बुधवार के एशियन कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर और जापानी येन मुद्रा जोड़ी (USD/JPY) में नरमी देखी गई और यह घटकर 158.90 के स्तर के आसपास कारोबार करती नजर आई। हाल के सत्रों में अमेरिकी खजाना विभाग द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद यानी बॉन्ड बायबैक की घोषणाओं के बाद अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ा है। इसके साथ ही, हफ्ते के उत्तरार्ध में आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के सम्मेलनों से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया है। बाजार में कारोबारी अब बुधवार को जारी होने वाले अमेरिकी जुलाई पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं, जो शुक्रवार को आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित जैक्सन होल सम्मेलन से ठीक पहले आ रहे हैं।
अमेरिकी खजाना विभाग की बॉन्ड पुनर्खरीद योजना और बढ़ते राष्ट्रीय कर्ज की चिंताएं
अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का एक बड़ा कारण अमेरिकी खजाना विभाग की नई बॉन्ड पुनर्खरीद रणनीति है। अमेरिकी खजाना सचिव स्कॉट बेसेंट ने पिछले सप्ताह जानकारी दी थी कि खजाना विभाग अपनी बॉन्ड बायबैक गतिविधियों का दायरा दोगुना करने जा रहा है। इस नई नीति के तहत प्रति ऑपरेशन खरीद सीमा को मौजूदा 2 अरब डॉलर के अधिकतम स्तर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर किया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य लंबी अवधि के उधार की लागत में हो रही तेज बढ़ोतरी को नियंत्रित करना और बांड बाजार में स्थिरता लाना है।
हालांकि, खजाना विभाग अपने जनरल अकाउंट (TGA) का इस्तेमाल इन सरकारी बॉन्ड की खरीदारी के वित्तपोषण के लिए कर सकता है, लेकिन इस पहल ने वित्तीय विश्लेषकों के बीच राष्ट्रीय ऋण के स्तर को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज हाल ही में 40 खरब डॉलर (40 ट्रिलियन डॉलर) के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुका है। इतनी बड़ी मात्रा में सार्वजनिक ऋण के बीच बॉन्ड बायबैक की घोषणा ने निवेशकों में अनिश्चितता पैदा की है, जिससे अमेरिकी डॉलर सूचकांक (Greenback) में गिरावट आई है और जापानी येन को बढ़त हासिल करने का मौका मिला है।
बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावनाएं
जापानी येन को घरेलू मौद्रिक नीति के मोर्चे से भी काफी मजबूती मिल रही है। 17 अगस्त से 24 अगस्त के बीच आयोजित अर्थशास्त्रियों के एक विस्तृत सर्वेक्षण के अनुसार, 57 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों का मानना है कि जापान का केंद्रीय बैंक (बैंक ऑफ जापान) आगामी सितंबर महीने की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। यह आंकड़ा जुलाई में किए गए पिछले सर्वेक्षण के मुकाबले एक बड़ा बदलाव दर्शाता है, जहां दर वृद्धि की उम्मीदें काफी कम थीं।
इसके अलावा, सर्वेक्षण में शामिल 58 विश्लेषकों में से 10 विश्लेषकों का यह भी मानना है कि सितंबर के बाद बैंक ऑफ जापान वर्ष के अंत तक यानी अक्टूबर या दिसंबर की बैठक में एक और दर वृद्धि कर सकता है, जिससे वहां की ब्याज दरें बढ़कर 1.50 प्रतिशत तक पहुंच सकती हैं। जापान में नीतिगत दरों में संभावित वृद्धि और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में कटौती की उम्मीदों ने दोनों देशों की बांड प्रतिफल (बॉन्ड यील्ड) के अंतर को कम करना शुरू कर दिया है, जिससे येन की ओर पूंजी प्रवाह बढ़ रहा है।
USD/JPY का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख चार्ट स्तर
तकनीकी परिदृश्य पर नजर डालें तो दैनिक चार्ट पर USD/JPY जोड़ी अभी भी मंदड़िया (bearish) रुझान को प्रदर्शित कर रही है। वर्तमान में यह जोड़ी अपने 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 160.00 के नीचे कारोबार कर रही है, जो ऊपर की ओर एक मजबूत प्रतिरोध स्तर बना हुआ है। यद्यपि मूल्य 20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड के मध्य स्तर से ऊपर बना हुआ है, लेकिन ऊपरी बैंड इसे सीमित कर रहा है, जो यह दर्शाता है कि हालिया सुधार एक व्यापक थकान चरण के भीतर घटित हो रहा है।
रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI-14) 43.64 के स्तर पर स्थित है (लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह 44 के करीब है), जो तटस्थ 50 रेखा से नीचे है। यह इस बात का संकेत है कि तेजी के प्रयासों में मजबूत गति का अभाव है और जब तक कीमत 100-दिवसीय SMA से नीचे रहती है, विक्रेता बाजार पर अपना नियंत्रण बनाए रख सकते हैं।
लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, USD/JPY का 52-सप्ताह का दायरा 146.22 से 163.98 के बीच रहा है। दैनिक तकनीकी सूचकांकों में 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 159.48 पर, EMA50 160.10 पर और दीर्घकालिक EMA200 157.69 पर स्थित है। 50-दिवसीय SMA 160.96 और 200-दिवसीय SMA 158.36 पर मौजूद हैं, जो लंबी अवधि के बुलिश क्रॉसओवर (गोल्डन क्रॉस) को बनाए हुए हैं। एमएसीडी (MACD) संकेतक -0.58 पर है जबकि इसकी सिग्नल लाइन -0.66 पर है, जिसका हिस्टोग्राम 0.08 के साथ हल्का बुलिश सुधार दर्शाता है। ट्रेंड की ताकत बताने वाला ADX(14) 42 के स्तर पर है, जो एक मजबूत रुझान की उपस्थिति दिखाता है, जबकि स्टोकेस्टिक संकेतक 74 पर स्थिर है। औसत वास्तविक सीमा (ATR-14) 1.04 पर है जो दैनिक अस्थिरता को दर्शाती है।
चार्ट के ऊपरी स्तरों पर पहला बड़ा प्रतिरोध 100-दिवसीय SMA यानी 160.00 के स्तर पर है। यदि कीमत इस स्तर को पार करने में सफल होती है, तो अगला रुकावट स्तर 160.30 के पास बॉलिंजर ऊपरी बैंड और R2 रेजिस्टेंस 159.44 के आसपास देखा जा सकता है। इसके विपरीत, नीचे की तरफ immediate सपोर्ट 20-दिवसीय बॉलिंजर मिडिल बैंड 158.75 (सपोर्ट S1 158.84) पर स्थित है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो कीमत निचले संरचनात्मक समर्थन स्तर 157.20 और S2 सपोर्ट 158.67 की ओर गिर सकती है। 20-दिवसीय मजबूत सपोर्ट 155.26 के आसपास स्थित है।
अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ों में हलचल (GBP/USD और EUR/USD)
फॉरेक्स बाजार में केवल जापानी येन ही नहीं, बल्कि अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं में भी अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के कारण उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) ने सोमवार को आई निराशा को पीछे छोड़ते हुए मंगलवार को मामूली बढ़त दर्ज की। हालांकि, 'केबल' के नाम से जाने जाने वाले इस मुद्रा जोड़े की सीमित बढ़त को 1.3650 के प्रतिरोध क्षेत्र के आसपास मजबूत रुकावट का सामना करना पड़ा है, क्योंकि अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का हल्का दबाव बना हुआ है।
इसी तरह, यूरो और अमेरिकी डॉलर (EUR/USD) जोड़ी ने वॉल स्ट्रीट के मंगलवार के कारोबार के बाद 1.1670 के स्तर के पास मामूली बढ़त हासिल की। अमेरिकी डॉलर में आई दो लगातार गिरावटों के चलते यूरो को सहारा मिला है और यह मुद्रा जोड़ी 1.1700 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के लक्ष्य पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में अमेरिका की दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों के संशोधन और PCE मुद्रास्फीति डेटा पर विदेशी मुद्रा निवेशकों की गहरी नजर रहेगी।
सोना, कच्चा तेल और भू-राजनीतिक कारक
मुद्रा बाजार के साथ-साथ कीमती धातुओं में भी हलचल देखी जा रही है। सोना (Gold) बुधवार तड़के 4,650 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष करता नजर आया। पिछले सत्र में दोतरफा उतार-चढ़ाव देखने के बाद व्यापारी अमेरिकी PCE आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं ताकि फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीति का सुराग मिल सके। ब्याज दर के दृष्टिकोण का अमेरिकी डॉलर और बिना उपज वाली धातु (सोना) दोनों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
इसके अतिरिक्त, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की नए सिरे से जगी उम्मीदों, कच्चे तेल (Oil) की गिरती कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और फेड द्वारा तत्काल मौद्रिक सख्ती की घटती संभावनाओं ने अमेरिकी डॉलर पर अतिरिक्त दबाव डाला है। इन कारकों से सोने की कीमतों को निचले स्तरों पर कुछ सहारा मिलने की संभावना है।
बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति का इतिहास और येन का सुरक्षित ठिकाना स्वरूप
जापानी येन (JPY) दुनिया की सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में से एक है। येन का मूल्य व्यापक रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन से तय होता है, लेकिन विशेष रूप से यह बैंक ऑफ जापान की नीति, जापानी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के अंतर और वैश्विक निवेशकों की जोखिम भावना (risk sentiment) से प्रभावित होता है। बैंक ऑफ जापान का प्रमुख जनादेश मुद्रा नियंत्रण का भी है। बीओजे ने अतीत में कई बार येन के अत्यधिक मूल्यांकन को रोकने के लिए मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप किया है, हालांकि व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं के कारण ऐसा बहुत कम किया जाता है।
वर्ष 2013 से 2024 के दौरान बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनाई गई अत्यधिक उदार (ultra-loose) मौद्रिक नीति के कारण अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों के साथ नीतिगत अंतर बढ़ गया था, जिससे येन में भारी गिरावट आई थी। विशेष रूप से यूएस फेडरल रिजर्व द्वारा दरें बढ़ाए जाने से 10-वर्षीय अमेरिकी और जापानी सरकारी बॉन्ड के बीच यील्ड का अंतर काफी चौड़ा हो गया था, जिसने डॉलर को भारी मजबूती दी। हालांकि, 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा इस उदार नीति को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के निर्णय और अन्य केंद्रीय बैंकों में दरों में कटौती की शुरुआत ने इस अंतर को कम किया है, जिससे येन को फिर से समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, जापानी येन को वैश्विक वित्तीय बाजारों में संकट के समय एक सुरक्षित निवेश (safe-haven) माना जाता है, जिससे तनावपूर्ण माहौल में निवेशकों का रुझान येन की ओर बढ़ता है।



















