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कर्मचारियों के डीए बकाए पर पंजाब सरकार को फटकार, मुख्य सचिव पर एक लाख का जुर्मानाभारत
27 अक्तू॰ 2026, 6:58 pm (10 दिन पहले)· 4

कर्मचारियों के डीए बकाए पर पंजाब सरकार को फटकार, मुख्य सचिव पर एक लाख का जुर्माना

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के भुगतान में हीलाहवाली पर मुख्य सचिव पर जुर्माना लगाते हुए व्यक्तिगत पेशी का आदेश दिया है, जबकि मंत्री संजीव अरोड़ा की जमानत भी खारिज कर दी गई।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए पंजाब के मुख्य सचिव पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े वित्तीय बकाए के मामले में सरकार की ओर से लगातार बरती जा रही सुस्ती को लेकर अदालत ने यह सख्त कदम उठाया। इसी के साथ सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी को आगामी 3 नवंबर को व्यक्तिगत तौर पर अदालत के समक्ष हाजिर होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।

शीर्ष अदालत में विशेष याचिका पर लापरवाही

अदालत की सुनवाई के दौरान यह तथ्य रिकॉर्ड पर आया कि राज्य प्रशासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई विशेष अनुमति याचिका (SLP) दो महीने से भी अधिक समय से त्रुटि सूची में पड़ी हुई थी। इस प्रक्रियात्मक ढिलाई पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए पीठ ने मुख्य सचिव को एक हलफनामा पेश करने का निर्देश जारी किया। इस हलफनामे में अधिकारी को विस्तार से यह दर्ज करना होगा कि हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में पारित किए गए निर्देशों का पालन समय रहते क्यों नहीं सुनिश्चित किया गया।

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महंगाई भत्ते और राहत भुगतान का विवाद

यह कानूनी विवाद पंजाब के वर्तमान कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के वित्तीय अधिकारों से जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत कर्मियों और पेंशन प्राप्तकर्ताओं को महंगाई भत्ते (DA) तथा महंगाई राहत (DR) की बकाया राशि जारी नहीं की जा रही थी। बकाए के इस भुगतान को लंबे समय तक रोके रखने के कारण प्रभावित कर्मचारियों ने न्यायिक हस्तक्षेप की गुहार लगाई थी, जिसके बाद यह पूरा प्रकरण अदालत के संज्ञान में आया।

मंत्री संजीव अरोड़ा को वित्तीय अपराध मामले में राहत नहीं

प्रशासनिक खींचतान के बीच सरकार को उस वक्त एक और कानूनी असफलता मिली, जब आम आदमी पार्टी के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा की नियमित जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया गया। न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उनकी रिहाई की मांग को अस्वीकार किया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 9 मई को उन्हें अपनी हिरासत में लिया था। जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से संबंधित 102.5 करोड़ रुपये के गलत जीएसटी रिफंड और मोबाइल फोन निर्यात में कथित वित्तीय गड़बड़ियों के सिलसिले में की गई थी।

सवाल-जवाब

पंजाब के मुख्य सचिव पर हाईकोर्ट ने कितना जुर्माना लगाया है?
अदालत ने प्रक्रियात्मक लापरवाही और आदेशों के पालन में ढिलाई पर मुख्य सचिव पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
मुख्य सचिव को अदालत में व्यक्तिगत रूप से कब पेश होना है?
मुख्य सचिव को 3 नवंबर को अदालत में स्वयं उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
यह पूरा कानूनी विवाद किस विषय से संबंधित है?
यह विवाद पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के बकाए से जुड़ा है।
मंत्री संजीव अरोड़ा को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से जुड़े 102.5 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी रिफंड और मोबाइल फोन निर्यात मामले में गिरफ्तार किया गया था।
संजीव अरोड़ा को जांच एजेंसी ने कब गिरफ्तार किया था?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 9 मई को हिरासत में लिया था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·9 दिन पहले

कर्मचारियों का हक इस तरह दबाना और ऊपर से कोर्ट में भी ऐसी लापरवाही, क्या सच में इन्हें किसी का डर नहीं है?

Ravikash Gupta@ravikash·9 दिन पहले

सरकारी महकमों में फाइलों को लटकाने की आदत सुधरने का नाम ही नहीं ले रही है। कर्मचारियों का डीए रोकना और ऊपर से कोर्ट में लापरवाही बरतना सरकार की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है, जबकि दूसरी तरफ मंत्रियों के वित्तीय मामलों में फंसने से हालात और बिगड़ रहे हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·9 दिन पहले

रविकेश जी, आपकी बात बिल्कुल सही है कि फाइलों का लटकना प्रशासनिक लापरवाही दिखाता है, लेकिन क्या मुख्य सचिव साहब को अपनी जेब से जुर्माना भरना पड़ेगा या जनता के टैक्स से यह पैसा जाएगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 दिन पहले

कर्मचारियों के बकाए पर सरकार की यह लापरवाही ठीक नहीं है। अदालत की सख्ती से ही अब शायद कुछ असर होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·9 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। जब तक कोर्ट ऐसांडा डंडा न चलाए, अधिकारी फाइलें आगे बढ़ाते ही नहीं हैं।

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