जीवन बीमा की किस्त छूटने पर सुरक्षा कब तक जारी रहती है और पॉलिसी दोबारा कैसे शुरू कराएंनाना पाटेकर के निधन पर विवादित बयान देने पर तनुश्री दत्ता पर भड़का सिने वर्कर्स एसोसिएशनबॉक्स ऑफिस पर 63वें दिन भी डटी रही हनुमान अंश, दृश्यम 3 की कमाई में सातवें दिन आई सुस्तीमहिंद्रा एक्सयूवी 3XO सीएनजी 15 अक्टूबर 2026 को होगी पेश, जानिए संभावित पावरट्रेन और कीमत का गणितजमुई में चलती ई-रिक्शा की बैटरी फटने से लगी भीषण आग, दो छात्राएं झुलसींरिजर्व बैंक ने 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाया रेपो रेट, जानिए आपकी जेब और लोन की किस्तों पर क्या होगा असरडेयरी उत्पादों के कारोबार से तगड़ा मुनाफा कमाने का तरीका, आकीब ने साझा किए जरूरी गुरदेहरादून के 7 प्रसिद्ध ठिकानों पर चखें बेहतरीन तंदूरी चिकन, जेब पर भी नहीं पड़ेगा भारीआकर्षक अंदाज में सजी थाली से सेहत को मिलेंगे पूरे पोषक तत्व, जानें प्लेटिंग के खास नियमईरान पर हमले की संभावना खारिज होने और तेल भंडार जारी करने के फैसले से कच्चे तेल में नरमी
जंतर मंतर पर प्रदर्शन से ठीक पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का सुरक्षा घेरा कड़ा हुआभारत
9 अक्तू॰ 2026, 2:47 pm (20 मिनट पहले)· 0

जंतर मंतर पर प्रदर्शन से ठीक पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का सुरक्षा घेरा कड़ा हुआ

दिल्ली और आगरा में आवासों के बाहर हुए हंगामे के बाद गृह मंत्रालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की Z+ सुरक्षा व्यवस्था को अतिरिक्त बलों के साथ और सख्त कर दिया है।

नई दिल्ली में जंतर मंतर पर विपक्ष और छात्र संगठनों के प्रस्तावित जमावड़े से ऐन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से चाक-चौबंद किया गया है। ज्ञानेश कुमार के पास पहले से ही देश की दूसरी सबसे बड़ी नागरिक सुरक्षा श्रेणी Z+ उपलब्ध है। सुरक्षा एजेंसियों ने किसी नए सुरक्षा स्तर की घोषणा करने के बजाय मौजूदा Z+ घेरे में ही अतिरिक्त टैक्टिकल रिजर्व जवानों को शामिल करके उनकी पहरेदारी को कई गुना मजबूत बना दिया है। यह कदम उनके सरकारी और पैतृक आवासों के बाहर विरोध प्रदर्शनों के उग्र रूप लेने के बाद उठाया गया है।

Z+ श्रेणी के सुरक्षा घेरे में क्या-क्या शामिल होता है

भारत में Z+ सुरक्षा प्रोटोकॉल बेहद कड़ा और बहुस्तरीय माना जाता है, जिसमें विभिन्न शिफ्टों के दौरान कुल 55 से अधिक हथियारबंद सुरक्षाकर्मी अपनी सेवाएं देते हैं। इस पूरे दस्ते में विशेष सुरक्षा इकाई, चौबीसों घंटे साये की तरह साथ रहने वाले पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के अत्याधुनिक हथियारों से लैस कमांडो तैनात रहते हैं। जब भी मुख्य चुनाव आयुक्त अपने दफ्तर या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए निकलते हैं, तब उनके सफर के दौरान विशेष सुरक्षा वाहनों का एक सुसज्जित काफिला आगे-पीछे साथ चलता है।

ये भी पढ़ें

आवास और दफ्तर की सुरक्षा में किए गए ताजा बदलाव

सुरक्षा एजेंसियों द्वारा खतरे के नए मूल्यांकन के बाद गृह मंत्रालय और CISF ने कुछ संवेदनशील ठिकानों पर स्टैंडबाय रिजर्व यूनिट्स तैनात करने का निर्णय लिया। मुख्य चुनाव आयुक्त के नई दिल्ली स्थित न्यू मोती बाग आवास पर अर्धसैनिक बलों के अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए गए हैं और वहां चौबीसों घंटे पुलिस वैन मुस्तैद रहेगी।

  • न्यू मोती बाग आवास पर लोगों के आने-जाने पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।
  • वहां पहुंचने वाले प्रत्येक आगंतुक के लिए पहचान पत्र दिखाना और आने का ठोस कारण बताना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • आवास के बाहरी घेरे की लगातार निगरानी के लिए गश्त करने वाले कमांडो तैनात किए गए हैं।
  • निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय में CISF द्वारा संभाले जाने वाले अंदरूनी सुरक्षा मोर्चों को और पुख्ता किया गया है।
  • मुख्यालय के बाहरी सुरक्षा घेरे को संभालने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और दिल्ली पुलिस के जवानों की रणनीतिक तैनाती की गई है।
  • आगरा में स्थित उनके पारिवारिक मकान पर, जहां उनके बुजुर्ग माता-पिता रहते हैं, हालिया तोड़फोड़ के बाद राज्य और केंद्रीय पुलिस बलों का सुरक्षा पहरा बैठाया गया है।

सुरक्षा बढ़ाने की मुख्य वजह और ताजा तनाव

सुरक्षा एजेंसियों को यह कड़ा कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि हाल ही में प्रदर्शनकारियों ने नई दिल्ली के न्यू मोती बाग स्थित ज्ञानेश कुमार के सरकारी बंगले तक पहुंच बनाकर जोरदार नारेबाजी की थी। प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने गेट पार करके परिसर के अंदर घुसने की कोशिश भी की थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित उनके पैतृक आवास को भी प्रदर्शनकारियों ने अपना निशाना बनाया था। आगरा के उस घर में उनके बुजुर्ग माता-पिता रहते हैं, जहां भीड़ द्वारा संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। इन दोनों घटनाओं के बाद सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल खतरे का पुनर्मूल्यांकन किया गया।

जंतर मंतर पर प्रदर्शन और राजनीतिक टकराव

10 अक्टूबर को होने वाले इस विशाल राजनीतिक आंदोलन को 'जंतर-मंतर 2.0' का नाम दिया गया है, जिसमें देश भर से लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फौरन इस्तीफे की मांग को लेकर लामबंद हो रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने ज्ञानेश कुमार के पद छोड़ने को लेकर कड़ा अल्टीमेटम जारी करते हुए देशव्यापी चक्का जाम की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ बीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुरजोर बचाव किया है। राजनीतिक टकराव उस वक्त और गहरा गया जब कांग्रेस ने अपने हमले तेज कर दिए और राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर ज्ञानेश कुमार और बीजेपी पर मिलीभगत तथा फिक्स्ड मैच खेलने का सीधा आरोप मढ़ दिया।

विरोध प्रदर्शन के पीछे का विवाद और चुनावी मुद्दे

यह बड़ा आंदोलन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) जैसे अग्रणी छात्र संगठनों द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसे विपक्षी INDIA ब्लॉक के सांसदों का भी खुला समर्थन मिल रहा है। इस पूरे हंगामे के केंद्र में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के लिए शुरू किया गया स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम है, जिसे लेकर विपक्षी खेमे में भारी नाराजगी है। इसके अलावा ज्ञानेश कुमार पर यह गंभीर आरोप भी लगाया गया है कि उन्होंने अपने सहयोगी चुनाव आयुक्तों से कोई औपचारिक सलाह-मशविरा किए बिना नए मतदाता पंजीकरण के प्रमुख दस्तावेज फॉर्म 6 में एकतरफा रूप से बड़े फेरबदल कर दिए। इन्हीं तमाम मुद्दों को लेकर विपक्षी दल अब सड़कों पर उतर आए हैं।

सवाल-जवाब

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को वर्तमान में कौन सी सुरक्षा मिली हुई है?
ज्ञानेश कुमार को देश की दूसरी सबसे बड़ी नागरिक सुरक्षा श्रेणी Z+ प्राप्त है, जिसे अतिरिक्त जवानों के साथ और मजबूत किया गया है।
CEC ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा में हाल ही में क्या बदलाव किए गए हैं?
उनके मौजूदा Z+ घेरे में अतिरिक्त टैक्टिकल रिजर्व जवान, पुलिस वैन, गश्ती कमांडो और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
ज्ञानेश कुमार के किन आवासों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं?
नई दिल्ली के न्यू मोती बाग स्थित उनके सरकारी आवास और आगरा स्थित पैतृक घर पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
आगरा स्थित उनके आवास पर क्या घटना घटी थी?
आगरा में उनके पारिवारिक घर को प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया था और वहां संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था, जहां उनके बुजुर्ग माता-पिता रहते हैं।
'जंतर-मंतर 2.0' विरोध प्रदर्शन कब आयोजित किया जा रहा है?
यह विरोध प्रदर्शन 10 अक्टूबर को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है।
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या है?
यह आंदोलन वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और साथी आयुक्तों की सलाह के बिना फॉर्म 6 में बदलाव के आरोपों को लेकर हो रहा है।
इस प्रदर्शन का आयोजन कौन से संगठन कर रहे हैं?
इसका आयोजन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) द्वारा किया जा रहा है, जिसे INDIA ब्लॉक का समर्थन प्राप्त है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp