गुरुग्राम के बहुचर्चित हिट एंड रन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और उसके एक साथी को दबोच लिया है। गोल्फ कोर्स रोड पर तेज रफ्तार मारुति सुजुकी सियाज कार से एक महिला बाइक सवार को कुचलने का प्रयास करने के आरोपी जिम मालिक को घटना के दो दिन बाद मंगलवार को धर दबोचा गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से ही शहर में सड़क सुरक्षा, लापरवाही से वाहन चलाने और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास और पीछा करने जैसी सख्त धाराएं जोड़ी हैं।
कल्याण बैंसला और उसका साथी गिरफ्तार
मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला को पकड़ने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने तीन विशेष टीमों का गठन किया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी के साथी को गुरुग्राम से कुछ ही दूरी पर स्थित राजस्थान के राजगढ़ से गिरफ्तार किया गया। घटना के समय आरोपी कल्याण बैंसला और उसका एक रिश्तेदार कार में मौजूद थे। गिरफ्तार किए गए रिश्तेदार की पहचान लवनीश के रूप में हुई है, जो पलवल की न्यू कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किए जाने के बाद पुलिस हिरासत में लिया जाएगा।
कस्टडी से भागने की कोशिश और चोट
गिरफ्तारी के तुरंत बाद मुख्य आरोपी कल्याण बैंसला ने पुलिस को चकमा देने की फिराक में एक अजीब हरकत की। पुलिस हिरासत में रहते हुए उसने पेशाब करने का बहाना बनाया और वहां से भागने का प्रयास किया। हालांकि इस दौरान वह जमीन पर गिर गया जिससे उसे चोटें आईं। पुलिस ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है।
पीड़िता शिवानी चौहान के गंभीर आरोप
घटना का शिकार हुई 27 वर्षीय अप्रिलिया आरएस 457 स्पोर्ट्स बाइक चालक शिवानी चौहान ने इस पूरी दुर्घटना को जानलेवा हमला बताया है। पीड़िता ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया था जिसमें कार द्वारा टक्कर मारकर मौके से फरार होने के दृश्य साफ दिखाई दे रहे थे। शिवानी चौहान ने मंगलवार को पुलिस जांच में शामिल होकर अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने अदालत में भी अपना बयान दर्ज कराया और उनके वकील संजय चौहान ने बताया कि पीड़िता ने कोर्ट में ठीक उसी तरह घटना का ब्योरा दिया जैसी वह वास्तव में घटी थी।
पुलिस और प्रशासन का पक्ष
गुरुग्राम के पुलिस उपायुक्त (पूर्व) संदीप कुमार ने स्पष्ट किया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी उसका पीछा कर रहा था और उसने अपमानजनक टिप्पणियां भी की थीं। डीसीपी ने कहा कि बहस के बाद जानबूझकर साइड से टक्कर मारी गई थी जिससे साफ होता है कि आरोपी का इरादा पीड़िता की जान लेने का था। गुरुग्राम पुलिस आयुक्त सिबाश कविराज के निर्देश पर सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो की गहन जांच के बाद प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, धारा 78 और धारा 79 को जोड़ा गया। उपयोग की गई कार बैंसला के किसी परिचित के पंजीकृत नाम पर है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।
आरोपी पक्ष का सफाईनामा और तर्क
दूसरी ओर आरोपी के वकील नवीन बैंसला ने अपने मुवक्किल का बचाव करते हुए एक अलग ही कहानी सामने रखी है। वकील का दावा है कि टक्कर के बाद उनका मुवक्किल भीड़ द्वारा पीटे जाने के डर से घटनास्थल से चला गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटनास्थल पर लगभग 25 से 30 बाइक सवार मौजूद थे जो 120 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां चला रहे थे। आरोपी पक्ष का कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना थी और जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। हालांकि पीड़िता ने इस तर्क पर सवाल उठाया कि यदि यह महज दुर्घटना थी तो आरोपी ने रुककर मदद क्यों नहीं की।
पीड़िता की सुरक्षा और गवाही
शिवानी चौहान का कहना है कि यदि उन्होंने सुरक्षात्मक परिधान नहीं पहने होते तो इस हादसे में उनकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला होने के कारण उन्हें विशेष रूप से निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और सामने आए सीसीटीवी फुटेज इस मामले में सबसे बड़े सबूत बने हैं। पुलिस अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि घटना के वक्त कार में और कौन-कौन लोग मौजूद थे और किन लोगों ने मुख्य आरोपी को भगाने में मदद की थी।


















