जूनागढ़ के मात्री रोड इलाके में रिश्तों की डोर उस वक्त खून से रंग गई, जब एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच पनपा मामूली शक एक जान ले बैठा। घर की निजी बातें बाहर फैलने की आशंका से शुरू हुई कहासुनी इतनी आगे बढ़ी कि 40 साल के इम्तियाज महीड़ा को अपनी जिंदगी गंवानी पड़ी। पुलिस ने इस मामले में हत्या समेत अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर चार आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
शक की वह चिंगारी जिसने दो परिवार बांट दिए
दोनों पक्षों के घर एक-दूसरे के पास ही हैं, इसलिए आना-जाना आम बात थी। शिकायतकर्ता मोहम्मद इलियास महीड़ा की मां अपनी ननद फातमाबेन का हालचाल पूछने उनके बेटे अमीर हुसैन के घर पहुंची थीं। यह एक सामान्य पारिवारिक मुलाकात भर थी, लेकिन अमीर हुसैन और उसके परिवार के मन में यह बात बैठ गई कि सामने वाला पक्ष उनके घर की निजी बातें जानकर मोहल्ले में फैला रहा है। बस यहीं से दोनों परिवारों के बीच दूरियां और कड़वाहट गहराती चली गई।
22 जून की रात बदल गई हिंसक झड़प में
तनाव 22 जून की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच फूट पड़ा। आरोप है कि दिलावर अलीभाई रवन्ना और उसके तीन रिश्तेदार शाहबाज अमीर हुसैन रवन्ना, सुल्तान रवन्ना और साहिल रवन्ना ने मिलकर शिकायतकर्ता के भाई इम्तियाज महीड़ा और दूसरे लोगों पर हमला बोल दिया। मौके पर मौजूद लोगों और महिलाओं ने बीच-बचाव की काफी कोशिश की, लेकिन झगड़ा थमने के बजाय और भड़कता गया।
इसी खींचतान में मुख्य आरोपी शाहबाज ने लोहे की पाइप उठाई और इम्तियाज के सिर पर जोरदार वार कर दिया। बुरी तरह घायल इम्तियाज को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। चूंकि मामला एक ही परिवार के अंदर का था, इसलिए घर के बुजुर्गों ने बीच में पड़कर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया और उसी वक्त पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
दो दिन बाद बिगड़ी हालत, घर पर ही तोड़ा दम
हालांकि हालात ने अचानक करवट ली। 24 जून को इम्तियाज के सिर में तेज दर्द उठने लगा। तबीयत बिगड़ती देख उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू हुई, लेकिन इससे पहले ही घर पर उसकी मौत हो गई। परिजनों की मांग पर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसकी शुरुआती रिपोर्ट में सिर के अंदर गंभीर रक्तस्राव यानी हेमरेज की पुष्टि हुई। इससे साफ हो गया कि मौत की वजह हमले में लगी वही चोट थी।
घंटों में चारों गिरफ्तार, मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
मामले की गंभीरता को भांपते हुए जूनागढ़ ए-डिवीजन पुलिस ने तुरंत हरकत में आकर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया और कुछ ही घंटों में सभी को धर दबोचा। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इस घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। मृतक अपने पीछे दो छोटे बेटे छोड़ गया है, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। परिवार में मातम पसरा है और परिजन आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।













