उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए धनतेरस का दिन बेहद खास साबित हुआ, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में पुलिस सेवा के लिए चुने गए 4,543 नौजवानों को आधिकारिक तौर पर नियुक्ति पत्र सौंपे। लोक कल्याण मार्ग स्थित इस भव्य कार्यक्रम के दौरान माहौल काफी उत्साहपूर्ण था, क्योंकि चयनित अभ्यर्थियों के लंबे संघर्ष का परिणाम उनके हाथों में आ रहा था। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एक बेहद सीधा और स्पष्ट संवाद स्थापित करते हुए नई नियुक्तियों की निष्पक्षता पर जोर दिया और युवाओं से कुछ तीखे सवाल भी किए।
भर्ती प्रक्रिया पर सीएम के तीखे सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान चयनित युवाओं से सीधे मुखातिब होते हुए तीन बड़े सवाल पूछे। उन्होंने सबसे पहले युवाओं से यह जानने की कोशिश की कि क्या इस पूरी भर्ती प्रक्रिया के दौरान नौकरी हासिल करने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की सिफारिश का सहारा लेना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने दूसरा सवाल पूछते हुए पूछा कि क्या किसी भी स्तर पर पैसे का लेन-देन हुआ था या फिर किसी ने उन्हें रिश्वत देने का प्रस्ताव दिया था।
सीएम का तीसरा सवाल इस बात पर केंद्रित था कि क्या किसी ने अपनी धौंस दिखाकर यह नियुक्ति पत्र हासिल करने का प्रयास किया था। खुद ही इन सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरी बात तो वह खुद भी स्वीकार नहीं करते हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि चयन पूरी तरह निष्पक्ष रहा है। इस दौरान उन्होंने सभी नए पुलिसकर्मियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई दी और उनके परिवारों की खुशियों में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
धनतेरस पर मिला रोजगार का बड़ा तोहफा
धनतेरस के पावन पर्व पर युवाओं को मिले इस तोहफे से पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राज्य के नौजवानों को रोजगार देने का यह सिलसिला बिना किसी रुकावट, बिना किसी दबाव और बिना झुके लगातार आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कुछ नियुक्ति पत्र तकनीकी कारणों से अभी रोके गए हैं, जिन्हें राज्य में तीसरी बार सरकार बनने के बाद प्रदान किया जाएगा। उनके इस बयान से साफ है कि आने वाले समय में भी रोजगार सृजन को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह स्पष्ट और मजबूत बनी रहेंगी।
पारदर्शिता और शिक्षकों की भर्ती का जिक्र
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वर्ष 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक नियुक्तियों का पूरा परिदृश्य बदल चुका है। अब राज्य के युवाओं को बिना किसी सिफारिश, बिना किसी भाई-भतीजावाद और पूरी तरह बिना रिश्वत के सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। सरकार का यह प्रयास युवाओं की वास्तविक मेहनत और उनकी प्रतिभा को पूरा सम्मान देने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इसी कड़ी में उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार बहुत जल्द प्रदेश के 25 हजार शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र वितरित करने वाली है।
मुख्यमंत्री के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा प्रशासन के कार्यकाल में अब तक एक लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह सिलसिला यहीं रुकने वाला नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में और अधिक युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस पूरी पारदर्शी व्यवस्था से आम युवाओं में राज्य प्रशासन के प्रति भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का संबोधन
रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी शिरकत की और नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज इन युवाओं को एक ऐसी महत्वपूर्ण और गौरवशाली जिम्मेदारी मिलने जा रही है, जिसकी कल्पना समाज के तमाम लोग करते हैं, लेकिन हर किसी को यह अवसर नसीब नहीं हो पाता। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन सभी अभ्यर्थियों का चयन पूरी तरह से उनकी अपनी योग्यता के दम पर हुआ है, जिसमें किसी भी प्रकार का पक्षपात या सिफारिश आड़े नहीं आई।
वित्त मंत्री ने इसे पूरे समाज के लिए एक बड़ा संदेश बताते हुए कहा कि जीवन में कितनी भी चुनौतियां क्यों न हों, यदि कोई व्यक्ति पूरी निष्ठा और कठिन परिश्रम करे तो उसे अपनी मेहनत का मनचाहा परिणाम अवश्य मिलता है। उन्होंने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की कि वे जनता की सेवा में पूरी ईमानदारी से अपनी भूमिका निभाएंगे और राज्य में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अपना पूरा योगदान देंगे।





















