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जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के उद्घाटन पर पीएम मोदी बोले, अफवाह फैलाने वालों के इरादे नहीं हुए कामयाबराजस्थान
4 जुल॰ 2026, 3:32 pm (38 दिन पहले)· 1

जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के उद्घाटन पर पीएम मोदी बोले, अफवाह फैलाने वालों के इरादे नहीं हुए कामयाब

जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि कैसे भारत ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट पर काबू पाया और सरकार ने 75 हजार करोड़ रुपये के घाटे की जिम्मेदारी खुद उठाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया और इसी मौके पर राज्य को कई नई परियोजनाओं की सौगात भी दी। इस कार्यक्रम में उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे भारत ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना किया और उससे सफलतापूर्वक बाहर निकला।

नए टर्मिनल से पर्यटन और व्यापार को मिलेगी रफ्तार

पीएम मोदी ने कहा कि नया टर्मिनल भवन यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देगा। साथ ही इससे पूरे राजस्थान में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक मौकों को भी बढ़ावा मिलेगा।

पश्चिम एशिया की जंग ने खड़ा किया संकट, भारत की इच्छाशक्ति ने दिलाई राह

पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग ने 21वीं सदी का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट पैदा कर दिया था। लेकिन नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति और लगातार कोशिशों ने इस संकट पर काबू पा लिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने हर स्तर पर सही समय पर सही फैसले लिए, संकट की गंभीरता को वक्त रहते भांप लिया और उससे निपटने के लिए एक असरदार रणनीति बनाई। संसाधनों के संतुलित इस्तेमाल और कूटनीतिक ताकत के सकारात्मक इस्तेमाल की बदौलत ही भारत इस मुश्किल दौर से बाहर निकल आया।

अफवाह फैलाने वालों पर सीधा निशाना

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस वक्त कुछ ताकतें सार्वजनिक रूप से डर और अफवाहें फैलाने में जुटी थीं, ठीक उसी दौर में सरकार कड़ी मेहनत, धैर्य और नीतिगत व कूटनीतिक स्तर पर बेहद संवेदनशील फैसले ले रही थी। उन्होंने कहा कि यह पूरा दौर अभूतपूर्व था और यह अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो चुका है।

75 हजार करोड़ रुपये का घाटा सरकार ने खुद उठाया

पीएम मोदी ने बताया कि संकट के दौरान खूब अफवाहें फैलाई गईं, लोगों को डराने और भड़काने की कोशिशें हुईं और इस पर जमकर राजनीति भी हुई, लेकिन गलत मंशा रखने वाले लोग कामयाब नहीं हो पाए। दूर-दराज के इलाकों में भी छोटी-मोटी दिक्कतों को छोड़कर ईंधन की सप्लाई में कोई बड़ी रुकावट नहीं आई। सिर्फ अप्रैल से जून के बीच ही डीजल-पेट्रोल कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा, और सरकार ने इस घाटे की भरपाई की पूरी जिम्मेदारी अपने खजाने से उठाई। साथ ही सरकार ने प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी भी घटाई, ताकि आम जनता पर ज्यादा बोझ न पड़े।

25 से बढ़कर 40 से ज्यादा देशों से ईंधन आयात

पीएम मोदी ने कहा कि जंग के इस दौर में भारत की दूसरे देशों के साथ बनी दोस्ती बहुत काम आई। संकट शुरू होने से पहले भारत करीब 25 से 26 देशों से ईंधन का आयात करता था, लेकिन संकट के समय भारत की कूटनीति का असली दमखम सामने आया। अच्छे अंतरराष्ट्रीय संबंधों की बदौलत भारत ने युद्ध के दौरान ही 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह भारत ने दुनिया को साफ संदेश दिया कि राष्ट्रहित और नागरिकों का हित सबसे ऊपर है, और नागरिक देवो भवः ही सरकार का मंत्र है।

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सवाल-जवाब

पीएम मोदी ने जोधपुर में क्या उद्घाटन किया?
उन्होंने जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया और राजस्थान को कई नई परियोजनाओं की सौगात भी दी।
पीएम मोदी ने किस ऊर्जा संकट का जिक्र किया?
उन्होंने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का जिक्र किया, जो पश्चिम एशिया की जंग से पैदा हुआ था।
इस संकट में डीजल-पेट्रोल कंपनियों को कितना नुकसान हुआ?
अप्रैल से जून के बीच ही कंपनियों को 75 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा झेलना पड़ा।
इस घाटे की भरपाई किसने की?
सरकार ने इस घाटे की भरपाई की पूरी जिम्मेदारी अपने खजाने से उठाई।
जनता पर बोझ कम करने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाया?
सरकार ने प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाई।
संकट से पहले भारत कितने देशों से ईंधन आयात करता था?
संकट से पहले भारत करीब 25 से 26 देशों से ईंधन का आयात करता था।
संकट के दौरान भारत ने कितने देशों से ईंधन मंगाया?
संकट के दौरान भारत ने 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाना शुरू कर दिया।
पीएम मोदी ने अफवाह फैलाने वालों को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें डर और अफवाहें फैलाने में जुटी थीं, लेकिन गलत मंशा रखने वालों की कोशिशें कामयाब नहीं हो पाईं।
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