासनिक अनुभव और जमीनी पुलिसिंग का असर महानगरों की कानून-व्यवस्था पर सीधा पड़ता है। शाहदरा जैसे नए जिले के शुरुआती दौर में पुलिसिंग की बुनियादी संरचना तैयार करने और बाद में CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी में जटिल मामलों की निगरानी करने का यह अनुभव दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने में एक नई और मजबूत दिशा देगा। महानगरों में बढ़ते आर्थिक अपराधों के मौजूदा दौर में ऐसी पेशेवर लीडरशिप की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR