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झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, रांची समेत आठ जिलों में आंधी और बिजली गिरने का अलर्टझारखंड
21 सित॰ 2026, 7:05 am (4 दिन पहले)· 0

झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, रांची समेत आठ जिलों में आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

झारखंड में 25 सितंबर तक बादलों का डेरा रहेगा और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। अगले दो दिनों में पारे में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।

झारखंड भर में मौसमी गतिविधियों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है, जिसके चलते आने वाले पांच दिनों तक पूरे राज्य में घने बादल छाए रहने का अनुमान है। सोमवार, 21 सितंबर से लेकर 25 सितंबर के दौरान कई हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। लगातार बनते बादलों और रुक-रुक कर होने वाली बारिश की वजह से अगले दो दिनों के भीतर दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की तेज गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे उमस भरी तपिश का सामना कर रहे लोगों को फौरी सुकून मिलने की उम्मीद है।

तेज हवाओं का झोंका और आकाशीय बिजली की चेतावनी

राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में 20 सितंबर को भी बादलों की मौजूदगी के बीच हल्की से मध्यम फुहारें दर्ज की गई थीं। सोमवार को भी यही मौसमी मिजाज बरकरार रहने वाला है, जहां कई स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ-साथ गरज-चमक के बीच वज्रपात यानी ठनका गिरने का बड़ा खतरा बना हुआ है। मंगलवार, 22 सितंबर को इन मौसमी गतिविधियों में और इजाफा देखने को मिल सकता है, जब हवा की गति बढ़कर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। खुले इलाकों और खेतों में काम करने वालों को ऐसे समय में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

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23 सितंबर से तेज बारिश का दायरा और प्रभावित इलाके

हल्की से मध्यम वर्षा की तीव्रता 23 सितंबर को काफी ज्यादा बढ़ सकती है, जिसका मुख्य असर दक्षिण-पूर्वी और मध्य झारखंड के जिलों में महसूस किया जाएगा। जोरदार वर्षा की आशंका के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो और धनबाद जैसे जिलों को चिन्हित किया गया है। इन तमाम इलाकों में बादलों की तेज गर्जना और बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। 24 सितंबर को भी अनेक हिस्सों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने का सिलसिला जारी रह सकता है, जबकि 24 और 25 सितंबर को पूरे सूबे के लगभग सभी भूभागों में बादलों की गड़गड़ाहट और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।

राजधानी में तापमान और आसमान की स्थिति

राजधानी रांची और इसके समीवर्ती भूभागों में 21 से 25 सितंबर तक आसमान पूरी तरह बादलों से ढका रहेगा। सोमवार, 21 सितंबर को शहर के विभिन्न इलाकों में एक या दो बार हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का अनुमान लगाया गया है। इस दौरान राजधानी का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने की उम्मीद है। वहीं 22 सितंबर को भी आसमान में बादलों का डेरा बना रहेगा और दिन भर रुक-रुक कर फुहारें गिरती रहेंगी, जिससे पारे में गिरावट का दौर जारी रहेगा।

सवाल-जवाब

झारखंड में मौसम कब तक खराब रहने का अनुमान है?
झारखंड में 21 सितंबर से 25 सितंबर तक बादल छाए रहने और विभिन्न इलाकों में बारिश होने का अनुमान है।
किन तारीखों पर तेज आंधी और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया गया है?
21 सितंबर को 30 से 40 किमी प्रति घंटे और 22 से 24 सितंबर के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी है।
झारखंड के किन जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है?
पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो और धनबाद में भारी वर्षा के आसार हैं।
बारिश के चलते तापमान में कितना बदलाव आ सकता है?
अगले दो दिनों के दौरान राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
राजधानी रांची में तापमान कैसा रहने की उम्मीद है?
रांची में 21 सितंबर को अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rajesh Kumar@rajesh-kumar·3 दिन पहले

झारखंड में मानसून की इस सक्रियता का सीधा असर कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, क्योंकि सितंबर के अंत में होने वाली यह बारिश धान की फसल के लिए बेहद अहम है। हालांकि, वज्रपात और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं से खुले में काम करने वाले किसानों और कच्चे मकानों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है, जिसके चलते राज्य प्रशासन को आपदा प्रबंधन के तहत तुरंत विशेष सतर्कता बरतनी होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

झारखंड में मौसम के इस बदलाव का सीधा असर कृषि और स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, क्योंकि सितंबर के अंत में होने वाली यह मानसूनी बारिश धान की फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट से भले ही आम लोगों को उमस से राहत मिले, लेकिन 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं और वज्रपात खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीण आपूर्ति श्रृंखला के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

रविकाश गुप्ता का विश्लेषण सटीक है कि यह मानसूनी बदलाव कृषि के लिए अहम है। राजनीति और लोक नीति के नजरिए से देखा जाए तो, इस दौरान वज्रपात और तेज हवाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में जान-माल के संभावित नुकसान को रोकना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। मौसम विभाग के इस पांच दिवसीय अलर्ट के मद्देनजर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसानों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों के लिए समय पर सुरक्षात्मक दिशा-निर्देश और चेतावनी जमीनी स्तर तक पहुंचे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

मौसम विभाग की इस चेतावनी के बीच आपराधिक मामलों और सड़क सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह ध्यान रखना आवश्यक है कि तेज आंधी, वज्रपात और भारी बारिश के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। विशेषकर रांची और धनबाद जैसे व्यस्त जिलों में यातायात नियंत्रण और खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन के तहत पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के अलावा, प्रशासनिक स्तर पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी के दौरान किसानों और खुले में श्रम करने वालों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करना अनिवार्य होना चाहिए। खासकर पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम जैसे क्षेत्रों में, जहां आंधी-तूफान के समय फसलों और कच्चे ढांचों को नुकसान पहुंचने का अधिक खतरा रहता है, वहां जिला प्रशासन को आपदा प्रबंधन इकाइयों को पहले से ही हाई अलर्ट पर रखना चाहिए ताकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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