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इंदौर के रावजी बाजार में महिला को जबरन ले जाने की कोशिश, गुस्साई भीड़ ने आरोपी असलम को अर्धनग्न कर पीटामध्य प्रदेश
3 सित॰ 2026, 11:59 pm (9 दिन पहले)· 6

इंदौर के रावजी बाजार में महिला को जबरन ले जाने की कोशिश, गुस्साई भीड़ ने आरोपी असलम को अर्धनग्न कर पीटा

मध्य प्रदेश के इंदौर में रावजी बाजार इलाके के पास एक महिला को जबरन गाड़ी में बैठाने का मामला सामने आया है। आरोपी असलम खान को स्थानीय लोगों और महिलाओं ने घेरकर जमकर पीटा, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक गुस्से का एक गंभीर मामला सामने आया है। रावजी बाजार इलाके की एक सड़क पर भीड़ ने रेप के एक आरोपी की जमकर पिटाई कर दी। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद महिलाओं ने उसे चप्पलों से मारा, जबकि पुरुषों ने लात और घूंसे बरसाए। उग्र भीड़ के हंगामे के बीच आरोपी के कपड़े तक उतार दिए गए, जिससे वह सड़क पर अर्धनग्न हालत में नजर आया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी तेजी से सामने आया है, जिसमें भारी जनसैलाब आरोपी को घेरकर अपना गुस्सा निकालता दिखाई दे रहा है।

महिला को जबरदस्ती गाड़ी में खींचने का आरोप

घटनाक्रम के मुताबिक, यह पूरा मामला बुधवार दोपहर का है जब 28 वर्षीय एक महिला पैदल अपने रास्ते जा रही थी। उसी दौरान चंपाबाग इलाके का रहने वाला असलम खान अपनी गाड़ी लेकर वहां पहुंचा। आरोपी ने महिला को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाने और साथ ले जाने का प्रयास किया। गाड़ी में बैठने के लिए दबाव बनाते हुए वह कह रहा था कि चलो, मुझे तुमसे बात करनी है और बात करके हम वापस आ जाएंगे। पीड़ित महिला ने जब इस हरकत का विरोध किया और जोर-जोर से चिल्लाकर शोर मचाया, तो आसपास के लोग और वहां खड़े बजरंग दल के कार्यकर्ता तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने असलम को दबोच लिया।

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आपसी संबंध और दूरी बनाने की वजह

शुरुआती जानकारियों में सामने आया है कि महिला और असलम के बीच पिछले 6 साल से आपसी दोस्ती थी। हालांकि, कुछ समय पहले महिला की शादी किसी अन्य जगह पर तय हो गई थी, जिसके बाद से उसने असलम से बातचीत बंद कर दी थी और उससे दूरी बना ली थी। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने उसे रास्ते में रोककर अगवा करने का कुत्सित प्रयास किया। जब महिला ने शोर मचाया तो लोगों की निगाहें इस पर पड़ीं और उन्होंने आरोपी को घेर लिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लगभग 50 से 60 लोगों की गुस्साई भीड़ ने उसे चारों तरफ से घेर रखा है।

मारपीट और पुलिस की एंट्री

भीड़ के लगातार थप्पड़ों, घूंसों और चप्पलों की बरसात के कारण आरोपी कई बार सड़क की जमीन पर गिर जाता था, लेकिन लोग उसे उठाकर दोबारा पीटना शुरू कर देते थे। सड़क पर भारी तमाशा और भीड़ उमड़ने के बाद डायल 100 की टीम फौरन मौके पर पहुंची और बीच-बचाव कर युवक को उग्र भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ रावजी बाजार थाने ले गई, जहां 28 वर्षीय पीड़ित महिला की लिखित शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस कार्रवाई और कोर्ट का फैसला

रावजी बाजार के टीआई दीप सिंह ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था और आरोपी लगातार महिला को परेशान कर रहा था। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बुधवार शाम को ही रेप और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया और अगले दिन यानी गुरुवार को उसे अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

सवाल-जवाब

यह घटना कहाँ हुई?
यह घटना मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के रावजी बाजार इलाके में हुई।
आरोपी का क्या नाम है?
आरोपी का नाम असलम खान है, जो चंपाबाग का रहने वाला है।
पीड़ित महिला की उम्र कितनी है?
पीड़ित महिला की उम्र 28 वर्ष है।
आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
पुलिस ने रेप और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·8 दिन पहले

यह घटना सार्वजनिक सुरक्षा और कानून के दायरे से बाहर जाकर भीड़ द्वारा न्याय करने की प्रवृत्ति को दर्शाती है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंता का विषय है। इस तरह की हिंसक प्रतिक्रियाएं न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि पर्यटन और शहर की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। आगे चलकर यह जरूरी है कि इस मामले में त्वरित कानूनी कार्रवाई हो ताकि नागरिकों में कानून का विश्वास बना रहे और इस प्रकार की अराजकता पर रोक लगाई जा सके।

Arjun Mehta@arjun-mehta·8 दिन पहले

यह घटना कानून को हाथ में लेने की बढ़ती प्रवृत्ति और पुलिस प्रशासन की शुरुआती सुस्ती पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस तरह की मॉब लिंचिंग और सार्वजनिक हिंसा लोकतांत्रिक व्यवस्था में अराजकता को बढ़ावा देती है। यद्यपि महिला की सुरक्षा सर्वोपरि है और आरोपी पर कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन भीड़ द्वारा कानून की धज्जियां उड़ाना सिविल सोसायटी और कानून व्यवस्था दोनों के लिए चिंता का विषय है।

Ravikash Gupta@ravikash·8 दिन पहले

यह घटना केवल कानून व्यवस्था की विफलता नहीं है, बल्कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे हिंसक वीडियो समाज में बढ़ती आक्रामकता का खतरनाक संकेत हैं। जब भीड़ खुद न्यायाधीश बन जाती है, तो न्याय प्रक्रिया कमजोर होती है और कॉर्पोरेट व आर्थिक मोर्चे पर भी ऐसे अराजक माहौल से शहर की ब्रांडिंग और निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पुलिस को ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कदम उठाने होंगे ताकि कानून का इकबाल कायम रहे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·8 दिन पहले

इंदौर की इस घटना में कानून को अपने हाथ लेने की प्रवृत्ति चिंताजनक है। यद्यपि आरोपी का कृत्य और महिला का पूर्व संपर्क जांच का विषय है, लेकिन भीड़ द्वारा अर्धनग्न कर पीटने से न्याय व्यवस्था कमजोर होती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, पर भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कानूनी कार्रवाई से ही मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·8 दिन पहले

इंदौर की यह घटना कानून-व्यवस्था के प्रति आम जनता के घटते भरोसे और त्वरित न्याय की बेताबी को दर्शाती है। जब इस तरह के मामलों में भीड़ हिंसक हो जाती है, तो यह सामाजिक ताने-बाने और प्रशासनिक नियंत्रण दोनों के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि पुलिस ऐसे मामलों में गश्त और खुफिया तंत्र को मजबूत नहीं करती, तो कानून को हाथ में लेने की ऐसी प्रवृत्तियां अन्य क्षेत्रों में भी अराजकता का कारण बन सकती हैं।

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