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मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: मध्य प्रदेश, बिहार और गुजरात समेत कई राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, जानें दिल्ली का हालभारत
27 अग॰ 2026, 7:23 am (1 घंटे पहले)· 3

मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: मध्य प्रदेश, बिहार और गुजरात समेत कई राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, जानें दिल्ली का हाल

देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा और गुजरात समेत कई राज्यों के लिए भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।

देशभर के विभिन्न हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है, जिससे कई राज्यों में लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने नवीनतम पूर्वानुमान में जानकारी दी है कि गुरुवार को भी देश के कई इलाकों में मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान मौसम वैज्ञानिकों ने तेज आंधी चलने और कुछ स्थानों पर वज्रपात होने की भी चेतावनी जारी की है। नागरिकों को खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में तेज वर्षा का अनुमान

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 27 से 30 अगस्त के समय चक्र में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गंगा के मैदानी क्षेत्रों में स्थित पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अत्यधिक वर्षा देखने को मिल सकती है। विशेष रूप से ओडिशा में 29 और 30 अगस्त के दौरान कई स्थानों पर गर्जना के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

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इस समयावधि में तटीय और मैदानी क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनकी रफ्तार बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। द्वीप क्षेत्रों की बात करें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हवाओं की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में भी मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने का अनुमान है।

पश्चिमी और दक्षिणी भारत में मौसम की स्थिति

पश्चिमी भारत के राज्यों में मौसम संबंधी गतिविधि की बात करें तो 27 अगस्त से लेकर 1 सितंबर के बीच गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र, कोंकण, गोवा और कच्छ के इलाकों में लगातार बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर मध्यम और कुछ हिस्सों में भारी जलभराव की स्थिति बन सकती है।

दक्षिण भारत में उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने और बिजली गिरने का जोखिम है। इन राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम और दिल्ली का हाल

पूर्वोत्तर के राज्यों में भी 27 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान बारिश का सिलसिला बना रहेगा। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आंधी-तूफान आने और बादलों की गर्जना के साथ वर्षा होने का अनुमान है। इन राज्यों में बुधवार को भी वर्षा दर्ज की गई थी, जिसके बाद अब आने वाले दिनों में स्थिति ऐसी ही रहने वाली है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार सुबह से दोपहर के मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की वर्षा या बौछारें गिर सकती हैं। इस दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान 33°C से 35°C के मध्य दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 25°C से 27°C के आसपास रहने की संभावना है। मौसम में आया यह बदलाव उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र के दक्षिण उत्तर प्रदेश तथा उससे लगे इलाकों की ओर आगे बढ़ने के कारण देखा जा रहा है।

सवाल-जवाब

27 से 30 अगस्त के दौरान किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है?
इस अवधि के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की संभावना है।
दिल्ली में गुरुवार को मौसम कैसा रहने का अनुमान है?
दिल्ली में बादल छाए रहेंगे और सुबह से दोपहर के बीच हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 33°C से 35°C और न्यूनतम तापमान 25°C से 27°C रहने की उम्मीद है।
ओडिशा और अंडमान द्वीप समूह में हवा की गति कितनी रह सकती है?
ओडिशा में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो बढ़कर 60 किमी/घंटा तक जा सकती हैं, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हवा की गति 70 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में बारिश का दौर कब तक जारी रहेगा?
पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, नागालैंड आदि) और दक्षिणी व पश्चिमी क्षेत्रों (गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि) में 27 अगस्त से 1 सितंबर तक बारिश और आंधी की संभावना है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·52 मिनट पहले

अपराध और न्याय व्यवस्था की बीट पर काम करने के दौरान हमने अक्सर देखा है कि प्राकृतिक आपदाओं और भारी बारिश के समय आपदा प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर किस तरह से कानून-व्यवस्था की गंभीर समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। मौसम विभाग के इस व्यापक अलर्ट के मद्देनजर, मध्य प्रदेश, बिहार, गुजरात और अन्य प्रभावित राज्यों के स्थानीय प्रशासन को जलभराव और आपदा से निपटने के लिए तुरंत और कड़े प्रशासनिक कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·52 मिनट पहले

करण मल्होत्रा के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह के व्यापक मौसमी अलर्ट का सीधा असर ज़मीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर पड़ता है। बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में भारी बारिश और जलभराव के दौरान स्थानीय निकायों और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय बेहद अहम हो जाता है। यदि समय रहते निचले इलाकों में जल निकासी और ट्रैफिक डायवर्जन के पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए गए, तो शहरी क्षेत्रों में जाम और अव्यवस्था से नागरिक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है, जिससे प्रशासन की तैयारियों की असल परीक्षा होगी।

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