मेघालय में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 500 मामलों का सफलता के साथ निपटारा किया गया। इस एकदिवसीय आयोजन के दौरान वादियों के बीच आपसी समझौते के जरिए कुल 2.97 करोड़ रुपये की राशि के सेटलमेंट दर्ज किए गए, जिससे लोगों को त्वरित न्याय और वित्तीय राहत हासिल हुई।
प्री-लिटिगेशन और लंबित मामलों का लेखा-जोखा
लोक अदालत की कार्यवाही के दौरान कुल 834 मामलों पर विचार किया गया। अदालत की पीठों ने नए विवादों और पुराने लंबित मुकदमों दोनों पर एक साथ ध्यान केंद्रित किया। इनमें से 564 ऐसे मामले थे जिन्हें औपचारिक रूप से अदालत में दायर होने से पहले यानी प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलझाया गया, जबकि 270 मामले विभिन्न न्यायालयों में पहले से लंबित चल रहे थे।
न्यायिक मार्गदर्शन और संगठनात्मक तंत्र
इस राज्यव्यापी लोक अदालत का आयोजन मेघालय राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (एमएसएलएसए) द्वारा राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के तत्वावधान में किया गया। ये सत्र मेघालय उच्च न्यायालय सहित राज्य के सभी जिला न्यायालयों में आयोजित किए गए। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन मुख्य न्यायाधीश रेवती मोहिते डेरे के संरक्षण में हुआ, जो एमएसएलएसए की संरक्षक-इन-चीफ भी हैं। इसके अलावा, एमएसएलएसए के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति एचएस थंगखिएव और उच्च न्यायालय कानूनी सेवा समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डब्ल्यू डेंगदोह ने पूरी कार्यवाही की देखरेख और पर्यवेक्षण किया।



















