राजस्थान सरकार में कृषि मंत्री का पद संभाल रहे डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के स्वास्थ्य को लेकर राहत भरी जानकारी सामने आई है। स्वाइन फ्लू (H1N1) की चपेट में आने के उपरांत उन्हें जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी सेहत अब पहले की तुलना में अधिक बेहतर और स्थिर बनी हुई है। चिकित्सा तंत्र द्वारा उनके शरीर में आए सुधार पर लगातार ध्यान दिया जा रहा है, ताकि संक्रमण को शीघ्र नियंत्रित किया जा सके।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख और आईसीयू व्यवस्था
एसएमएस अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मंत्री मीणा को संस्थान के मेडिसिन विभाग के अंतर्गत डॉ. आर.के. भीनमाल की विशेष यूनिट में रखा गया है। उन्हें अस्पताल के मेडिकल आईसीयू सह आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक दल 24 घंटे उनकी शारीरिक स्थिति और आवश्यक स्वास्थ्य मानकों की गहन निगरानी कर रहा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उनकी स्थिति पर निरंतर ध्यान दिया जा रहा है और वे इलाज पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
स्वाइन फ्लू प्रोटोकॉल और आगंतुकों पर पूर्ण प्रतिबंध
स्वाइन फ्लू के अत्यधिक संक्रामक स्वभाव और कड़े चिकित्सीय नियमों को ध्यान में रखते हुए अस्पताल परिसर में सुरक्षात्मक कदम उठाए गए हैं। डॉक्टरों के दल ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से किसी भी बाहरी व्यक्ति, समर्थक अथवा परिचित के मरीज से मिलने पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के तय मानकों के अनुसार मंत्री महोदय का उपचार शुरू किया जा चुका है। उनके रक्त एवं अन्य आवश्यक अंगों की नैदानिक जांचें कराई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, संपूर्ण उपचार व्यवस्था का संचालन मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. महेन्द्र अग्रवाल के नेतृत्व में गठित डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा चौबीसों घंटे किया जा रहा है।
समर्थकों में चिंता और जल्द स्वस्थ होने की कामना
कृषि मंत्री के अस्वस्थ होने और आईसीयू में भर्ती कराए जाने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई। हालांकि, डॉक्टरों के सकारात्मक बुलेटिन से लोगों ने राहत की सांस ली है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि मरीज को तयशुदा दवाएं और आवश्यक देखभाल दी जा रही है। अस्पताल की पूरी टीम स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य बनाने के लिए मुस्तैदी से जुटी हुई है, जिससे उनके जल्द ठीक होकर लौटने की उम्मीदें मजबूत हुई हैं।



















