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ईरान पर हमले की संभावना खारिज होने और तेल भंडार जारी करने के फैसले से कच्चे तेल में नरमीबाज़ार
9 अक्तू॰ 2026, 12:34 pm (52 मिनट पहले)· 0

ईरान पर हमले की संभावना खारिज होने और तेल भंडार जारी करने के फैसले से कच्चे तेल में नरमी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर सैन्य हमले की संभावना खारिज करने और वैश्विक रणनीतिक भंडार जारी होने से डब्ल्यूटीआई क्रूड 89.65 डॉलर के आसपास फिसल गया।

CL━SMA20 ━SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण9 अक्टूबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

CL अभी $90.91 पर है, जबकि EMA20 $91.93, EMA50 $90.16 और EMA200 $81.21 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA50 ($90.16) के ऊपर बंद होने पर तेजी, EMA200 ($81.21) टूटने पर गिरावट खुलती है।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

CL का RSI 48 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

बोलिंजर बैंड्स20-period, 2 std-dev

यह क्या है

Bollinger Bands कीमत को उसके 20-दिनी औसत के दो स्टैंडर्ड डेविएशन के दायरे में घेरती हैं। ऊपरी बैंड अति-खिंचाव दिखाता है, निचला बिकवाली से थकान; बीच का बैंड रुझान का केंद्र है।

अभी यह कहाँ है

CL का बैंड दायरा $84.26–$104 है।

आगे संभावित चाल

मध्य-बैंड ($94.37) को फिर से पार करने पर गति ऊपर झुकती है।

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जहां शुक्रवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र में अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) फिसलकर 89.65 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। तेल कीमतों में यह ताजा गिरावट उस समय दर्ज की गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन आगामी नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर किसी तरह का हमला नहीं करेगा। तेहरान के साथ जारी सार्थक चर्चाओं और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ते कूटनीतिक दबाव के बीच ऊर्जा बाजारों में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम कुछ कम होता दिखा है।

भू-राजनीतिक तनाव में कमी और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल प्रवाह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की संभावना को पूरी तरह खारिज करते हुए तेहरान के साथ जारी बातचीत को सकारात्मक बताया है। ट्रंप ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चा तेल रिकॉर्ड स्तर पर प्रवाहित हो रहा है। खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल की इस निर्बाध आपूर्ति और युद्ध की आशंकाएं टलने से तेल व्यापारियों में निकट अवधि के दौरान आपूर्ति संकट को लेकर चिंताएं कम हुई हैं, जिसका सीधा असर डब्ल्यूटीआई के भाव पर दबाव के रूप में देखा जा रहा है।

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आईईए और जी7 देशों द्वारा रणनीतिक तेल भंडार जारी करने की तैयारी

कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ाने वाला दूसरा बड़ा कारक अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) का वह ताजा फैसला रहा, जिसमें रणनीतिक तेल भंडार को तेजी से बाजार में जारी करने पर सहमति जताई गई। वैश्विक स्तर पर ईंधन की रिकॉर्ड कीमतों और युद्ध से उपजी आपूर्ति बाधाओं से जूझ रही सरकारों को राहत देने के मकसद से आईईए ने विशेष रूप से डीजल आपूर्ति को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। आईईए की यह घोषणा जी7 समूह के देशों द्वारा पिछले सप्ताह 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने पर बनी सहमति के बाद सामने आई है। इस साझा वैश्विक पहल से ऊर्जा बाजार में यह उम्मीद पुख्ता हुई है कि आने वाले दिनों में और अधिक सरकारी भंडार खुले बाजार में उतारे जाएंगे।

अमेरिकी क्रूड इन्वेंट्री में अप्रत्याशित गिरावट

वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने के इन कदमों के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका से आए आधिकारिक आंकड़ों ने भंडार के मोर्चे पर एक अलग तस्वीर पेश की। एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में 31.86 लाख बैरल की अप्रत्याशित गिरावट दर्ज की गई। यह आंकड़ा बाजार के विश्लेषकों के उस आम अनुमान के बिल्कुल विपरीत रहा, जिसमें 19 लाख बैरल की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही थी। इससे पिछले सप्ताह अमेरिकी इन्वेंट्री में 9.22 लाख बैरल का इजाफा देखा गया था, लेकिन इस बार भारी निकासी दर्ज की गई।

तेल बाजार में इन्वेंट्री आंकड़ों का व्यापक महत्व होता है। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (एपीआई) द्वारा प्रत्येक मंगलवार को निजी अनुमान जारी किए जाते हैं, जबकि सरकारी एजेंसी ईआईए अगले दिन बुधवार को अपने आधिकारिक आंकड़े पेश करती है। ऐतिहासिक रूप से दोनों एजेंसियों के परिणाम करीब 75 प्रतिशत समय में एक प्रतिशत के दायरे में रहते हैं, हालांकि सरकारी एजेंसी होने के कारण ईआईए के आंकड़ों को बाजार अधिक विश्वसनीय और निर्णायक मानता है। जब इन्वेंट्री घटती है तो यह बढ़ती मांग का संकेत देती है, जिससे कीमतों को सहारा मिलता है, जबकि भंडार में बढ़ोतरी आपूर्ति आधिक्य का संकेत मानकर कीमतों को नीचे धकेलती है।

डब्ल्यूटीआई क्रूड की तकनीकी स्थिति और प्रमुख स्तर

दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो डब्ल्यूटीआई क्रूड 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) और निचले बोलिंजर बैंड दोनों के ऊपर बना हुआ है, जिससे 90 डॉलर के स्तर से हालिया गिरावट के बावजूद मध्यम अवधि का रुख हल्का सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, मौजूदा भाव बोलिंजर मिडिल बैंड के नीचे कारोबार कर रहा है, जिससे संकेत मिलता है कि व्यापक तेजी का ढांचा बरकरार रहने के बावजूद मध्य चैनल के नीचे जारी यह कंसोलिडेशन तेजी की गति को सीमित कर रहा है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 49 के करीब स्थिर है, जो किसी एकतरफा दबाव के बजाय सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव की स्थिति दर्शाता है।

चार्ट पर ऊपर की तरफ पहला तात्कालिक प्रतिरोध बोलिंजर मिडिल बैंड के पास 92.25 डॉलर पर मौजूद है। यदि भाव इस स्तर को पार करने में सफल होता है, तो अगला तेजी का लक्ष्य ऊपरी बोलिंजर बैंड यानी 99.35 डॉलर के करीब खुल जाएगा। वहीं दूसरी ओर, गिरावट की स्थिति में तात्कालिक सहारा 85.15 डॉलर पर निचले बोलिंजर बैंड के पास बना हुआ है। इसके नीचे 84.10 डॉलर के समीप 100-दिवसीय एसएमए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक आधार प्रदान करता है, जहां सुधारात्मक दबाव गहराने पर खरीदारों द्वारा व्यापक तेजी के ढांचे का बचाव किए जाने की उम्मीद रहेगी।

वर्तमान में उपलब्ध लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, क्रूड ऑयल 90.91 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 91.49 डॉलर के मुकाबले 0.63 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। इसका 52 हफ्तों का दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर के बीच रहा है। लाइव तकनीकी संकेतकों में आरएसआई (14) 48 पर है, जबकि एमएसीडी -0.36 पर है और सिग्नल लाइन 0.44 के साथ हिस्टोग्राम -0.79 का मंदी का रुख दर्शा रहा है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज में 20 ईएमए 91.93 डॉलर, 50 ईएमए 90.16 डॉलर और 200 ईएमए 81.21 डॉलर पर स्थित है, जहां 50 ईएमए का 200 ईएमए से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस के साथ लंबी अवधि के अपट्रेंड की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय बोलिंजर बैंड 84.26 डॉलर से 104.48 डॉलर (मध्य स्तर 94.37 डॉलर) पर है। 14-दिवसीय एडीएक्स 18 के स्तर पर कमजोर ट्रेंड या रेंज-बाउंड स्थिति दर्शा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक फास्ट लाइन 38 और सिग्नल लाइन 26 पर है। 14-दिवसीय एटीआर 4.19 डॉलर की दैनिक अस्थिरता दर्शाता है। लाइव पिवट स्तर 90.84 डॉलर, प्रतिरोध आर1 91.48 डॉलर और आर2 92.06 डॉलर है, जबकि समर्थन एस1 90.26 डॉलर और एस2 89.62 डॉलर पर बना हुआ है।

कच्चे तेल के बाजार की कार्यप्रणाली और डब्ल्यूटीआई का महत्व

अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में बेचा जाने वाला डब्ल्यूटीआई क्रूड एक प्रमुख प्रकार का कच्चा तेल है, जिसे वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कहा जाता है। वैश्विक बाजार में ब्रेंट और दुबई क्रूड के साथ मिलकर यह तीन मुख्य बेंचमार्क में गिना जाता है। अपेक्षाकृत कम घनत्व (ग्रेविटी) और सल्फर की बहुत कम मात्रा होने के कारण इसे हल्का (लाइट) और मीठा (स्वीट) क्रूड भी कहा जाता है। उच्च गुणवत्ता का तेल होने के कारण रिफाइनरियों में इसे शोधित करना काफी आसान होता है। यह तेल संयुक्त राज्य अमेरिका में निकाला जाता है और इसका वितरण ओक्लाहोमा के कुशिंग हब के जरिए होता है, जिसे वैश्विक पाइपलाइन नेटवर्क का चौराहा माना जाता है।

किसी भी वित्तीय संपत्ति की तरह कच्चे तेल की कीमतें भी मूल रूप से मांग और आपूर्ति के बुनियादी नियमों से संचालित होती हैं। मजबूत वैश्विक आर्थिक विकास ईंधन की खपत बढ़ाकर कीमतों को रफ्तार देता है, जबकि आर्थिक मंदी मांग घटाकर भाव को नीचे लाती है। इसके अतिरिक्त राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और व्यापारिक प्रतिबंध आपूर्ति बाधित करके कीमतों में भारी उछाल ला सकते हैं। अमेरिकी डॉलर का मूल्य भी क्रूड की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाता है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार का अधिकांश हिस्सा अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए कमजोर डॉलर गैर-अमेरिकी खरीदारों के लिए तेल को सस्ता बना देता है और मांग बढ़ाता है, जबकि मजबूत डॉलर आयात महंगा कर देता है।

ओपेक और ओपेक प्लस की उत्पादन नीतियां

वैश्विक तेल परिदृश्य में पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन (ओपेक) एक अत्यंत शक्तिशाली कारक है। 12 तेल उत्पादक देशों का यह समूह वर्ष में दो बार होने वाली अपनी नियमित बैठकों में सदस्य देशों के लिए उत्पादन कोटा निर्धारित करता है। ओपेक द्वारा लिए गए नीतिगत निर्णयों का सीधा असर डब्ल्यूटीआई के भाव पर पड़ता है। जब संगठन उत्पादन कोटा घटाने का निर्णय लेता है, तो वैश्विक आपूर्ति सीमित हो जाती है और कीमतें बढ़ जाती हैं। इसके विपरीत, जब ओपेक उत्पादन बढ़ाने का फैसला करता है, तो बाजार में अतिरिक्त तेल आने से कीमतें गिरती हैं। इसके अलावा ओपेक प्लस एक विस्तृत गठबंधन है, जिसमें 10 अतिरिक्त गैर-ओपेक उत्पादक देश शामिल हैं, जिनमें सबसे प्रमुख भागीदार रूस है।

मुद्रा बाजार और कीमती धातुओं का हालिया रुख

व्यापक वित्तीय बाजारों में शुक्रवार को अन्य प्रमुख संपत्तियों में भी महत्वपूर्ण हलचल दर्ज की गई। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (एयूडी/यूएसडी) जोड़ी ने गति पकड़ी और पिछले दिन के साप्ताहिक निचले स्तर से सुधार को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को एशियाई सत्र में 0.7000 के स्तर की ओर रुख किया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई रातोंरात नरमी ने अमेरिकी डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे रखा, जिससे इस जोड़ी को सहारा मिला, जबकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (आरबीए) से जुड़े सख्त ब्याज दर रुख ने भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती प्रदान की।

दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन (यूएसडी/जेपीवाई) 158.00 के आसपास अपनी बढ़त पर टिका रहा। शुक्रवार को आए सरकारी आंकड़ों से पता चला कि जापान में घरेलू खर्च में लगातार नौवें महीने गिरावट आई है, जिसने जापानी येन को कमजोर किया। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और फेडरल रिजर्व के रुख के बीच अमेरिकी डॉलर पर भी कुछ दबाव रहा, जिसने इस जोड़ी की गिरावट को सीमित रखा। सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली सोने की कीमतें 4,200 डॉलर के स्तर पर फिर से मजबूती से पहुंच गईं और अपने दो महीने के निचले स्तर से सुधार को आगे बढ़ाया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के साथ डॉलर के स्थिर होने से सोने को सहारा मिला, हालांकि दैनिक आरएसआई अब भी मंदी के संकेत दे रहा है।

सवाल-जवाब

डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में गिरावट क्यों आई?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमले से इनकार करने और आईईए द्वारा रणनीतिक भंडार जारी करने के फैसले से तेल में गिरावट आई।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं होगा, तेहरान से सकारात्मक बातचीत जारी है और होर्मुज जलडमरूमध्य से रिकॉर्ड मात्रा में तेल गुजर रहा है।
आईईए और जी7 देशों ने कितना तेल जारी करने पर सहमति जताई है?
जी7 देशों ने 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने पर सहमति बनाई है, जिसे आईईए ने तेजी से लागू करने का फैसला किया है।
अमेरिकी क्रूड इन्वेंट्री में पिछले सप्ताह क्या बदलाव आया?
ईआईए के अनुसार अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में 31.86 लाख बैरल की अप्रत्याशित कमी आई, जबकि बाजार 19 लाख बैरल की बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहा था।
डब्ल्यूटीआई क्रूड के लिए तकनीकी चार्ट पर कौन से प्रमुख स्तर हैं?
ऊपर की तरफ 92.25 डॉलर पर पहला प्रतिरोध और 99.35 डॉलर पर अगला लक्ष्य है, जबकि नीचे 85.15 डॉलर और 84.10 डॉलर पर समर्थन स्तर मौजूद हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Michael Anderson@michael-anderson·5 मिनट पहले

चुनाव से पहले ईरान पर हमला टलने से तेल सस्ता तो हुआ है, पर क्या रणनीतिक भंडार के भरोसे कीमतें लंबे समय तक काबू में रहेंगी?

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·5 मिनट पहले

माइकल, बात तो सही है, पर जब तक होर्मुज से तेल बह रहा है, तब तक तो राहत है ही।

Rohan Gupta@rohan-gupta·25 मिनट पहले

गनीमत है कि ईरान को लेकर माहौल थोड़ा ठंडा पड़ा, वरना टेक सप्लाई चेन पर फिर से बड़ा असर पड़ जाता। वैसे कच्चा तेल नीचे आने से डेटा सेंटर्स और टेक हार्डवेयर के लॉजिस्टिक्स का खर्च भी थोड़ा सुधरेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·25 मिनट पहले

रोहन, तेल सस्ता होना अच्छी बात है, पर मुझे शक है कि इससे सचमुच लॉजिस्टिक्स का खर्च तुरंत कम हो जाएगा। कंपनियां इतनी जल्दी दाम कहां घटाती हैं।

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