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जूनागढ़ में घर की बात बाहर फैलने के शक ने ली जान, लोहे की पाइप से हमला, दो बच्चों के सिर से उठा पिता का सायाभारत
25 जून 2026, 10:15 pm (45 दिन पहले)· 2

जूनागढ़ में घर की बात बाहर फैलने के शक ने ली जान, लोहे की पाइप से हमला, दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

जूनागढ़ के मात्री रोड इलाके में एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच मामूली शक ने खूनी रूप ले लिया, जिसमें 40 साल के इम्तियाज महीड़ा की मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

जूनागढ़ के मात्री रोड इलाके में रिश्तों की डोर उस वक्त खून से रंग गई, जब एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच पनपा मामूली शक एक जान ले बैठा। घर की निजी बातें बाहर फैलने की आशंका से शुरू हुई कहासुनी इतनी आगे बढ़ी कि 40 साल के इम्तियाज महीड़ा को अपनी जिंदगी गंवानी पड़ी। पुलिस ने इस मामले में हत्या समेत अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

शक की वह चिंगारी जिसने दो परिवार बांट दिए

दोनों पक्षों के घर एक-दूसरे के पास ही हैं, इसलिए आना-जाना आम बात थी। शिकायतकर्ता मोहम्मद इलियास महीड़ा की मां अपनी ननद फातमाबेन का हालचाल पूछने उनके बेटे अमीर हुसैन के घर पहुंची थीं। यह एक सामान्य पारिवारिक मुलाकात भर थी, लेकिन अमीर हुसैन और उसके परिवार के मन में यह बात बैठ गई कि सामने वाला पक्ष उनके घर की निजी बातें जानकर मोहल्ले में फैला रहा है। बस यहीं से दोनों परिवारों के बीच दूरियां और कड़वाहट गहराती चली गई।

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22 जून की रात बदल गई हिंसक झड़प में

तनाव 22 जून की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच फूट पड़ा। आरोप है कि दिलावर अलीभाई रवन्ना और उसके तीन रिश्तेदार शाहबाज अमीर हुसैन रवन्ना, सुल्तान रवन्ना और साहिल रवन्ना ने मिलकर शिकायतकर्ता के भाई इम्तियाज महीड़ा और दूसरे लोगों पर हमला बोल दिया। मौके पर मौजूद लोगों और महिलाओं ने बीच-बचाव की काफी कोशिश की, लेकिन झगड़ा थमने के बजाय और भड़कता गया।

इसी खींचतान में मुख्य आरोपी शाहबाज ने लोहे की पाइप उठाई और इम्तियाज के सिर पर जोरदार वार कर दिया। बुरी तरह घायल इम्तियाज को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। चूंकि मामला एक ही परिवार के अंदर का था, इसलिए घर के बुजुर्गों ने बीच में पड़कर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया और उसी वक्त पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।

दो दिन बाद बिगड़ी हालत, घर पर ही तोड़ा दम

हालांकि हालात ने अचानक करवट ली। 24 जून को इम्तियाज के सिर में तेज दर्द उठने लगा। तबीयत बिगड़ती देख उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू हुई, लेकिन इससे पहले ही घर पर उसकी मौत हो गई। परिजनों की मांग पर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसकी शुरुआती रिपोर्ट में सिर के अंदर गंभीर रक्तस्राव यानी हेमरेज की पुष्टि हुई। इससे साफ हो गया कि मौत की वजह हमले में लगी वही चोट थी।

घंटों में चारों गिरफ्तार, मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड

मामले की गंभीरता को भांपते हुए जूनागढ़ ए-डिवीजन पुलिस ने तुरंत हरकत में आकर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया और कुछ ही घंटों में सभी को धर दबोचा। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। मृतक अपने पीछे दो छोटे बेटे छोड़ गया है, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। परिवार में मातम पसरा है और परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां और कब हुई?
यह घटना जूनागढ़ के मात्री रोड इलाके में हुई, जहां 22 जून की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच हिंसक झड़प हुई।
मृतक कौन था?
मृतक 40 वर्षीय इम्तियाज महीड़ा था, जो शिकायतकर्ता मोहम्मद इलियास महीड़ा का भाई था।
झगड़े की असली वजह क्या थी?
अमीर हुसैन और उसके परिवार को शक था कि सामने वाला पक्ष उनके घर की निजी बातें जानकर मोहल्ले में फैला रहा है, इसी शक ने दुश्मनी को जन्म दिया।
इम्तियाज की मौत कैसे हुई?
मुख्य आरोपी शाहबाज ने लोहे की पाइप से इम्तियाज के सिर पर वार किया, जिससे सिर के अंदर गंभीर रक्तस्राव हुआ और दो दिन बाद 24 जून को घर पर ही उसकी मौत हो गई।
इस मामले में किन्हें गिरफ्तार किया गया?
पुलिस ने दिलावर अलीभाई रवन्ना, शाहबाज अमीर हुसैन रवन्ना, सुल्तान रवन्ना और साहिल रवन्ना, इन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना के तुरंत बाद पुलिस शिकायत क्यों नहीं हुई?
क्योंकि मामला एक ही परिवार के भीतर का था, इसलिए बुजुर्गों ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया और उस वक्त कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई।
मुख्य आरोपी के बारे में पुलिस को क्या पता चला?
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
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