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आईएमडी ने जारी किया 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, झारखंड में बना लो-प्रेशर बढ़ाएगा मुसीबतभारत
26 अग॰ 2026, 7:22 am (2 घंटे पहले)· 1

आईएमडी ने जारी किया 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, झारखंड में बना लो-प्रेशर बढ़ाएगा मुसीबत

झारखंड के ऊपर बने नए निम्न दबाव के चलते देश के 23 राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली समेत कई इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

देशभर में मानसून की सक्रियता एक बार फिर से तेजी पकड़ रही है। मौसम विज्ञान विभाग ने देश के 23 राज्यों में तेज आंधी, वज्रपात और मूसलाधार बारिश को लेकर अलर्ट घोषित किया है। इस मौसमी बदलाव की मुख्य वजह झारखंड और उससे लगे क्षेत्रों के ऊपर बना एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र है। इस मौसमी प्रणाली के चलते आने वाले दिनों में पूर्वी और मध्य भारत के विशाल भूभाग में बारिश की तीव्रता काफी बढ़ने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, कई इलाकों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे का आंकड़ा छू सकती है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है। इसे देखते हुए किसानों, राहगीरों तथा समुद्र में जाने वाले मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

झारखंड में बना नया निम्न दबाव क्षेत्र और इसका फैलाव

मौसम में अचानक आए इस बदलाव का प्रमुख कारण झारखंड तथा आसपास के वायुमंडलीय क्षेत्र में विकसित हुआ लो-प्रेशर सिस्टम है। पहले यह मौसमी सिस्टम गंगा के मैदानी भूभागों और उत्तरी ओडिशा के इलाकों में केंद्रित बना हुआ था। अब इसके झारखंड की ओर खिसकने से राज्य में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह मौसमी प्रणाली धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे की ओर बढ़ेगी। इसके असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के इलाकों में मध्यम से भारी वर्षा का दौर देखा जा सकता है।

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इसके अलावा मानसून टर्फ की स्थिति और ऊपरी हवा में बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी वर्षा के अनुकूल माहौल को मजबूत कर रहा है। पूर्वोत्तर भारत में भी एक अलग साइक्लोनिक सर्कुलेशन पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। इन मौसमी कारकों के आपस में मिलने से पूर्वी और मध्य भारत में वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ गई है, जिसके कारण बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का जोखिम बना रहेगा।

23 राज्यों में वर्षा, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, देश के 23 राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ेगा। प्रभावित राज्यों की सूची में दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार तथा पूर्वी मध्य प्रदेश शामिल हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड के साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, केरल तथा पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों को सतर्क किया गया है।

अनेक स्थानों पर भारी वर्षा के साथ तेज आंधी चलने की स्थितियां बनेंगी। हवा के तेज झोंकों के कारण जर्जर इमारतों, पेड़-पौधों और बिजली के पोल गिरने की आशंका रहती है। मौसम विभाग ने लोगों को आंधी और बारिश के समय खुले स्थानों, वृक्षों तथा कमजोर निर्माणों से दूरी बनाए रखने की ताकीद की है। तेज बारिश के चलते सड़कों पर विजिबिलिटी घट सकती है, जिससे आवाजाही में परेशानी होने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में 26 अगस्त को मौसम का हाल और 40 किमी प्रति घंटे की हवाएं

राजधानी दिल्ली और निकटवर्ती एनसीआर क्षेत्र में 26 अगस्त को मौसम में व्यापक बदलाव आने का अनुमान है। मौसम विभाग ने दिल्ली के लगभग सभी प्रमुख प्रशासनिक इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। वर्षा से प्रभावित होने वाले अंचलों में सेंट्रल दिल्ली, ईस्ट दिल्ली तथा नई दिल्ली शामिल हैं। इनके अलावा नॉर्थ दिल्ली एवं नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के साथ नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, शाहदरा, साउथ दिल्ली, साउथ ईस्ट दिल्ली, साउथ वेस्ट दिल्ली तथा वेस्ट दिल्ली में भी पानी गिरने की संभावना है।

इस अवधि में राष्ट्रीय राजधानी के भीतर हवा की गति लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की जा सकती है। तापमान की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम पारा 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हो सकता है। तेज वर्षा के कारण कई मुख्य मार्गों पर जलभराव होने तथा यातायात की गति धीमी पड़ने की आशंका जताई गई है।

उत्तर प्रदेश के 27 जिलों में भारी बारिश और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं

उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में भी मौसम खराब रहने वाला है। मौसम विभाग ने 26 अगस्त को राज्य के 27 जिलों में भारी बारिश और तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए यह चेतावनी जारी की गई है, उनमें अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या व आजमगढ़ शामिल हैं। साथ ही बागपत, बलिया, बांदा, बस्ती, चंदौली एवं चित्रकूट का नाम भी सूची में है। इसके अलावा देवरिया, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर तथा जौनपुर में वर्षा का अनुमान है। वहीं झांसी, कुशीनगर, महोबा, मऊ, मेरठ एवं मुजफ्फरनगर के अतिरिक्त प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, शामली, सुल्तानपुर तथा वाराणसी में भी भारी वर्षा का अलर्ट घोषित है।

इनमें से कई इलाकों में हवा की रफ्तार 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती है। प्रांतीय राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान लगभग 31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है। निचले तथा जलभराव की समस्या से जूझने वाले इलाकों के निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

बिहार के 11 जिलों में आंधी-तूफान और 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं

बिहार में मौसम का यह परिवर्तन काफी उग्र रूप ले सकता है। राज्य के 11 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में पूर्णिया, जहानाबाद, दरभंगा व भागलपुर प्रमुख हैं। इनके साथ ही वैशाली, लखीसराय, मधुबनी एवं किशनगंज में भी चेतावनी है, जबकि बेगूसराय, सिवान तथा बक्सर में भी भारी आंधी-पानी का अंदेशा है।

मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बिहार के इन इलाकों में तूफानी हवाओं की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमा तक पहुंच सकती है। ऐसी परिस्थिति में खुले में मौजूद लोगों, यात्रियों और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। बिजली के तारों और बड़े वृक्षों के पास न खड़े होने की अपील की गई है। राजधानी पटना में 26 अगस्त के दिन अधिकतम पारा 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। तेज बारिश और आंधी से स्थानीय परिवहन प्रभावित हो सकता है।

राजस्थान के 15 जिलों में तूफानी हवाएं और बारिश की चेतावनी

पश्चिम भारत के राजस्थान राज्य में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान है। राज्य के 15 जिलों में मध्यम से भारी वर्षा और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी सूची में चुरू, पाली, बारां व राजसमंद शामिल हैं। इनके अलावा उदयपुर, बीकानेर, जयपुर एवं श्रीगंगानगर में सतर्कता बरतने को कहा गया है, जबकि करौली, डीग, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, बालोतरा, कोटा तथा हनुमानगढ़ में भी बारिश की स्थिति बनी रहेगी।

इन जिलों में मौसमी बदलाव के चलते आम जनजीवन पर प्रभाव पड़ सकता है। अचानक होने वाली तेज बारिश और आंधी से दैनिक काम प्रभावित होने का अंदेशा है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने नागरिकों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने को कहा है।

मध्य प्रदेश और केरल में भारी वर्षा से बढ़ीं चिंताएं

मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 26 अगस्त की तारीख को मूसलाधार और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से भिंड, सागर और दतिया जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में झारखंड के लो-प्रेशर सिस्टम का सीधा प्रभाव पड़ेगा, जिससे जलाशयों और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है।

दूसरी ओर, दक्षिण भारत के केरल राज्य में भी हो रही लगातार भारी वर्षा ने चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

नागरिकों, किसानों और मछुआरों के लिए आवश्यक सुरक्षा एडवाइजरी

मौसम की इस विभीषिका को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने सभी संबंधित वर्गों के लिए एडवाइजरी जारी की है। बारिश के दौरान सड़क पर दृश्यता कम होने तथा जलजमाव के कारण चालकों को सतर्क रहने को कहा गया है। गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

समुद्र तटों पर जाने वाले मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र में न उतरें, क्योंकि वहां तेज हवाओं और ऊंची लहरों का खतरा है। किसानों को अपने खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और कटी फसल को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली कड़कने के दौरान लोगों को पक्के मकानों में रहने और लोहे के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है।

सवाल-जवाब

मौसम विभाग ने कितने राज्यों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग (IMD) ने देश के 23 राज्यों के लिए बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
मौसम में आए इस बड़े बदलाव का मुख्य कारण क्या है?
झारखंड और उसके आसपास के क्षेत्र में बना नया लो-प्रेशर सिस्टम इस मौसमी बदलाव की मुख्य वजह है, जो पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में 26 अगस्त को हवा की रफ्तार और तापमान कितना रहेगा?
दिल्ली में लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश और बिहार के किन इलाकों में सबसे तेज हवाएं चलने की चेतावनी है?
बिहार के 11 जिलों में हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि उत्तर प्रदेश के 27 जिलों में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।
नागरिकों और मछुआरों को क्या सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है?
मछुआरों को समुद्र में न जाने और नागरिकों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों, कमजोर इमारतों तथा बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

झारखंड के इस नए लो-प्रेशर सिस्टम का असर उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मैदानी जिलों पर साफ दिखेगा। 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं और भारी बारिश का यह दौर न सिर्फ शहरी आवागमन को बाधित करेगा, बल्कि खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा सकता है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभागों को ग्रामीण अंचलों में जलभराव और जर्जर बुनियादी ढांचे को लेकर तत्काल सतर्क हो जाना चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

आपराधिक लापरवाही और प्रशासनिक सुस्ती ऐसे मौसम संकट के दौरान जनहानि का बड़ा कारण बनती है। 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और भारी बारिश से जर्जर बुनियादी ढांचे, कमजोर मकानों और बिजली के पोल गिरने का सीधा खतरा है। जिला प्रशासन को आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को तुरंत तैनात करना चाहिए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

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