आगामी दुर्गा पूजा के अवसर पर कोलकाता की सड़कों और पंडालों में एक अलग ही रंगत देखने को मिलेगी। इस बार उत्सव के दौरान कोलकाता पुलिस के होम गार्ड और सिविक वॉलंटियर्स पूरी तरह भगवा रंग में रंगे नजर आएंगे। कानून व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभालने और भीड़ पर नियंत्रण रखने के लिए कुल बीस हजार वॉलंटियर्स के वास्ते विशेष केसरिया टी-शर्ट और टोपियां तैयार कराई गई हैं। कोलकाता पुलिस के मुख्यालय यानी लालबाजार से जुड़े सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार की भारी भीड़ के बीच ड्यूटी कर रहे सभी कर्मी आरामदायक और व्यावहारिक लिबास में रहें।
लालबाजार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि त्योहार के दिनों में लंबी ड्यूटी के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसलिए ये नए कपड़े डिजाइन किए गए हैं। इन बीस हजार परिधानों और टोपियों के निर्माण पर कुल नवासी लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है। हर साल दुर्गा पूजा के मौके पर कोलकाता पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ शहरभर के विशाल पंडालों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में अतिरिक्त कर्मियों की भर्ती करती है। आमतौर पर इन कर्मियों को ड्यूटी के दौरान आधी बाजू की टी-शर्ट पहननी पड़ती थी, लेकिन इस बार व्यवस्था में यह नया बदलाव किया गया है।
शहर में इस वर्ष दुर्गा पूजा का यह महापर्व अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में मनाया जाएगा। इस दौरान नियमित पुलिस बल के अधिकारियों और जवानों के अलावा बड़ी संख्या में होम गार्ड और सिविक वॉलंटियर्स को भी सुरक्षा के मोर्चे पर तैनात किया जाता है, जो विजयादशमी के समापन तक अपनी सेवाएं देते हैं। उत्सव के इन दिनों में महानगर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और हर कोने में शांति कायम रखने के लिए पुलिस महकमा पूरी तरह से इन वॉलंटियर्स पर निर्भर रहता है। सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के उद्देश्य से स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों के साथ-साथ एनसीसी यानी नेशनल कैडेट कोर के सदस्यों और स्थानीय क्लबों के युवाओं को भी वॉलंटियर के रूप में जोड़ा जाता है।
महालया का पर्व संपन्न होने के तुरंत बाद संबंधित पुलिस डिवीजनों में इन सभी वॉलंटियर्स के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। पुलिस बल के साथ मिलकर कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले इन सहायकों की पोशाक पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि भीड़ के बीच उनकी पहचान आसानी से हो सके। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पूजा के आगमन से ठीक एक महीने पहले कोलकाता पुलिस ने इस नई यूनिफॉर्म को अंतिम रूप दिया है। लालबाजार के अधिकारी ने जानकारी दी कि इस बार दो अलग-अलग प्रकार के केसरिया रंगों में टी-शर्ट तैयार की जा रही हैं, जिनमें कॉलर के साथ पूरी बाजू के कपड़े शामिल हैं।
तैयार की गई पोशाकों में गहरे केसरिया और हल्के केसरिया रंग के विकल्प रखे गए हैं, जिनमें कुल बारह हजार गहरे केसरिया रंग के और आठ हजार हल्के केसरिया रंग के वस्त्र शामिल हैं। इन सभी कपड़ों के अग्रभाग पर सफेद रंग में कोलकाता पुलिस का आधिकारिक लोगो मुद्रित किया गया है। इसके अलावा, पहचान को स्पष्ट करने के लिए कपड़ों के सामने छोटे अक्षरों में और पीछे की तरफ बड़े अक्षरों में कोलकाता पुलिस वॉलंटियर अंकित किया गया है। इन कपड़ों के साथ-साथ सभी वॉलंटियर्स के सिर पर पहनने के लिए विशेष नारंगी रंग की टोपियां भी दी जाएंगी, जो धूप और भीड़भाड़ में उनकी अलग पहचान बनाए रखेंगी।
वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, लालबाजार प्रशासन ने बीस हजार विशेष कपड़ों के निर्माण के लिए तिहत्तर लाख रुपये और बीस हजार टोपियों के लिए सोलह लाख रुपये की राशि आवंटित की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन कपड़ों को पहनकर वॉलंटियर्स का एक बड़ा हिस्सा शहर की सड़कों पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए तैनात रहेगा। इसके अलावा, कोलकाता के प्रत्येक प्रमुख और बड़े पूजा पंडाल के बाहर भी इनकी ड्यूटियां लगाई जाएंगी, जहां हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ये वॉलंटियर्स मुख्य रूप से पंडालों में आने वाले आम लोगों की सुरक्षा, संरक्षा और भगदड़ जैसी स्थितियों से बचाव पर अपनी पैनी नजर रखेंगे।













