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जुनेद मलिक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली पुलिस पर अवैध हिरासत और परिवार को तंग करने का गंभीर आरोपदिल्ली
28 जुल॰ 2026, 4:11 pm (48 दिन पहले)· 0

जुनेद मलिक पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली पुलिस पर अवैध हिरासत और परिवार को तंग करने का गंभीर आरोप

छात्र आंदोलन में भोजन वितरण का काम करने वाले जुनेद मलिक ने पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। उन्होंने परिवार को भी निशाना बनाने का दावा किया है।

राष्ट्रीय राजधानी में हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान स्वयंसेवक के रूप में खाना बांटने वाले जुनेद मलिक ने अब कानूनी लड़ाई का रुख किया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सर्वोच्च न्यायालय में अर्जी दाखिल की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि उन्हें गैरकानूनी तरीके से पकड़ा गया और उनके परिजनों पर भी अनुचित दबाव बनाया गया।

पुलिस हिरासत और मानसिक प्रताड़ना का दावा

दाखिल की गई याचिका के अनुसार, जुनेद मलिक को कानून प्रवर्तन एजेंसियां राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से अपने साथ ले गईं। उनका कहना है कि उन्हें एक वाहन के अंदर पांच से छह घंटे तक बंद रखा गया। इस दौरान उन्हें धमकियां दी गईं और मानसिक रूप से परेशान किया गया। इसके बाद उन्हें देहरादून मार्ग पर किसी सुनसान जगह पर उतार दिया गया।

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परिजनों को हिरासत में लेने और छापेमारी के आरोप

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि गाजियाबाद पुलिस ने उनके पिता को पकड़कर रखा और उनके आवास की तलाशी ली। इसके अलावा, मेरठ में रहने वाली उनकी शादीशुदा बहन के घर भी पुलिस दल पहुंचा, जहां उनके बहनोई के पिता और भाई को हिरासत में ले लिया गया। आरोप है कि यह सारी कार्रवाई बिना किसी कागजी नोटिस या कानूनी प्रक्रिया के की गई, जिसका मकसद सिर्फ उनके परिवार में खौफ पैदा करना था।

न्यायालय से राहत की गुहार

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत इस याचिका में गुहार लगाई गई है कि अदालत उनके और उनके परिजनों के खिलाफ किसी भी तरह की दमनकारी या बलपूर्वक कार्रवाई पर रोक लगाए। इस मामले में अभी सर्वोच्च अदालत की तरफ से सुनवाई के लिए कोई तारीख मुकर्रर नहीं की गई है।

सवाल-जवाब

जुनेद मलिक ने सुप्रीम कोर्ट में क्यों याचिका दायर की है?
उन्होंने दिल्ली पुलिस पर अवैध हिरासत, मानसिक प्रताड़ना और परिवार को परेशान करने का आरोप लगाते हुए याचिका दाखिल की है।
याचिका में पुलिस पर क्या मुख्य आरोप लगाए गए हैं?
याचिका के अनुसार पुलिस उन्हें 5 से 6 घंटे वाहन में बंद रखकर देहरादून रोड पर छोड़ आई और उनके पिता व रिश्तेदारों को भी बिना नोटिस के हिरासत में लिया।
क्या इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो चुकी है?
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस याचिका पर सुनवाई की तारीख तय होना अभी बाकी है।
घटना के दौरान जुनेद मलिक की भूमिका क्या थी?
वह दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के दौरान फूड वॉलंटियर के तौर पर काम कर रहे थे।
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